मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian, President Iran) ईरान के राष्ट्रपति हैं. साथ ही, ईरानी हार्ट सर्जन और सुधारवादी नेता हैं. वह ईरान के अबतक के इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं. इससे पहले, पेजेशकियान ने ईरान की संसद में तबरीज, ओस्कू और अजारशहर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और 2016 से 2020 तक उपसभापति रहे. वे मोहम्मद ख़ातमी की सरकार में 2001 से 2005 के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे थे.
12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 India) में पेजेशकियान शामिल हुए.
पेजेशकियान 1980 के दशक के दौरान पश्चिमी अजरबैजान प्रांत में पिरानशहर और नागदेह काउंटियों के गवर्नर चुने गए थे. उन्होंने 2013 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग लिया, लेकिन फिर नाम वापस ले लिया. मसूद पेजेशकियान ने 2021 के चुनाव में फिर से भाग लिया, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया था.
2024 के चुनाव के लिए, पेजेशकियान की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी गई और 5 जुलाई को उन्होंने 54.76 फीसदी वोट के साथ 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की.
ईरान का आरोप है कि अमेरिका राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ न्यूयॉर्क की यात्रा पर जा रहे उनकी टीम के सदस्यों को वीजा नहीं जारी कर रहा है. ईरान ने इसे “अभूतपूर्व शत्रुतापूर्ण कदम” बताया है.
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति दी है। वीजा पाने वालों में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची शामिल हैं। यह फैसला अमेरिका-ईरान तनाव और संघर्ष खत्म करने को लेकर जारी रुक-रुककर बातचीत के बीच आया है।
मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की. तस्वीर देखने में ऐसी थी, जैसे वह BRICS से जुड़े किसी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा हो. लेकिन बाद में तस्वीर की वास्तविकता को लेकर सवाल उठे और यह सामने आया कि यह एआई थी
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने आजतक से खास बातचीत में खाड़ी देशों से रिश्तों को लेकर अहम बात की. 'मक्का समझौते' पर उन्होंने साफ किया कि सऊदी अरब के साथ ईरान की कोई लड़ाई नहीं है. पेजेश्कियान ने साथ ही कहा, क्षेत्र के सभी देशों को एक साथ बैठकर शांति और सुरक्षा कायम करनी चाहिए. देखें वीडियो.
पीएम मोदी ने BRICS समिट में बढ़ते वैश्विक तनाव और आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत रेजिलिएंस की जरूरत बताई। उन्होंने महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन संकट का जिक्र करते हुए BRICS इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम और आपदा प्रबंधन गाइडलाइंस को अहम कदम बताया।
BRICS समिट के दूसरे दिन एक तस्वीर ने खास ध्यान खींचा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता नजर आए.
आजतक से बात करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर बगैर उकसावे के हमला किया. अमेरिका को लगा था कि वो वेनेजुएला की तरह 24 घंटे के भीतर ईरान पर कब्जा कर लेगा. अपनी कटपुतली की सरकार बना लेगा लेकिन अमेरिका के हमले ने ईरान को एकजुट कर दिया. और अमेरिका के उम्मीद के विपरीट ईरान की सेना ने जान की बाजी लगाकर अम्रिका का मुकाबला किया.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने BRICS को अमेरिकी एकतरफा नीतियों और प्रतिबंधों के खिलाफ महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने डॉलर पर निर्भरता कम करने, सदस्य देशों के बीच निवेश और सहयोग बढ़ाने तथा दुनिया को एकध्रुवीय व्यवस्था से दूर ले जाने पर जोर दिया।
BRICS समिट के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आजतक से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने BRICS में पीएम मोदी से मुलाकात, मिडिल ईस्ट में युद्ध से लेकर तेल संकट और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से जुड़ी अटकलों पर तमाम सवालों के जवाब दिए. देखें पूरा इंटरव्यू.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आजतक के साथ खास इंटरव्यू में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने पर बात की. उन्होंने कहा कि BRICS के सदस्य देश बहुत सारे मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आजतक के साथ खास बातचीत की. इस खास बातचीत में उन्होंने अमेरिका, ईरान और दोनों देशों के बीच के तनाव को लेकर तमाम सवालों पर खुलकर बात की.
ब्रिक्स समिट के लिए नई दिल्ली पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक अहम बातचीत में कई बड़े मुद्दों पर खुलकर बात की. पीएम मोदी के साथ उनकी करीब 45 मिनट तक मुलाकात हुई.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बड़ा बयान दिया है. आजतक को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी और प्रतिबंध खत्म करे तो होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत खोलने की दिशा में काम किया जा सकता है. ईरान ओमान और अरब देशों के साथ समुद्री व्यवस्था पर बातचीत कर रहा है. भारत के लिए यह रास्ता ऊर्जा सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि हमें यूएई से कोई समस्या नहीं है. हमें क्षेत्र के किसी भी देश से कोई समस्या नहीं है. हमें समस्या अमेरिकी अड्डों से है जो इन देशों में स्थित हैं.
ब्रिक्स सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि छह महीने के युद्ध के बावजूद ईरान कमजोर नहीं हुआ है बल्कि यह संकट देश को और अधिक एकजुट कर गया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ टकराव के बीच बातचीत जारी रखने और शांति स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी आक्रामक भूमिका नहीं निभाई.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर नई दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने यूएई के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात की. इसी दौरान पेजेश्कियान ने मंच से कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय नियम सब पर बराबर लागू नहीं होंगे तो बहुपक्षवाद बेमानी हो जाएगा.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के सामने झुकेगा नहीं, बल्कि डट कर मुकाबला करेगा....ब्रिक्स समिट में शामिल होने दिल्ली आए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि हम आज़ाद रहें और वो अपने बुरे इरादे तेहरान पर थोपना चाहता है. देखें...
ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करने दिल्ली आए पेजेश्कियान से आजतक ने एक्सक्लूसिव बात की. आजतक से बात करते हुए पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर बगैर उकसावे के हमला किया. उन्होंने कहा कि हम 6 महीने युद्ध के बाद भी कमजोर नहीं हुए. देखें Video.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में मसूद पेजेश्कियान ने अनवर इब्राहिम से मुलाकात में कहा कि मध्य पूर्व को अमेरिका जैसे क्षेत्रीय पुलिसकर्मी की जरूरत नहीं है. उधर डबलिन में डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज से आवाजाही, ईरान, तेल और सऊदी पाइपलाइन हमले पर कहा कि हालात संभल जाएंगे, व्यापार पर बात हुई है और युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा.
नई दिल्ली के नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में आयोजित ब्रिक्स बाजार में ईरान के राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेजेशकियान पहुंचीं. इस दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उनका स्वागत किया. 15 सितंबर तक चलने वाले इस बाजार में ब्रिक्स देशों की पारंपरिक कला, टेक्सटाइल और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक देखने को मिल रही है.