राजधानी रायपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने पिछले कई वर्षों में देशभर के 300 से ज्यादा फाइव स्टार होटलों को अपना निशाना बनाया. आरोपी महंगे होटलों में ठहरता था, वहां की सभी सुविधाओं का पूरा आनंद लेता था और फिर बिना बिल चुकाए फरार हो जाता था. इतना ही नहीं, वह होटल का कीमती सामान भी अपने साथ ले जाता था. पुलिस ने आरोपी को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 69 साल के बिंगसन जॉन के रूप में हुई है. वह तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ देश के 10 से अधिक राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह मेट्रो शहरों सहित अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता रहा है. आरोपी करीब 15 वर्ष तक विभिन्न जेलों में भी रह चुका है. इनमें तिहाड़ जेल भी शामिल है.
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि बिंगसन जॉन खुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड, अंग्रेजी शिक्षक और योगा टीचर बताकर महंगे होटलों में आसानी से कमरा हासिल कर लेता था. होटल स्टाफ को अपने व्यवहार और बातचीत से भरोसे में लेने के बाद वह कई दिनों तक वहां ठहरता था. इस दौरान होटल की सभी सुविधाओं का उपयोग करता था. जब बिल चुकाने का समय आता था, तब वह बिना चेक आउट किए वहां से निकल जाता था. कई मामलों में वह होटल का कीमती सामान भी अपने साथ ले जाता था.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था. उसी के तरीके से उसने इस तरह की ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया. पुलिस के अनुसार यही तरीका अपनाकर वह वर्षों से देशभर के महंगे होटलों को चूना लगाता रहा. रायपुर में यह मामला थाना तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल हयात का है. होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार आरोपी 25 जून 2026 को होटल में ठहरा था. वह दो दिनों तक होटल में रुका और 27 जून की सुबह बिना किसी औपचारिक चेक आउट के होटल से निकल गया.
चार्ल्स शोभराज का 'फॉर्मूला', 5 स्टार होटल और ठगी का खेल
जांच में पता चला कि आरोपी होटल का 63 हजार 755 रुपये का बिल चुकाए बिना ही फरार हो गया. इसके अलावा होटल प्रबंधन ने विशेष अनुरोध पर उसे करीब 1 लाख 48 हजार रुपये कीमत का एक लैपटॉप भी उपलब्ध कराया था, जिसे वह अपने साथ लेकर चला गया. घटना के बाद होटल प्रबंधन ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसके द्वारा दिए गए दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले.
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई. पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त मध्य उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली. इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
पूछताछ में बिंगसन जॉन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि वर्ष 1990 से वह इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है. अब तक वह देशभर के 300 से अधिक महंगे होटलों में ठगी और चोरी कर चुका है. उसने यह भी बताया कि वर्ष 1996 में पहली बार वह तिहाड़ जेल गया था. इसके बाद अलग-अलग राज्यों की जेलों में लंबे समय तक बंद रहा. हर बार जेल से बाहर आने के बाद उसका अगला निशाना कोई न कोई फाइव स्टार होटल ही होता था.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से होटल हयात का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है. उसके खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. साथ ही पुलिस अब देशभर के अलग-अलग राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटा रही है. रायपुर पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर आरोपी से कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने किन-किन राज्यों और शहरों के महंगे होटलों को अपना निशाना बनाया और वहां किस तरह वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है.