छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) मध्य भारत का एक राज्य है (State of India). इसका कुल क्षेत्रफल 135,192 वर्ग किमी है. यह क्षेत्रफल के हिसाब से नौवां सबसे बड़ा राज्य है (Chhattisgarh Total Area). इस राज्य से सात राज्यों की सीमा लगती है- उत्तर में उत्तर प्रदेश, उत्तर पश्चिम में मध्य प्रदेश, दक्षिण पश्चिम में महाराष्ट्र, उत्तर पूर्व में झारखंड, पूर्व में ओडिशा, दक्षिण में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश (Chhattisgarh Geographical Location). इस राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुआ था (Chhattisgarh Formation) और रायपुर (Raipur) को राज्य की राजधानी के रूप में नामित किया गया (Chhattisgarh Capital). राज्य की आबादी 30 मिलियन है और यह भारत का सत्रहवां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है (Chhattisgarh Population). छत्तीसगढ़ में 33 जिले शामिल हैं (Chhattisgarh Districts).
राज्य विधानसभा 90 सदस्यों से बनी है. छत्तीसगढ़ से लोकसभा के 11 सदस्य हैं और राज्यसभा में राज्य से पांच सदस्य होते हैं (Chhattisgarh Administration).
छत्तीसगढ़ भारत में सबसे तेजी से विकासशील राज्यों में से एक है. इसका सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 3.63 लाख करोड़ है. यह एक संसाधन संपन्न राज्य है. इसके पास देश का तीसरा सबसे बड़ा कोयला भंडार है और देश के बाकी हिस्सों को बिजली, कोयला और स्टील प्रदान करता है. यह मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद देश में तीसरा सबसे बड़ा वन क्षेत्र है, जिसमें राज्य का 40% से अधिक भाग वनों से आच्छादित है (Chhattisgarh GDP and Economy).
छत्तीसगढ़ी थाली बहुत ही संतुलित होती है. इसमें रोटी, भात या चावल , दाल या कढ़ी, करी, चटनी और भाजी शामिल होते हैं. कुछ छत्तीसगढ़ी व्यंजन में आमत, बफौरी, भजिया, चौसेला, दुबकीकढ़ी, फर्रा, खुरमी, मूंग बड़ा, थेठारी और मुठिया खास हैं (Chhattisgarh Food).
भारत के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक विविधता से संपन्न है. यहां सालों भर सैलानियों आवागमन रहता है (Chhattisgarh Tourism).
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दूधकैया गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है. यह घटना अप्रैल 2025 में एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ के साथ शुरू हुई थी. मुख्य आरोपित मोहम्मद आरिफ खान और उनके साथियों ने जमानत मिलने के बाद ग्रामीणों पर हमला किया, जिससे विवाद और विकृत हो गया. इस घटना ने दोनों समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को और बढ़ा दिया है और स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में दो गुटों के बीच हुई झड़प ने पूरे इलाके में तनाव फैलाया. घटना दुटकैया गांव की है जहां एक सीरियल अपराधी आरिफ अपने दो साथियों के साथ मिलकर कुछ लोगों पर हमला करता है. इस हमले से गुस्साए गांव वालों ने आरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर कर आग लगा दी. इस घटना से क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दूतकैंया गांव में पुराना धार्मिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया है. एक साल पुराने मामले में जेल से रिहा आरोपी ने गांववालों से विवाद बढ़ाया, जिसके बाद गांव वालों ने हिंसात्मक प्रतिक्रिया दी और कई घरों में आग लगा दी. पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान भी पथराव की घटनाएं हुईं, जिससे इलाके में भारी तनाव और सुरक्षा संबंधी परेशानियां पैदा हो गईं. यह घटना पुरानी सांप्रदायिक रंजिश को फिर से उभारने का कारण बनी है.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में दूतकैंया गांव में पुराना धार्मिक विवाद एक साल बाद फिर हिंसक झड़प में बदल गया है. जेल से रिहा आरोपी के गांववालों से मारपीट करने के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया. गुस्साए ग्रामीणों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुछ घरों में आग लगा दी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पथराव शुरू हो गया। इस घटना से गांव में भारी तनाव का माहौल बन गया है.
