मानसून के मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के केस बढ़ जाते हैं, सांस से जुड़े संक्रमण जैसे इन्फ्लूएंजा (फ्लू) के मामले भी आते हैं. साथ ही पानी और खराब खाने से होने वाली बीमारियां जैसे टाइफाइड, वायरल हेपेटाइटिस (A और E) और एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के केस भी बढ़ जाते हैं, इस दौरान कंजंक्टिवाइटिस और स्किन में फंगल संक्रमण भी आम हो जाते हैं.
मानसून में इतनी ज्यादा बीमारियों के होने का कारण यह है कि इस मौसम में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं. फ्लू से लेकर कई तरह के संक्रामक रोग भी फैलते हैं. जो एक से दूसरे व्यक्ति में भी ट्रांसफर हो जाते हैं. ऐसे में इस मौसम में सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इस मौसम में कौन से टेस्ट कराएं और किन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें इस बारे में जानते हैं.
डॉक्टर बताते हैं कि इस मौसम में बीमारियों के रिस्क को काफी हद तक कम करने के लिए बचाव के उपाय किए जा सकते हैं. महाजन इमेजिंग एंड लैब्स में लैब डायरेक्टर डॉ. शैली महाजन ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि अपने डॉक्टर की सलाह से CBC, ब्लड शुगर, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट और यूरिन एनालिसिस कराया जा सकता है. इन टेस्ट से पूरी सेहत का पता चल सकता है और ऐसी स्थितियों की पहचान हो सकती है जिनसे गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
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इन लक्षणों के दिखने पर जरूर करा लें टेस्ट
डॉ शैली कहती हैं कि अगर किसी व्यक्ति में लगातार बुखार, ठंड लगना, शरीर में तेज दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, दस्त, रैश, पीलिया या बिना किसी साफ़ वजह के ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. बीमारी के लक्षणों के आधार पर कुछ जरूरी टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है, जैसे, CBC (प्लेटलेट काउंट के साथ), डेंगू NS1 एंटीजन या IgM एंटीबॉडी, मलेरिया एंटीजन टेस्ट (पेरिफेरल स्मीयर के साथ), इन्फ्लूएंजा/COVID-19 RT-PCR, ब्लड कल्चर (एंटीबायोटिक्स शुरू करने से पहले), लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन टेस्ट करा सकते हैं.
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सही समय पर टेस्ट से होगा फायदा
डॉ शैली बताती हैं कि सही समय पर टेस्ट कराने से बीमारी का पता आसानी से लग जाता है. इससे सही समय पर इलाज भी शुरू हो जाता है. जिससे बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है.