अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. वारदात को अंजाम दने वाले आरोपियों को राजस्थान के कोटा में गिरफ्तार किया गया है. कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में AGTF राजस्थान और कोटा शहर की पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपी दिल्ली पहुंचने के बाद हरियाणा में छिपने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
गिरफ्तार आरोपियों में से एक नाबालिग है. दूसरे आरोपी का नाम रितिक कुमार उर्फ रोशन है, जो बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है. वहीं, तीसरा आरोपी भी सोनीपत का निवासी है, जिसकी पहचान रेहान के रूप में हुई है.
आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार किया गया है. मुंबई से कोटा की दूरी लगभग 927 किलोमीटर है. सड़क मार्ग से यह सफर तय करने में लगभग 15 घंटे 22 मिनट लगते हैं. पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्सके समन्वय से पूरी योजना बनाकर इन्हें गिरफ्तार किया गया. कोटा में ट्रेन से आरोपियों को पकड़ा गया है.
कैसे हुई गिरफ्तारी
दरअसल, पुलिस को वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर मिली थी. पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया है. जांच एजेसियों ने आरोपियों के भागने के पूरे रास्ते और उनके गतिविधियों की पूरी पड़ताल की.
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ऐसे भागे आरोपी
रविवार तकरीबन 7 बजे अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की गई. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे. पुष्पा पार्क से अंधेरी स्टेशन की दूरी करीब 9.8 किलोमीटर है. यह दूरी तय करने में उन्हें लगभग 20-30 मिनट लगे होंगे. अंधेरी में आरोपियों ने लोकल ट्रेन पकड़ी होगी क्योंकि वे पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से फरार हुए थे. अंधेरी पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं है.
आरोपी लोकल ट्रेन से वसई स्टेशन गए होंगे, जहां से उन्होंने पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पकड़ी. ट्रेन संख्या 12939 रात करीब 10:09 बजे वसई स्टेशन पहुंची. आरोपी इसी ट्रेन में सवार भागे थे. उनकी प्लानिंग थी कि वे दिल्ली होते हुए हरियाणा जाए.
हरियाणा भागने का था प्लान
ट्रेन के कोटा पहुंचने पर ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपियों का इरादा दिल्ली पहुंचकर हरियाणा में छिपने का था, लेकिन उनकी फरारी की कोशिश नाकाम हो गई. अब पुलिस उनसे पूछताछ कर फायरिंग के पीछे की वजह और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.