गरियाबंद जिले में दो गुटों के बीच झड़प हो गई. जिससे इलाके में तनाव फैल गया. एसपी गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि दुटकैया गांव में, एक सीरियल अपराधी आरिफ ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कुछ लोगों पर हमला किया. जिससे गांव वाले गुस्से में आ गए, जिसके बाद उन्होंने आरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया और आग लगा दी.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है. कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा गाँव वालों पर हमला किया गया, जिससे हिंसा भड़क उठी. गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए. आरोपियों पर एक साल पहले शिव मंदिरों में प्रतिमाएं खंडित करने का भी आरोप था.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के हथखोज गांव में सोमवार को दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प के कारण सांप्रदायिक तनाव फैल गया. घटना के बाद गांव में आगजनी और तोड़फोड़ हुई. करीब चार महीने पहले, इसी इलाके में कुछ अपराधियों ने राहगीरों से लूटपाट की वीडियो वायरल हुई थीं. उन्होंने पहले भी गांव के शिव मंदिर को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. हाल ही में उनकी रिहाई के बाद, पुनः आरोपियों ने बकली गांव में शिकायतकर्ता और ग्रामीणों पर हमला किया.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. दमकल दल भी घटनास्थल पर मौजूद हैं. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल थे.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. दोनों पर नौकरी दिलाने और बीमारी ठीक करने का आरोप है. फिलहाल पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के हथखोज गांव में सोमवार को दो समुदायों के बीच हिंसक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया. यह झड़प देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव में बदल गई और गांव में आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. दोनों गुट क्यों भिड़े? देखें रिपोर्ट.
गरियाबंद के फिंगेश्वर में मंदिर तोड़फोड़ के आरोपियों ने जेल से छूटते ही ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिससे सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई. जवाबी कार्रवाई में ग्रामीणों ने आरोपियों के घर और वाहन जला दिए. गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बंटी देवी नामक महिला ने अपने पति अरुण सिंह को जहर पिला कर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. घटना उनके बच्चों ने उजागर की. बच्चों ने देखा कि मां ने पिता को जहर दिया. अरुण सिंह की 30 जनवरी को मेडिकल कॉलेज कोरबा में मौत हो गई. पुलिस ने बंटी देवी को हिरासत में लिया और उसने अपराध स्वीकार किया. जांच में पता चला कि महिला का किसी अन्य व्यक्ति के साथ अफेयर था, जिससे वह अपने पति को हटाना चाहती थी.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एंबुलेंस से 5 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद हुआ था. इसकी कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई गई. इस मामले का सरगना एक फेमस सोशल मीडिया स्टार है, जिसके यूट्यूब पर 56 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोवर हैं. वह सांपों को रेस्क्यू करने का काम करता था.
सुकमा में किस्टाराम एरिया कमेटी के चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें पांच लाख के इनामी नक्सली के साथ ही दो महिला कैडर भी शामिल हैं.
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन पर आरोप है कि वे अपने निवास पर बिना अनुमति 'चंगाई सभा' चलाकर लोगों को प्रलोभन दे रही थीं. पुलिस ने रजिस्टर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की है.
छत्तीसगढ़ के कोरबा के भूलसीभवना गांव में उस वक्त सब हैरान रह गए, जब जंगल से भटक कर हिरण का नन्हा बच्चा बकरियों के झुंड के साथ गांव तक पहुंच गया. ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू कर हिरण के बच्चे को सुरक्षित उसके झुंड के बीच जंगल में छोड़ दिया गया.
छत्तीसगढ़ के कोरबा में जंगल से भटक कर हिरण का एक बच्चा बकरियों के झुंड के साथ गांव तक पहुंच गया. घास चरने गई बकरियों के झुंड के साथ एक हिरण का बच्चा भी अनजाने में गांव तक आ गया. गांव के पवन हुंकार ने हिरण के बच्चे को सुरक्षित अपने पास रखा और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी.
छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिन काम करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तहत हड़ताल की है. कर्मचारियों का कहना है कि सप्ताह में पांच दिन काम करना उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता के लिए जरूरी है. इस हड़ताल का मकसद अपनी मांगों को सरकार और प्रबंधन तक पहुंचाना है ताकि कार्य दिवसों में सुधार हो सके.
छत्तीसगढ़ के बस्तर के नक्सली प्रभावित इलाकों में आजादी के बाद पहली बार देश का तिरंगा फहराया गया है. 75 वर्षों तक इन इलाकों में गणतंत्र दिवस का आयोजन नहीं हो पाया क्योंकि नक्सली शासन था जो भारत के संविधान और कानून को मानने से इनकार करता था. लेकिन अब इन घनघोर नक्सली प्रभावित इलाकों में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है.
दक्षिण बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाके में स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. ताड़पाला कैंप में सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन और कोबरा की 204वीं बटालियन के जवानों ने पूरे उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मनाया. एक दिन पहले इसी इलाके में आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी और कोबरा के 10 जवान घायल हुए थे, लेकिन सभी की हालत अब स्थिर है.
गणतंत्र दिवस 2026 के खास मौके पर छत्तीसगढ़ के 47 नक्सल प्रभावित गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है. बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के इन गांवों में जहां पहले राष्ट्रीय पर्व मनाना किसी सपने या खतरनाक स्थिति की तरह माना जाता था, वहां अब यह सम्मान संभव हो पाया है. देखें ये रिपोर्ट.