सांसद और भोजपुरी एक्टर मनोज तिवारी को प्रधनामंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिक्स समिट की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करना भारी पड़ा. उन्होंने पीएम मोदी के साथ कई बड़े वैश्विक नेताओं की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी जो बाद में एआई साबित हुई. मनोज तिवाीर को जैसे ही एहसास हुआ कि यह तस्वीर असली नहीं बल्कि एआई से तैयार की हुई है. उन्होंने उसे तुरंत डिलीट कर माफी मांग ली.
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में हैं. समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत BRICS के सदस्य देशों के नेता शामिल हुए. समिट में वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने भी तकनीक और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया.
इसी बीच मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की. तस्वीर देखने में ऐसी थी, जैसे वह BRICS से जुड़े किसी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा हो. लेकिन बाद में तस्वीर की वास्तविकता को लेकर सवाल उठे और यह सामने आया कि यह एआई थी. मनोज तिवारी ने इसके बाद अपनी पहली पोस्ट हटा दी. उन्होंने गलती स्वीकार करते हुए नई पोस्ट के साथ तस्वीर साझा की और अपनी ओर से माफी मांगी.

यह मामला चर्चा में बना हुआ है. दरअसल एआई के दौर में तस्वीरों को पहचानना कि यह असली है या एआई जेनरेटेड है, कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है. एआई के जरिए आज चंद सेकेंड में ऐसी तस्वीरें तैयार की जा सकती है जो एक नजर में असली लगती है इसलिए मनोज तिवारी ने गलती का एहसास होने पर माफी मांग ली.
हालांकि, इस मामले में मनोज तिवारी ने गलती का एहसास होने पर तुरंत पोस्ट हटाते हुए उसे स्वीकार किया और माफी मांगी.