शी जिनपिंग (Xi Jinping), चीन के राष्ट्रपति हैं (President of China). चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और 2012 से केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के अध्यक्ष और 2013 से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) के अध्यक्ष, शी चीन के सर्वोपरि नेता रहे हैं. पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सबसे प्रमुख राजनीतिक नेता हैं.
12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 India) में जिनपिंग शामिल हुए. शी जिनपिंग सात साल बाद भारत के दौरे पर आए थे.
शी को अक्सर राजनीतिक और अकादमिक पर्यवेक्षकों ने एक तानाशाह या एक सत्तावादी नेता के रूप में वर्णित किया है. शी के राजनीतिक विचारों को पार्टी और राष्ट्रीय संविधानों में शामिल किया गया है (Xi Jinping, Dictator). शी, पीआरसी (PRC) की पांचवीं पीढ़ी के नेता हैं (Xi Jinping 5th Generation Leader). शी ने नवगठित राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग की अध्यक्षता करने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक सुधारों पर नई संचालन समितियां बनाई हैं. उनके नेतृत्व के पदों के साथ सैन्य पुनर्गठन और आधुनिकीकरण, और इंटरनेट की एक विस्तृत श्रृंखला को लेकर संस्थागत शक्ति को महत्वपूर्ण रूप से केंद्रीकृत किया है.
11 नवंबर 2021 को सीसीपी ने शी की विचारधारा को "चीनी संस्कृति का सार" घोषित किया था. सीसीपी की स्थापना के बाद से यह तीसरा मौलिक संकल्प है और प्रतीकात्मक रूप से उन्हें माओत्से तुंग और देंग शियाओपिंग के नेताओं के समान प्रतिष्ठा दी जाती है (Chinese Communist Party).
शी जिनपिंग का जन्म 15 जून 1953 को बीजिंग में हुआ था (Xi Jinping Age). वह, शी झोंगक्सुन और उनकी क्यूई शिन के दूसरे बेटे हैं (Xi Jinping Parents). 1949 में पीआरसी की स्थापना के बाद, शी के पिता ने कई पदों पर कार्य किया, जिसमें पार्टी प्रचार प्रमुख, उपाध्यक्ष और नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष शामिल थे. शी की दो बड़ी बहनें थीं, शी बीजिंग और बीजिंग (Xi Jinping Sisiters). शी ने बेई स्कूल से अपनी शिक्षा प्राप्त की है (Xi Jinping Education).
सात बार खारिज किए जाने के बाद शी 1971 में एक स्थानीय अधिकारी से मित्रता करके चीन की कम्युनिस्ट यूथ लीग (Chinese Communist Youth League) में शामिल हो गए. 1973 से, उन्होंने दस बार सीसीपी में शामिल होने के लिए आवेदन किया और अंततः 1974 में उनके दसवें प्रयास में स्वीकार कर लिया गया.
1975 से 1979 तक, शी ने बीजिंग में "वर्कर-किसान-सिपाही छात्र" के रूप में शामिल हो गए. बाद में वह सिंघुआ विश्वविद्यालय में केमिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया. वहां उन्होंने लगभग 15 प्रतिशत समय मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओ ज़ेडॉन्ग के विचारों का अध्ययन करने और 5 प्रतिशत समय कृषि कार्य करने और "पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से सीखने" में बिताया (Xi Jinping Studied Marxism–Leninism–Mao Zedong thought).
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शी जिनपिंग की आगामी वाशिंगटन यात्रा से पहले फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों की स्थिरता, मतभेदों को सुलझाने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
चीन ने ईरान को जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस की सैटेलाइट तस्वीरें दीं. जुलाई हमले में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए. हफ्तों बाद चीन का वही सैटेलाइट अंतरिक्ष में टूट गया. कारण किसी को पता नहीं चल रहा.
यमन की जंग में चीन की DF-15A बैलिस्टिक मिसाइल के कथित इस्तेमाल ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. OSINT विश्लेषकों का दावा है कि सऊदी अरब की मिसाइल हूती ठिकानों तक पहुंचने से पहले रेगिस्तान में गिर गई. दूसरी तरफ हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमले सऊदी अरब के लिए नई चुनौती बन गए हैं. आखिर इस जंग का असर तेल बाजार और चीन की हथियार साख पर कैसे पड़ सकता है? देखिए पूरी रिपोर्ट.
चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति से जुड़े बयान का स्वागत किया है. चीन का कहना है भारत-चीन संबंध किसी तीसरे देश से प्रभावित नहीं होने चाहिए. नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक के बाद बीजिंग ने इसे रिश्तों को आगे बढ़ाने वाला अहम कदम बताया.
मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की. तस्वीर देखने में ऐसी थी, जैसे वह BRICS से जुड़े किसी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा हो. लेकिन बाद में तस्वीर की वास्तविकता को लेकर सवाल उठे और यह सामने आया कि यह एआई थी
BRICS समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्लोबल साउथ, अंतरराष्ट्रीय नियमों, UN, AI और आर्थिक सहयोग को लेकर चीन का विजन सामने रखा. उन्होंने BRICS देशों से एकजुट होकर दुनिया में स्थिरता और विकास के लिए काम करने की अपील की.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ताकतवर होने का मतलब हमेशा सही होना नहीं है. जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय नियमों में समानता, संयुक्त राष्ट्र और वित्तीय संस्थाओं में सुधार तथा एआई सहयोग की वकालत की. उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए व्यापार, डिजिटल उद्योग और तकनीकी सहयोग की पांच पहलें भी रखीं.
पीएम मोदी ने BRICS समिट में बढ़ते वैश्विक तनाव और आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत रेजिलिएंस की जरूरत बताई। उन्होंने महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन संकट का जिक्र करते हुए BRICS इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम और आपदा प्रबंधन गाइडलाइंस को अहम कदम बताया।
भारत में आयोजित 18वें BRICS समिट के दूसरे और आखिरी दिन नेताओं ने राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लिया। चर्चा रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित रही। पीएम मोदी कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
12 सितंबर से शुरू हुआ नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 आज खत्म हो रहा है. दोनों दिन समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेताओं के साथ मजबूत साझेदारी देखने को मिली. रूसी राष्ट्रपति पुतिन से लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक के साथ उनका गर्मजोशी भरा अंदाज साफ नजर आया.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन के कार्यक्रम में पीएम मोदी का संबोधन सुना और सभी नेताओं के साथ फैमिली फोटो भी खिंचवाई.चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के बाद भारत से चीन के लिए रवाना हो गए हैं.
BRICS समिट के दूसरे दिन एक तस्वीर ने खास ध्यान खींचा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता नजर आए.
BRICS समिट के दौरान PM मोदी ने मेहमान नेताओं के लिए खास डिनर रखा. इसमें कई बड़े नेता शामिल हुए, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गैरमौजूदगी ने ध्यान खींचा. आखिर वह डिनर में क्यों नहीं पहुंचे, यहां जानिए.
नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी नेताओं और डेलीगेट्स के लिए खास डिनर आयोजित किया। मेहमानों को भारतीय स्वाद वाली खंडवी, खुंब गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव और चुकंदर रायता परोसा गया।
BRICS समिट के पहले दिन AI, क्रॉस बॉर्डर पेमेंट, एकतरफा प्रतिबंधों, UNSC सुधार समेत कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई. नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने जंग और टकराव रोकने, बातचीत और कूटनीति के जरिए अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान करने पर जोर दिया गया.
मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद भारत और चीन ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के साथ सीमा पर शांति की जरूरत पर जोर दिया. दोनों देशों की प्रेस रिलीज में कई बातें एक जैसी रहीं, लेकिन सीमा के मुद्दे को रखने का अंदाज अलग दिखा. आखिर दोनों बयानों में क्या खास रहा?
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की लगातार तीसरे साल हुई बैठक से भारत-चीन संबंध विश्वास निर्माण के नए चरण में पहुंचे हैं. विशेषज्ञ वांग शू ने सीमा प्रबंधन, सीमा व्यापार, सीधी उड़ानों और लोगों के बीच संपर्क में हुई प्रगति को सकारात्मक संकेत बताया.
दिल्ली में शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की.
दिल्ली BRICS समिट की तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बगल में दो परिचित चेहरे फिर नजर आए. ये कोई सामान्य अधिकारी नहीं, बल्कि दोनों नेताओं के सबसे भरोसेमंद व्यक्तिगत अनुवादक हैं. शी के साथ सन निंग और PM मोदी के साथ सिद्धार्थ बाबू. हर महत्वपूर्ण दौरे और बैठक में मौजूद ये दोनों चुपचाप कूटनीति की सबसे अहम कड़ी बनकर काम करते हैं.
नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान दुनिया की तीन बड़ी ताकतें एक मंच पर दिखीं. पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गर्मजोशी से मिले और BRICS की एकता का संदेश पूरी दुनिया को दिया. तीनों नेताओं के बीच जबरदस्त केमिस्ट्री नजर आई. इसी पर देखें सो सॉरी का ये मजेदार एपिसोड.
दिल्ली में BRICS समिट के दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पन्नों पर एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया. तमाम वैश्विक मतभेदों, भू-राजनीतिक तनावों और दुनिया भर की चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वसम्मति से 'Joint Declaration' पर मुहर लग गई. ये भारत की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और उसकी बुलंद कूटनीतिक धाक को साबित करता है. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.