कोटा (Kota) राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में स्थित एक शहर और जिला है (Districts of Rajasthan). यह राज्य की राजधानी जयपुर से लगभग 240 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है, जो चंबल नदी के तट पर स्थित है. यहां की आबादी लगभग 12 लाख है (Kota Population). यह भारत का 46वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर. यह कोटा जिले और कोटा डिवीजन के लिए प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में कार्य करता है (Kota Administrative Headquarter).
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा देश का एक प्रमुख कोचिंग हब है और यहां कई इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग संस्थान हैं. कई छात्र IIT JEE, NEET और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा आते हैं (Kota Competitive Exams).
कोटा शहर कभी बूंदी के पूर्ववर्ती राजपूत साम्राज्य का हिस्सा था. 16वीं शताब्दी में यह एक अलग रियासत बन गई. यहां कई स्मारक हैं जो इस शहर को अलग पहचान दिलाती है. कोटा अपने महलों और उद्यानों के लिए भी जाना जाता है (Kota History).
भारतीय जनता पार्टी के महेश विजय कोटा के अंतिम मेयर थे (Last Mayor of Kota). 2015 में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्मार्ट सिटीज मिशन के लिए शहर को 98 भारतीय शहरों में भी शामिल किया गया था. पहले दौर के परिणाम जारी होने के बाद 67वें स्थान पर सूचीबद्ध किया गया था, जिसके बाद शीर्ष 20 शहरों को तत्काल वित्तीय वर्ष के लिए आगे चुना गया था (Smart city Kota).
21 जून को होने वाली नीट (NEET) री-एग्जामिनेशन की तैयारी कर रहे कोटा के हजारों छात्रों का कहना है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फोन कॉल्स के जरिए उन तक पेपर लीक के दावे लगातार पहुंच रहे हैं. हालांकि सरकार ने परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी लगाने का कदम उठाया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही बातचीत से साफ है कि छात्र और शिक्षक इस प्लेटफॉर्म को अफवाहों, तनाव और गलत सूचनाओं से भरे एक बहुत बड़े चक्रव्यूह का सिर्फ एक हिस्सा मानते हैं.
नीट पेपर लीक के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार सवालों के घेरे में है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एकबार फिर एजुकेशन सिस्टम और छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. कोटा में छात्रों से संवाद के दौरान राहुल गांधी एजुकेशन सिस्टम पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं पर छात्रों का कुल खर्च पांच मंत्रालयों के बजट के बराबर है. सरकार का ध्यान चयन से ज्यादा रिजेक्शन पर है.
इंडिया टुडे की टीम ने देश की कोचिंग कैपिटल कहे जाने वाले कोटा का दौरा किया ताकि न सिर्फ टॉपर्स और शिक्षकों की बात सुनी जा सके, बल्कि उस तनाव, उम्मीदों और अनसुलझे सवालों को भी समझा जा सके जो आज इस शहर की पहचान बन चुके हैं. यहां बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी अपने बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए साथ रह रहे हैं.
कोटा इस वक्त देश की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल का केंद्र बनी हुई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश के सबसे बड़े कोचिंग हब के लाखों छात्रों और युवाओं के मुद्दों, विशेषकर नीट-यूजी पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और बेरोजगारी पर छात्रों से बात की. राहुल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली छात्रों का दमन करती है. देखें...
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कोटा पहुंचे. वहां छात्रों के साथ संवाद किया. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, करियर के सीमित विकल्पों और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य पर चर्चा करने का मंच है.
कोटा में छात्रों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, करियर विकल्पों और मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को सीमित दायरों में नहीं बांधा जाना चाहिए. साथ ही शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई. उनका पूरा संवाद छात्रों की चुनौतियों, भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की कमियों पर केंद्रित रहा.
राजस्थान के कोटा में राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले अशोक गहलोत ने प्रशासन पर होर्डिंग हटाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. SIR के बहाने वोट चोरी जैसे मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने के बाद राहुल गांधी NEET और पेपर लीक का मुद्दा उठाने जा रहे हैं.
NEET पेपर लीक और परीक्षा धांधली के खिलाफ राहुल गांधी 17 जून को कोटा में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के जरिए 10 हजार विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे. जानिए कांग्रेस के इस देशव्यापी अभियान की पूरी इनसाइड स्टोरी...
