तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं. एक रैली के दौरान कथित तौर पर अभिनेत्री तृषा को लेकर किए गए एक अभद्र बयान पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है. इस मामले में उदयनिधि को डिटेन कर लिया गया है. उनके खिलाफ पुलिस ने छह धाराओं में मामला दर्ज किया है.
उदयनिधि ने आज तक को बताया कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है. क्या मैंने कुछ गलत कहा है? क्या मैंने किसी का नाम लिया? मैं इस पर और टिप्पणी नहीं करना चाहता. यह राजनीति से प्रेरित कदम है.
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व में थेनी में प्रदर्शन कर रहे डीएमके कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उदयनिधि स्टालिन को डिटेन करने के विरोध में थेनी में डीएमके कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. पन्नीरसेल्वम की अगुवाई में पुराने थेनी बस स्टैंड के पास डीएमके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने टीवीके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने 'टीवीके सरकार मुर्दाबाद', 'हम इस सरकार की कड़ी निंदा करते हैं' के नारे लगाए. इसके बाद सड़क जाम करने की कोशिश कर रहे पन्नीरसेल्वम समेत कई डीएमके कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
तमिलनाडु पुलिस जब उन्हें डिटेन कर ले जा रही थो तो उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई बदले की कार्रवाई है. पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. तमिलनाडु पुलिस ने उदयनिधि के कथित बयान पर एफआईआर की है. बीएनएस की धारा 196, 192, 352, 79, 296 (बी), 61 और 351 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
स्टालिन ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख भी किया है. इस मामले पर आज दोपहर में सुनवाई होगी.
उदयनिधि के बयान की हो रही आलोचना
उदयनिधि स्टालिन के बयान की अब जमकर आलोचना हो रही है. सत्तारूढ़ टीवीके पार्टी ने डीएमके नेता को आड़े हाथों लिया है और माफी की मांग की है. टीवीके नेता अधव अर्जुन ने उधयनिधि को अश्लील कहते हुए राजनीतिक का स्तर गिराने और महिला का अपमान करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने उदयनिधि के भाषण को अश्लील और द्विअर्थी बताते हुए कहा कि डीएमके नेता अपनी अश्लील भाषा और डबल मीनिंग भाषणों से अन्नादुरई के आंदोलन को और उनकी प्रतिष्ठा को नष्ट कर रहे हैं. उदयनिधि के बयान महिलाओं के प्रति उनकी घटिया सोच को दर्शाते हैं. तमिलनाडु की कोई मां, बहन या माता-पिता सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं करेंगे. महिला वोटर्स पहले भी डीएमके को खारिज कर चुकी हैं. इस तरह की बयानबाजी पर वे उदयनिधि का तमिलनाडु की राजनीति से सूपड़ा साफ कर देंगी.
टीवीके के प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि क्या विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन अपनी खुद की बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसा कहेंगे?
हालांकि, डीएमके ने अपने नेता का बचाव किया है. पूर्व नेता टी मानो थंगाराज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है. उनका कहना है कि कावेरी जल विवाद और किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है.
ये सरकार की कायरता है...
डीएमके नेता कनिमोझी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर विपक्ष के नेता उदयनिधि निजी तौर पर बदला लेना चाहते हैं तो सरकार उनके खिलाफ मामला दर्ज करे. अदालत तय करेगी कि क्या सही है. लेकिन विपक्षी दल डीएमके का राजनीतिक रूप से सामना करने का साहस ना दिखाकर सरकार की इस तरह दमनकारी कार्रवाई करना गैरकानूनी है. कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में विपक्ष के नेता को हिस्सा लेने से रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार करना सरकार की खुली कायरता है.
क्या है मामला?
उदयनिधि स्टालिन कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान भीड़ को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा और तमिलनाडु के लिए कावेरी के पानी के उचित प्रबंध को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की.
इसी दौरान भीड़ ने तृषा, तृषा के नारे लगाने शुरू कर दिए. कहा जा रहा है कि इसी दौरान स्टालिन ने भीड़ से पूछा कि वह तृषा के नारे क्यों लगा रहे हैं और इस दौरान द्विअर्थी बयान दिया और अभद्र इशारा किया.