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ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 तस्कर गिरफ्तार, 15 लाख के विदेशी नशीले पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत के विदेशी मादक पदार्थ बरामद हुए हैं. आरोपी स्कूल-कॉलेज और हॉस्टल के छात्रों को छोटी पुड़िया और गोलियों में ड्रग्स बेचते थे. पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है.

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छात्रों को 3-4 हजार रुपये में बेचते थे ड्रग्स.(Photo: Arun Tyagi/ITG)
छात्रों को 3-4 हजार रुपये में बेचते थे ड्रग्स.(Photo: Arun Tyagi/ITG)

ग्रेटर नोएडा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत के विभिन्न प्रकार के विदेशी मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान निवासी मधुबन विहार, दीपक कुमार निवासी सूरजपुर और मूल रूप से अल्मोड़ा (उत्तराखंड), शिवम कुमार निवासी सेक्टर-82 नोएडा और बोबी निवासी हल्दौनी के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं.

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बरामद सामान में 1 किलो 50 ग्राम सिलोंग गांजा, 70 ग्राम शैम्पेन एमडी, 75 ग्राम ओजी, 144 MDMA की गोलियां और 63 ग्राम काला हैश शामिल है. इसके अलावा पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है.

स्कूल-कॉलेज और हॉस्टल थे निशाने पर

पुलिस के मुताबिक, आरोपी नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी पुड़िया और गोलियां तैयार करते थे. इसके बाद इन्हें स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को महंगे दामों पर बेचा जाता था. आरोपी युवाओं को नशे की लत लगाकर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहे थे.

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पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विदेशी किस्म के मादक पदार्थों को करीब 3 से 4 हजार रुपये प्रति ग्राम या निर्धारित मात्रा के हिसाब से बेचते थे. इस तरह नशीले पदार्थों की छोटी मात्रा तैयार कर छात्रों तक पहुंचाई जाती थी.

पुलिस का कहना है कि आरोपी युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहे थे. ऐसे लोगों की गतिविधियों से छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे.

पुलिस पिकेट के पास घेराबंदी कर दबोचे गए

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार के मुताबिक, नॉलेज पार्क पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस टीम ने क्राउन एक्सपो की ओर से एक्सपोमार्ट जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिस पिकेट के पास घेराबंदी की थी.

इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपियों को पकड़ा. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से अलग-अलग प्रकार के मादक पदार्थ बरामद हुए. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा और घटना में इस्तेमाल बाइक को भी कब्जे में ले लिया.

ग्रेटर नोएडा

बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की. पूछताछ में ड्रग्स को छोटी-छोटी पुड़िया और गोलियों के रूप में तैयार कर छात्रों तक पहुंचाने की जानकारी सामने आई. पुलिस अब आरोपियों के बयान और बरामद सामान के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

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15 लाख के विदेशी ड्रग्स की सप्लाई कहां से आती थी?

इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब ड्रग्स की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को विदेशी किस्म के ये मादक पदार्थ कहां से मिलते थे और इन्हें कौन सप्लाई करता था.

जांच एजेंसी यह भी पता कर रही है कि गिरोह में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है. साथ ही यह जांच की जा रही है कि इनका संपर्क किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से तो नहीं है.

बरामद विदेशी मादक पदार्थों की मात्रा और अलग-अलग प्रकार के ड्रग्स को देखते हुए पुलिस सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. पूछताछ और डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है.

NDPS एक्ट में केस, छात्रों को बचाने के लिए अभियान

पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है और उनके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.

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पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद ड्रग्स को किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था और अब तक कितने लोगों तक इसकी पहुंच बनी. खासतौर पर शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों के आसपास नशे की बिक्री पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर उनका भविष्य बर्बाद करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. शैक्षणिक संस्थानों और हॉस्टलों के आसपास ड्रग्स की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है.

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