बॉम्बे हाईकोर्ट ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. हाईकोर्ट ने NEET सहित कई प्रतियोगी और दूसरी परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 25 स्पेशल फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई हैं.
इन 25 अदालतों में महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों की 23 नई अदालतें शामिल हैं, जबकि औरंगाबाद और नागपुर की 2 अदालतें पहले ही (24 जुलाई को) बनाई जा चुकी थीं.
बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (निरीक्षण-I) ने 1 अगस्त 2026 को नोटिस जारी करके इसकी जानकारी दी.
ये विशेष अदालतें तीन प्रमुख कानूनों के तहत दर्ज अपराधों का ट्रायल करेंगी. इनमें लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम- 2024, भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के प्रासंगिक प्रावधान और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम, 1982 शामिल हैं.
कई जिलों में न्यायिक अधिकारियों की तैनाती
हाईकोर्ट की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक, राज्य के प्रमुख जिलों और शहरों में न्यायिक अधिकारियों को विशेष न्यायाधीश के रूप में नामित किया गया है. इसमें मुंबई (सिटी सिविल कोर्ट और विक्रोली), पुणे, ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, बीड़, चंद्रपुर और धुले शामिल हैं. इसके अलावा गढ़चिरौली, गोंदिया, जलगांव, जालना, उस्मानाबाद, परभणी, सांगली, सातारा, सोलापुर, वर्धा, यवतमाल, वाशिम और नंदुरबार भी लिस्ट का हिस्सा हैं.
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पुणे में भ्रष्टाचार निवारण अदालत की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट यू. एस. एम. अल अमूदी और पिंपरी-चिंचवड़ के संयुक्त सिविल जज आर. आर. शेरेकर को ये जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, मुंबई सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट के जज ए. ए. नंदगांवकर और विक्रोली कोर्ट की एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट पी. वी. हिंगणे को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए नामित किया गया है.