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कभी केजरीवाल पर लगाए थे 854 करोड़ की वसूली के आरोप, अब AAP से जाएंगे RS

आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने से पहले सुशील गुप्ता कांग्रेस के साथ थे. 2015 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था. इसके अलावा सुशील गुप्ता का एक पोस्टर काफी चर्चा में आया था. इस पोस्टर में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था.

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सुशील गुप्ता ने लगाए थे केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर
सुशील गुप्ता ने लगाए थे केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर

आम आदमी पार्टी ने आखिरकार लंबे मंथन के बाद अपने राज्यसभा उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. आम आदमी पार्टी की ओर से यूपी प्रभारी संजय सिंह, CA नारायण दास गुप्ता और कारोबारी सुशील गुप्ता राज्यसभा जाएंगे. इन तीनों में से संजय सिंह के अलावा कारोबारी सुशील गुप्ता का केजरीवाल से पुराना नाता है.

आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने से पहले सुशील गुप्ता कांग्रेस के साथ थे. 2015 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था. इसके अलावा सुशील गुप्ता का एक पोस्टर काफी चर्चा में आया था. इस पोस्टर में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था.

दरअसल, एक रिपोर्ट में सामने आया था कि केजरीवाल सरकार ने प्रचार-प्रसार के लिए कई करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जिसके खिलाफ सुशील गुप्ता की अगुवाई में अभियान चला था. पोस्टर में लिखा था कि 854 करोड़ रुपए जनता की कमाई, केजरीवाल ने प्रचार में लुटाई. सुशील गुप्ता ने इसे वसूली दिवस का नाम दिया था.

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आपको बता दें कि कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे सुशील गुप्ता स्कूल कॉलेज और अस्पताल चलाने के साथ समाज सेवा भी करते हैं. सुशील गुप्ता केजरीवाल के समर्थक रहे हैं और समाज में एक साफ छवि रखते हैं. गुप्ता के नाम का ऐलान करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह 15000 बच्चों को फ्री एजुकेशन दे रहे हैं तो इससे बड़ा काम क्या होगा.

उम्मीदवारों को लेकर थी अटकलें

बीते 29 दिसंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव चुनावी प्रक्रिया तो शुरू हो गयी है. लेकिन AAP ने अभी तक पत्ते नहीं खोले थे. यूपी के प्रभारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का राज्यसभा जाना तय है और पार्टी में उनके नाम पर पहले ही सहमति बना चुकी थी. दो अन्य उम्मीदवारों में चार्टर्ड अकाउंटेंट नारायण दास गुप्ता और कारोबारी सुशील गुप्ता भी आ रहा था जो अब फाइनल हो चुका है. चार बड़े चैरिटेबल हॉस्पिटल चल रहे हैं.

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