Railway Station Modernization Impact: रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती आधुनिक सुविधाओं जैसे लिफ्ट और एस्केलेटर ने कुलियों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है. दैनिक आय घटने से परेशान कुलियों ने रेलवे से ग्रुप-डी में समायोजन की मांग की है. पूरी रिपोर्ट...
राजस्थान के कोटा में चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड वकील संतोष राय को गिरफ्तार किया है. 750 बीघा जमीन के विवाद और मर्डर की पूरी इनसाइड स्टोरी...
कोटा स्थित वृंदावन धाम बांके बिहारी मंदिर में दर्शन की अनोखी परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. मान्यता है कि एक बार ठाकुर जी अपने भक्त के प्रेम में उसके पीछे चल पड़े थे, जिसके बाद से यहां रुक-रुक कर पर्दा लगाकर दर्शन कराए जाते हैं. जानिए इस मंदिर की विशेष मान्यता, इतिहास और धार्मिक महत्व.
राजस्थान के कोटा में वृंदावन धाम बांके बिहारी मंदिर में रुक-रुककर दर्शन कराए जाते हैं. मान्यता है कि भक्त के प्रेम में ठाकुर जी उसके पीछे चल पड़े थे. जानिए इस अनोखी परंपरा और मंदिर का धार्मिक महत्व. साथ ही यहां विकसित किया गया छोटा ‘निधिवन’ और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है.
राजस्थान के कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की मौत मामले में जांच रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं को दिया गया ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन नकली था और उसमें दवा की जगह पानी भरा हुआ था. मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है.
आजतक की खबर पर एक बार फिर मुहर लगी है. कोटा में महिलाओं की मौत नकली ऑक्सीटॉसिन से ही हुई थी. अब ये बांत जांच रिपोर्ट में साबित हो गया है कि इंजेक्शन में ऑक्सीटॉसिन की जगह पानी भरा था और इसी वजह से सर्जरी के दौरान दवा का कोई असर नहीं हुआ. नकली दवा की वजह से ब्लीडिंग नहीं रुकी और 5 महिलाओं की मौत हो गई. सरकार इस मामले में पहले ना-नुकुर करती रही लेकिन आखिर सच सामने आ गया.
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद हुई 5 प्रसूताओं की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं को लगाया गया ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन नकली था और उसमें दवा की जगह पानी भरा हुआ था.
जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों ने एक बार फिर कोटा की कोचिंग इंडस्ट्री की ताकत को सामने ला दिया है. ऑल इंडिया टॉप-50 में बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि यह शहर अब सिर्फ कोचिंग हब नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों को तराशने का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. खासकर कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जैसी सबसे प्रतिष्ठित शाखाओं में कोटा के छात्रों का बढ़ता दबदबा देशभर में चर्चा का विषय बन गया है.
असल जिंदगी की कुछ कहानियां फिल्म की स्क्रिप्ट सी खूबसूरत नजर आती हैं. मगर इनके पीछे कुछ घंटे की शूटिंग या डायलॉग नहीं होते बल्कि पूरी जिंदगी लगी होती है. हमने इन्हें 'मातृरूपेण संस्थिताम्' से परिभाषित करते हुए ये संदेश दे दिया है कि माता ही देव स्वरूप है. आइए जानते हैं इनकी पूरी कहानी...
कोटा के एक आश्रम की पहल से डेढ़ महीने से लापता बुजुर्ग महिला अपने परिवार से फिर मिल सकीं. ग्वालियर में इलाज के दौरान बिछड़ी 75 वर्षीय आनंदी देवी को आश्रम ने सहारा दिया और पुलिस की मदद से उनके परिजनों तक पहुंचाया. मां-बेटे के भावुक मिलन ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं.
मृतक की पहचान आर्यन ओझा (17) पुत्र कृपा शंकर, निवासी सतकवीर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. आर्यन वर्तमान में कोटा के पुराना राजीव गांधी नगर क्षेत्र में रहकर एक निजी कोचिंग संस्थान से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी कर रहा था. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था.
आज ही नीट (NEET) की एक और होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने घर के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी. आकांक्षा को हाल में दी परीक्षा में 650 नंबर आने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के सदमे ने उसकी हिम्मत तोड़ दी. नीट पेपर लीक के कारण ये अकेला सुसाइड नहीं है, अब तक ये आंकड़ा डराने वाला है. आप भी समझिए कि तैयारी कर रहे बच्चे किस मनोस्थिति से गुजर रहे हैं?