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काउबॉय हैट और ब्लैक टीशर्ट, ट्रंप की 'कैटलेडी' के गाने पर थिरके अब्दुल, VIDEO वायरल

अब्दुल अल सैयद को पॉप सेंसेशन टेलर स्विफ्ट के गाने यू बिलॉन्ग विद मी पर नाचते देखा जा सकता है. इस वायरल वीडियो में वह टेलर के गाने पर थिरक रहे हैं और कैंपेन कर रहे हैं. 

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अब्दुल अल सैयद खूब नाचे. (Photo: ITG)
अब्दुल अल सैयद खूब नाचे. (Photo: ITG)

अमेरिकी राजनीति में आजकल अब्दुल अल सैयद की खूब चर्चा हो रही है. डेमोक्रेटिक अब्दुल मिशिगन सीट से जीत दर्ज कर सीनेट पहुंचे हैं. उनकी जीत इसलिए भी बहुत बड़ी हैं क्योंकि वह अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर चुने गए हैं और ट्रंप लंबे समय से उनको निशाना बनाते रहे हैं. इस बीच अब्दुल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अब्दुल को पॉप सेंसेशन टेलर स्विफ्ट के गाने यू बिलॉन्ग विद मी पर नाचते देखा जा सकता है. इस वायरल वीडियो में वह टेलर के गाने पर थिरक रहे हैं और कैंपेन कर रहे हैं. 

इस वीडियो में अब्दुल ने काउबॉय हैट पहनी है और ब्लैक वी शेप टीशर्ट में वह जमकर थिरक रहे हैं. यह वीडियो उनके चुनाव प्रचार का है. लेकिन सबसे दिलचस्प बात ये रही कि उन्होंने गाने के बोल को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माइक रोजर्स पर तंज के हिसाब से बदल दिया. अब अब्दुल की जीत के बाद इस वीडियो को लोग दोबारा सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. 

डोनाल्ड ट्रंप और टेलर स्विफ्ट के बीच की जुबानी जंग से हर कोई वाकिफ है. ट्रंप कई मौकों पर टेलर की आलोचना कर चुके हैं और कई सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से टेलर पर तंज कस चुके हैं. बता दें कि टेलर स्विफ्ट को बिल्लियां पालने का बड़ा शौक है. उनके घर पर दस से ज्यादा बिल्लियां हैं. टेलर कई मौकों पर बिल्लियों को रेस्क्यू भी कर चुकी हैं. इसी वजह से ट्रंप उन्हें कैटलेडी कहकर तंज कसते हैं. 

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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भी ट्रंप ने एक रैली में टेलर को कैटलेडी कहकर उनका खूब मजाक उड़ाया था, जिसका जवाब भी टेलर स्विफ्ट ने अपने अंदाज में दिया था.

बता दें कि रिपब्लिकन पार्टी के माइक रोजर्स को हराकर सैयद अमेरिकी सीनेट तक पहुंचने वाले पहले मुस्लिम सीनेटर चुने गए हैं. 42 साल के अब्दुल अल सैयद पेशे से डॉक्टर हैं और पब्लिक हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटर रहे हैं. उनका जन्म मिशिगन में हुआ था और उनके माता-पिता मिस्र से अमेरिका आए थे. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने स्कॉलर के तौर पर ऑक्सफोर्ड से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट की और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल डिग्री ली.

अल सैयद को डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव विंग का नेता माना जाता है. उनके प्रमुख मुद्दों में मेडिकेयर फॉर ऑल यानी सबके लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना है. इसके अलावा राजनीति में कॉरपोरेट और बड़े पैसे के प्रभाव को कम करना. कामकाजी और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बढ़ती लागत कम करना और आवास और स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाना है.

वह इजरायल की गाजा नीति के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने इजरायली कार्रवाई को नरसंहार तक कहा है. वह इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता पर भी सवाल उठाते रहे हैं. इस वजह से उन्हें कुछ यहूदी संगठनों और राजनीतिक विरोधियों की आलोचना का सामना करना पड़ा, जबकि उनके समर्थक उन्हें डेमोक्रेटिक राजनीति में एक नई, मुखर प्रोग्रेसिव आवाज मानते हैं. 

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सैयद की जीत सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं है. एक मिस्र-अमेरिकी मुस्लिम, डॉक्टर और प्रोग्रेसिव नेता का अमेरिकी सीनेट तक पहुंचना डेमोक्रेटिक पार्टी की बदलती राजनीति और अमेरिका में मुस्लिम प्रतिनिधित्व दोनों के लिहाज से बड़ी बात है.

मालूम हो कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर सैयद लंबे समय से रहे है ट्रंप उन्हें कई मौकों पर जिहादी तक बोल चुके हैं. ट्रंप ने एक चुनावी रैली में कहा था कि सैयद को सीनेट जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा और वह ऐसा करने वाले इकलौते सीनेटर होंगे.

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