शहजाद पूनावाला और स्वरा भास्कर की 'राइज एंड फॉल 2' में एंट्री हो चुकी है. शो में आने से पहले ही दोनों की तीखी वार से हर कोई वाकिफ है. पूनावाला हर रोज स्वरा को लेकर पोस्ट कर रहे थे. लेकिन जब उनका शो में स्वरा से सामना हुआ है वो चुप है. शो के होस्ट वीरेंद्र सहवाग ने पूनावाला से चुप्पी की वजह पूछ ली.
पूनावाला को लगी मिर्ची
दूसरे एपिसोड में सहवाग ने पूनावाला से पूछा कि बाहर तो आप स्वरा के बारे में बहुत बोल रहे थे. लेकिन अब जब वो आपके सामने हैं, तो चुप क्यों हैं. पूनावाला ने कहा कि 'अब तक कोई ऐसा माई का लाल पैदा नहीं हुआ, जो मेरे स्वर चुप करा सके. मैं किसी के बाप से डरता नहीं हूं.' बात करते-करते पूनवाला एग्रेसिव हो जाते हैं. उन्होंने सहवाग से कहा कि 'वरना आपने मेरे डिबेट तो देखे ही होंगे.' सहवाग ने कहा कि 'काश मैं आपके डिबेट देख पाता. मैंने आपके डिबेट नहीं देखे हैं.'
पूर्व क्रिकेटर के बयान पर स्वरा हंस पड़ती हैं और बाकी कंटेस्टेंट भी हंसने लगते हैं. स्वरा कहती हैं कि स्वरा कहती हैं कि 'सर पता है, क्या है इग्नोर किया जाता है. इग्नोर का मतलब क्या होता है, मतलब आप भाव नहीं देंगे ना किसी को. जब शो अनाउंस हुआ है, 36 वीडियो बना दिए. 50 हजार मैसेज पता नहीं... ये वो... इनकी टीम अपने लिए वोट नहीं मांग रही. मेरे को पता नहीं कहां पहुंचाने के लिए वोट मांग रही है. इग्नोर का मतलब ये नहीं होता. इग्नोर का मतलब होता है, भाव ना देना, जो मैं कर रही हूं.'
पूनावाला गुस्से में आ जाते हैं. वो कहते हैं कि 'जो देश के खिलाफ बोलेगा, मैं बोलूंगा. चाहें हमारे खिलाफ हो या ना हो.' स्वरा कहती हैं कि 'ये गेम है, चुनाव नहीं है. इनका डूबता हुआ राजनीतिक करियर यहां से उज्जवल नहीं होने वाला है.' पूनवाला कहते हैं कि 'मेरे करियर की चिंता मत कीजिए. आप अपने हसबैंड को जिता दीजिए.' स्वरा कहती हैं कि 'भाई मेरे पति को 32 साल की उम्र में टिकट मिल गई थी ना. तुम तो दर-दर भटकते रहते हो ना लोगों से टिकट की उम्मीद करते हूं. इस शो में भी उधर की चीजें चमकाने की कोशिश कर रहे हो.'
पूनावाला ने तीखा वार करते हुए कहा कि 'मैं चुनाव लड़ना चाहता या जीतना चाहता, तो पार्टी में रहता. पार्टी छोड़कर अपने बलबूते पर खड़ा होने का दम है मेरे में.'
स्वरा ने कहा कि 'सहवाग सर रहने दीजिए. मैं इनके (पूनावाला) के बारे में बहुत कुछ जानती हूं, लेकिन बोलूंगी नहीं. मैं इनके बारे में बहुत कुछ जानती हूं. यहां बोलने से स्तर गिर जाएगा, जो स्तर के ये आदी हैं.'
कुल मिलाकर राइज एंड फॉल 2 राजनीतिक आखाड़ा बना हुआ है.