ब्रिक्स (BRICS) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसमें वर्तमान में ब्राजील, रूस, भारत, ईरान, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. यह समूह मुख्य रूप से आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच संवाद और समन्वय का मंच प्रदान करता है.
BRICS की वैचारिक पृष्ठभूमि 1990 के दशक के अंत में विकसित हुई थी. रूस के तत्कालीन विदेश मंत्री येवगेनी प्रिमाकोव ने बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाया था. रूस, भारत और चीन के बीच आरआईसी यानी आरआईसी संवाद तथा भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच आईबीएसए जैसे मंचों ने भी आगे चलकर BRICS के गठन की पृष्ठभूमि तैयार करने में भूमिका निभाई.
BRIC शब्द का इस्तेमाल पहली बार ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने वर्ष 2001 में किया था. उन्होंने ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए इस शब्द का प्रयोग किया था. बाद में यह नाम इन देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग से जुड़ गया.
BRIC देशों का पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ था. इसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं ने हिस्सा लिया. इसके बाद इन देशों ने नियमित शिखर बैठकों और विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समन्वय की व्यवस्था विकसित की.
दक्षिण अफ्रीका सितंबर 2010 में इस समूह में शामिल हुआ और इसके बाद BRIC का नाम बदलकर BRICS कर दिया गया. दक्षिण अफ्रीका ने वर्ष 2011 में आयोजित तीसरे शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य के रूप में हिस्सा लिया.
BRICS का विस्तार वर्ष 2024 में हुआ. ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात ने रूस में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के रूप में पहली बार भाग लिया. इंडोनेशिया वर्ष 2025 की शुरुआत में आधिकारिक रूप से संगठन में शामिल हुआ. इसके साथ ही इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला BRICS सदस्य बना.
सऊदी अरब को जोहान्सबर्ग में आयोजित शिखर सम्मेलन में सदस्यता के लिए आमंत्रित किया गया था. हालांकि, सऊदी अरब ने अपनी सदस्यता की सार्वजनिक रूप से स्पष्ट पुष्टि नहीं की है. वर्ष 2024 के बाद नए सदस्यों के संदर्भ में BRICS+ शब्द का अनौपचारिक रूप से इस्तेमाल भी किया जाने लगा.
BRICS के सदस्य देश मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था और जनसंख्या का बड़ा हिस्सा रखते हैं. संगठन ने आर्थिक और वित्तीय सहयोग के लिए कई संस्थागत व्यवस्थाएं भी विकसित की हैं. इनमें न्यू डेवलपमेंट बैंक और BRICS आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था शामिल हैं. समूह ने BRICS PAY जैसे भुगतान तंत्र से जुड़े प्रयासों पर भी चर्चा और काम किया है.
BRICS के भीतर सदस्य देशों की अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी सामने आए हैं. इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की व्यापक चर्चा से जोड़ा जाता है.
BRICS के सभी मूल सदस्य और इंडोनेशिया जी20 के भी सदस्य हैं. संगठन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग मत रहे हैं. कुछ विश्लेषक इसे वैश्विक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण समूह मानते हैं, जबकि अन्य इसके सदस्य देशों की अलग-अलग राजनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं के कारण इसकी एकजुटता पर सवाल उठाते हैं. इसके बावजूद BRICS लगातार विस्तार और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों के कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का हिस्सा बना हुआ है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ब्रिक्स में शामिल न होने को लेकर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की आलोचना की है. उन्होंने इसे अपरिपक्व और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताया. शेख हसीना ने कहा कि ब्रिक्स में भागीदारी से देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के नए मौके मिल सकते थे, लेकिन ये मौका गंवा दिया गया.
BRICS Summit 2026 में सात साल बाद पीएम मोदी और शी जिनपिंग की 45 मिनट की मुलाकात हुई इसके तुरंत बाद रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चीन ने LAC के सामने अपनी सैन्य तैनाती कम की है क्या भारत-चीन रिश्ते सचमुच सुधर रहे हैं, या यह चीन की नई रणनीति है? देखिए पूरी रिपोर्ट
चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति से जुड़े बयान का स्वागत किया है. चीन का कहना है भारत-चीन संबंध किसी तीसरे देश से प्रभावित नहीं होने चाहिए. नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक के बाद बीजिंग ने इसे रिश्तों को आगे बढ़ाने वाला अहम कदम बताया.
दिल्ली में ब्रिक्स 2026 समिट का रविवार को समापन तो हो गया. लेकिन देश में इस पर अलग ही सियासत शुरू हो गई है. ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति बनी, जो भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है. मगर कांग्रेस समेत विपक्ष ने इस पूरे आयोजन को लेकर तरह तरह के सवाल उठाए हैं.
दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 2 दिन के ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो चुका है. मेहमान अपने वतन लौट चुके हैं. लेकिन अब भारत में इस पर सियासत की एंट्री हो गई है. ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों से लेकर खान-पान तक पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. देखिये पूरी खबर.
