देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo Airlines) ने 20 वर्ष पूरे कर लिए हैं. भारत में हवाई यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले इसकी महत्वपूर्ण रोल निभाया है. इसकी शुरुआत और सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है. इसे दो दोस्तों ने मिलकर 2006 में शुरू किया था और वो भी उधार के विमान के जरिए. (Photo: ITG)
2006 में आज ही के दिन शुरुआत
इंडिगो के इतिहास पर नजर डालें, तो एयरलाइन 4 अगस्त 2006 को दिल्ली-गुवाहाटी-इंफाल रूट पर अपनी पहली उड़ान संचालित की थी. आज एयरलाइन के बेड़े में 430 से अधिक विमान हैं और यह भारत व विदेश के 140 से अधिक डेस्टिनेशंस को जोड़ती है. अब तक कंपनी करीब 90 करोड़ लोगों को यात्रा करा चुकी है. इंडिगो के मुताबिक, फिलहाल भारत में 97 घरेलू और 40 से अधिक इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस के लिए उड़ानें संचालित करती है. (Photo: ITG)
दो दोस्तों की जुगलबंदी और इंडिगो की शुरुआत
भारतीय एविएशन मार्केट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाली इंडिगो एयरलाइंस को दो दोस्तों ने मिलकर शुरू किया था. ये थे राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल, जिन्होंने IndiGo की नींव रखी. राहुल भाटिया University Of Waterloo के छात्र रहे हैं, तो वहीं राकेश गंगवाल आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के छात्र हैं. दोनों ने पढ़ाई पूरी करने के बाद तमाम बड़ी कंपनियों में काम किया और फिर साल 2004 में मिलकर इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को शुरू किया था. (Photo: ITG)
पहली उड़ान उधारी के विमान से
इंडिगो की कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ यहीं से शुरू होता है. दरअसल, Interglobe Aviation की शुरुआत ऐसे समय में की गई थी, जब देश का एविएशन सेक्टर संकट में था. इसके बावजूद दोनों दोस्त अपने फैसले पर कायम रहे और एयरलाइन शुरू करने के लिए लाइसेंस भी हासिल कर लिया. इसके बाद सबसे बड़ी समस्या ये थी कि फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने के लिए कंपनी के पास कोई विमान ही नहीं था, जिसकी वजह से दो साल बीत गए. इसके बाद राकेश गंगवाल ने अपनी जान-पहचान का इस्तेमाल किया और एयरबस (Airbus) से उधारी पर 100 विमान लिए. इन उधारी के विमानों से 4 अगस्त 2006 को इंडिगो ने पहली उड़ान भरी थी. (Photo:ITG)
2015 में शेयर मार्केट डेब्यू
अपनी शुरुआत के बाद IndiGo तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई. IndiGo की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने साल 2015 में भारतीय शेयर बाजार में अपना मार्केट डेब्यू किया था. फिलहाल राहुल भाटिया इंटरग्लोब एविएशन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कंपनी के 20 साल पूरे होने पर एयरलाइन की योजना के बारे में भी बताया. IndiGo 2030 तक अपने बेड़े का विस्तार 550 से अधिक विमानों तक करने के साथ ही रोजाना लगभग 3,000 उड़ानों का संचालन करने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही हर साल करीब 20 करोड़ यात्रियों को हवाई सफर कराने का टारगेट सेट किया गया है. (Photo: Reuters)
लगातार आगे बढ़ रही एयरलाइन
IndiGo के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि कंपनी की स्थापना भारत में हवाई यात्रा को सुलभ, किफायती बनाने के लिए की गई थी. आने वाले वर्षों में भी एयरलाइन यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के साथ नेटवर्क विस्तार और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान के लिए प्रतिबद्ध रहेगी. इंडिगो CEO विली वॉल्श ने कहा कि भारत ग्लोबल एविएशन सेक्टर में तेजी से उभर रहा है और इंडिगो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है. कंपनी में 68,000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे हैं. 20 साल होने पर एयरलाइन इंडिगो ने स्पेशल ब्रांड बुकलेट '20 Years of Connecting the Dots' जारी की है और अपनी इन-फ्लाइट मैगजीन Hello 6E का नया संस्करण भी लॉन्च किया है. (Photo: ITG)