बिग बॉस 13 से घर घर में पहचान बनाने वाले आसिम रियाज इन दिनों हिमांशी खुराना संग अपने टूटे रिलेशनशिप को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में एक्ट्रेस के खुलासे के बाद रिएलिटी शो स्टार भाव्या सिंह ने भी उनके रिलेशनशिप को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए थे. लेकिन इसका खामियाजा उन्हें खुद ही भुगतना पड़ गया है. आसिम ने भाव्या को बिना किसी आधार के उनकी पर्सनल लाइफ पर बात करने के लिए Cease-and-Desist कानूनी नोटिस भेजा है.
सोशल मीडिया पर लेडी डॉन नाम से मशहूर भव्या सिंह एमटीवी स्प्लिट्सविला 12 में नजर आ चुकी हैं. आसिम ने यह नोटिस कानूनी प्रतिनिधि के जरिए भेजा है. इसमें भव्या पर पॉडकास्ट के दौरान ऐसे बयान देने का आरोप लगाया गया है, जिन्हें असिम ने झूठा, बिना पुष्टि का और उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है.
पूरी कहानी का कनेक्शन आसिम रियाज के उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस हिमांशी खुराना के साथ पुराने रिश्ते से जुड़ा हुआ है.
पॉडकास्ट में भव्या ने आखिर कहा क्या था?
पॉडकास्ट के दौरान भव्या सिंह ने आसिम और हिमांशी खुराना के रिश्ते पर बात की. उन्होंने दावा किया कि उन्हें काफी पहले उनके ब्रेकअप की वजह को लेकर कुछ आरोप सुनने को मिले थे. भव्या के मुताबिक आसिम ने हिमांशी के साथ हिंसा की थी. अपने पोस्ट में हिमांशी ने जिस तारीख और सीसीटीवी फुटेज का जिक्र किया था, भाव्या का कहना था कि आसिम ने उस दिन एक्ट्रेस पर हाथ उठाया था. ये पूरा सीन उस जगह के कैमरा में रिकॉर्ड हुआ था.
वहीं कानूनी नोटिस में भव्या के हवाले से कहा गया है- मुझे बहुत टाइम पहले ये बात सुनने को आई थी, मैंने पूछा था किसी से कि आसिम और हिमांशी का ब्रेकअप क्यों हुआ तो किसी ने बोला कि 'भाई वो पागल आदमी है, मारता-पीटता था, बड़ा ही बेकार आदमी है.'
नोटिस के मुताबिक, इसके बाद भव्या ने इन दावों को बाद में हुई घटनाओं से जोड़ते हुए एक्टर से जुड़े एक वीडियो के का भी जिक्र किया.
आसिम पर पैसों को लेकर भी लगाए गए आरोप
मामला सिर्फ हिमांशी से जुड़े आरोपों तक ही सीमित नहीं रहा. कानूनी नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि पॉडकास्ट के दौरान आसिम के बारे में ऐसी बातें कही गईं, जिनमें यह संकेत दिया गया कि वह एक अज्ञात महिला पर आर्थिक रूप से निर्भर थे और दुबई में कथित तौर पर उसी महिला के पैसों पर गुजारा कर रहे थे.
अब आसिम की कानूनी टीम ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.
आसिम रियाज ने आरोपों को बताया झूठा और बदनाम करने वाला
आसिम के कानूनी वकील ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन बयानों के जरिए एक्टर की ऐसी तस्वीर पेश की गई, जैसे उन्होंने हिमांशी खुराना के साथ शारीरिक हिंसा की हो.
नोटिस में कहा गया है: प्रकाशित सामग्री में भव्य सिंह के ऐसे बयान शामिल हैं, जो झूठे और गंभीर रूप से यह आरोप लगाते हैं कि आसिम ने हिमांशी खुराना के साथ शारीरिक हिंसा की. इसके अलावा, उनके बारे में यह भी आरोप लगाया गया कि वह एक अज्ञात महिला पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं और दुबई में उसी महिला के पैसों पर रह रहे हैं. आसिम ने इन आरोपों को झूठा और उनकी सार्वजनिक छवि, प्रतिष्ठा और प्रोफेशनल करियर के लिए नुकसानदायक बताया है.
वकील ने साफ कहा- बदनामी वाले बयान बर्दाश्त नहीं होंगे
आसिम की ओर से यह कानूनी लड़ाई Falcon Legal के पार्टनर एडवोकेट सुहैल शरीफ लड़ रहे हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आसिम के खिलाफ मानहानिकारक या कानूनी तौर पर कार्रवाई योग्य बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
एडवोकेट सुहैल शरीफ ने कहा कि उनके क्लाइंट आसिम के खिलाफ किसी भी तरह के मानहानिकारक या कानूनी कार्रवाई के दायरे में आने वाले बयान स्वीकार नहीं करेंगे. इसी वजह से औपचारिक Cease-and-Desist नोटिस जारी किया गया है और अगर इसका पालन नहीं किया गया, तो आगे उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
72 घंटे का अल्टीमेटम, वरना कोर्ट तक पहुंचेगा मामला
कानूनी नोटिस के जरिए भव्या सिंह से कहा गया है कि वह आसिम के मुताबिक मानहानिकारक या कानूनी तौर पर कार्रवाई योग्य किसी भी बयान को आगे देना या दोहराना तुरंत बंद करें. सिर्फ भव्या ही नहीं, बल्कि जिन मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने पॉडकास्ट और उससे जुड़ी विवादित सामग्री को प्रकाशित या शेयर किया है, उनसे भी इस कंटेंट को हटाने यानी टेकडाउन करने की मांग की गई है. नोटिस पाने वाले सभी पक्षों को जवाब और कार्रवाई के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है.
अगर नोटिस का पालन नहीं किया गया, तो आसिम की कानूनी टीम ने चेतावनी दी है कि मामला आगे उचित अदालतों और संबंधित अधिकारियों के सामने कानूनी कार्यवाही तक पहुंच सकता है.
फिलहाल इस पूरे विवाद में आसिम रियाज ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी रास्ता अपना लिया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि 72 घंटे की इस कानूनी डेडलाइन के बाद कहानी किस मोड़ पर जाती है और क्या यह विवाद सिर्फ नोटिस तक रहता है या फिर कोर्टरूम तक पहुंचता है.