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'असंसदीय' भाषा का इस्तेमाल… BJP MP अनुराग ठाकुर ने भेजा विशेषाधिकार हनन का नोटिस, राहुल गांधी पर लगाए आरोप

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. उन्होंने विपक्ष के नेता पर लोकसभा में बिना ज़रूरी पूर्व सूचना दिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने और गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाने का आरोप लगाया है.

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राहुल गांधी के खिलाफ अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा है. (Photo: ITG)
राहुल गांधी के खिलाफ अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा है. (Photo: ITG)

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया है. उन्होंने राहुल गांधी पर संसदीय नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसमें "असंसदीय" भाषा का इस्तेमाल करना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बिना जरूरी पूर्व सूचना दिए गंभीर आरोप लगाना शामिल है. 

लोकसभा में कामकाज के संचालन और प्रक्रिया के नियमों के नियम 222 और 223 के तहत दिए गए नोटिस में ठाकुर ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे इस मामले को स्वीकार करें और अगर उचित समझें तो विस्तृत जांच के लिए इसे नियम 227 के तहत विशेषाधिकार समिति को भेज दें. 

यह नोटिस राहुल गांधी की उन टिप्पणियों से जुड़ा है जो उन्होंने 29 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान की थीं, जब वे  NEET पेपर लीक और दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर हुई बहस में शामिल हुए थे. 

'अमित शाह पर गंभीर आरोप'

बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर नियम 353 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने स्पीकर या संबंधित मंत्री को पहले से कोई सूचना दिए बिना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर "गंभीर और बेबुनियाद आरोप" लगाए. 

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नियम 353 के तहत सदस्यों के लिए जरूरी है कि वे मानहानि करने वाले या दोषी ठहराने वाले आरोप लगाने से पहले पर्याप्त समय रहते सूचना दें, ताकि संबंधित व्यक्ति को मामले की जांच करने और जवाब देने का मौका मिल सके. 

अपने नोटिस में अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि गांधी ने अपने दावों के समर्थन में बिना किसी पूर्व सूचना या दस्तावेजी सबूत के गंभीर आरोप लगाकर शाह को जवाब देने का उचित अवसर नहीं दिया. उन्होंने आगे दावा किया कि गांधी द्वारा कथित तौर पर नियम 352 और 353 की अवहेलना करने का यह पहला उदाहरण नहीं है. 

संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप

बीजेपी सांसद के अनुसार राहुल ने एक छात्र के साथ हुई कथित बातचीत का ज़िक्र करते हुए "इडियट" और "अंधभक्त" (बाद में कार्यवाही से हटा दिए गए) शब्दों का इस्तेमाल करके नियम 352 का उल्लंघन किया. उन्होंने इन टिप्पणियों को अपमानजनक, निंदनीय और संसदीय कार्यवाही के लिए अनुपयुक्त बताया. 

उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बहस के दौरान इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी और इन्हें कार्यवाही से हटाने की मांग की थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी की चेतावनी के बावजूद गांधी ने कथित तौर पर इन शब्दों को दोहराया.

ठाकुर ने तर्क दिया कि ऐसी भाषा नियम 352 का उल्लंघन है, जो अपमानजनक शब्दों, मानहानि पूर्ण टिप्पणियों और ऐसे व्यक्तिगत जिक्र पर रोक लगाता है जो किसी व्यक्ति या समूह की नीयत पर सवाल उठाते हों, जब तक कि बहस के लिए ऐसा करना बिल्कुल ज़रूरी न हो. 

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'टिप्पणियां बहस के दायरे से बाहर थीं'

नोटिस में आगे कहा गया कि राहुल गांधी की टिप्पणियां रूल 352 (viii) का उल्लंघन करती हैं, जिसके तहत सदस्यों को अपने भाषण सदन के सामने मौजूद मामले तक ही सीमित रखने होते हैं. अनुराग ठाकुर के अनुसार समाज के कुछ हिस्सों को बदनाम करने के लिए "बाहरी और भड़काऊ" किस्से पेश करना सदन के फ्लोर का गलत इस्तेमाल करना है. 

प्रिविलेज कमिटी से जांच की मांग

विपक्ष के नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बीजेपी सांसद ने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे इस मामले को विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना ​​मानें. 
 

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