BRICS के शाकाहारी डिनर मेन्यू पर सियासत गरमा गई है. इस पर अलग अलग नेताओं के रिएक्शन भी सामने आ रहे हैं. इसी बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफुर राग्नार ग्रिम्सन ने हल्के फुल्के अंदाज में 20 साल पुराना एक किस्सा याद किया है. उन्होंने बताया कि आइसलैंड में भारत की तत्कालीन राष्ट्पति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को डिनर में सिर्फ शाकाहारी खाना परोसा गया था.
BRICS समिट में पीएम मोदी ने अपनी कूटनीति से खुद को सबसे बड़ा 'धुरंधर' साबित किया है. समिट के दौरान 3 दिनों में पीएम मोदी ने 15 राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की. दिल्ली डिक्लेरेशन को सर्वसम्मति से पास कराया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई. चीन के साथ विवादों के बावजूद दोस्ती का हाथ बढ़ाया. देखें ये स्पेशल शो.
पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के BRICS समिट पर पोस्ट को लेकर पवन खेड़ा ने तंज कसा है. शास्त्री ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए समिट की फोटो शेयर की थी, जबकि खेड़ा ने 2012 के BRICS समिट की तस्वीर शेयर कर रवि शास्त्री पर निशाना साधा है. खेड़ा ने पीएमओ पर भी प्रचार पोस्ट लिखवाने का आरोप लगाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान तीन दिनों में 15 औपचारिक द्विपक्षीय बैठकें कीं और कई अनौपचारिक बातचीत भी कीं.
ब्रिक्स सम्मेलन में न आने का खुन्नस बांग्लादेश अब निकाल रहा है. बांग्लादेश ने कहा है कि वो भारत के साथ अपने संबंधों को वैसा नहीं रहने देगा जैसा शेख हसीना के कार्यकाल में थे. बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि हम ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर पर हमेशा भारत के बारे में नहीं सोच सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए उन्हें न्योता भेजा गया था.
मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की. तस्वीर देखने में ऐसी थी, जैसे वह BRICS से जुड़े किसी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा हो. लेकिन बाद में तस्वीर की वास्तविकता को लेकर सवाल उठे और यह सामने आया कि यह एआई थी
भोजपुरी अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी ने ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी एक एआई तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर दी. तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े वैश्विक नेता नजर आ रहे थे. बाद में तस्वीर एआई से तैयार होने की जानकारी सामने आई तो मनोज तिवारी ने पोस्ट तुरंत हटा दी. उन्होंने गलती स्वीकार करते हुए नई पोस्ट में माफी भी मांगी. एआई के दौर में ऐसी तस्वीरों की पहचान चुनौती बन रही है.
BRICS समिट के दूसरे दिन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंट मार्कोस जूनियर और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी के साथ द्विपक्षीय बैठकें की.
दुनिया के दो हिस्सों में युद्ध का माहौल हो, जंग की तपिश में विश्व की अर्थव्यवस्थाओं का दम घुट रहा हो, उस वक्त भारत में शांति के बुद्ध संदेश के साथ BRICS 2026 का आयोजन हुआ. 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में जो दिल्ली घोषणा पत्र जारी हुआ उसमें 5 बड़ी बातें थी.
दिल्ली में ब्रिक्स 2026 समिट का रविवार को समापन तो हो गया. लेकिन देश में इस पर अलग ही सियासत शुरू हो गई है. ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति बनी, जो भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है. मगर कांग्रेस समेत विपक्ष ने इस पूरे आयोजन को लेकर तरह तरह के सवाल उठाए हैं. इसी पर देखें आज का दंगल.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने भारत की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की सफल मेजबानी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों ने साझा घोषणा पत्र को स्वीकार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.
BRICS समिट के डिनर मेन्यू को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. इस डिनर में केवल शाकाहारी खाना परोसा गया. इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 80% भारतीयों के नॉनवेज खाने का दावा करते हुए सरकार की आलोचना की.
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज और बाब अल मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्तों पर संकट गहरा गया है. जहाजों पर हमले, हूतियों की बढ़ती पकड़ और सऊदी तेल पाइपलाइन बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है. विशेषज्ञों ने लंबे व्यवधान की स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर पार जाने की आशंका जताई है. इसका असर महंगाई और सोमवार के शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई कोशिशों के बावजूद भी यूक्रेन वॉर को बंद करवाने में सफल नहीं रहे हैं. अब इस कोशिश में पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने मदद करने की पेश की है. हाल में ही पीएम मोदी ने रूस को कहा भी था कि अब अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने का समय है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ताकतवर होने का मतलब हमेशा सही होना नहीं है. जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय नियमों में समानता, संयुक्त राष्ट्र और वित्तीय संस्थाओं में सुधार तथा एआई सहयोग की वकालत की. उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए व्यापार, डिजिटल उद्योग और तकनीकी सहयोग की पांच पहलें भी रखीं.