डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) संयुक्त राज्य अमेरिका में दो प्रमुख समकालीन राजनीतिक दलों में से एक है. डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थापना 1828 में हुई थी. 1850 के दशक के उत्तरार्ध से, इसका मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी रही है. तब से दोनों पार्टियों ने अमेरिकी राजनीति पर अपना दबदबा कायम रखा है. अमेरिका में मतदाता चार साल की अवधि के लिए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है. राष्ट्रपति पद के लिए 5 नवंबर 2024 को चुनाव होना है. 20 जनवरी 2025 को नए राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने 20 जुलाई को राष्ट्रपति की दौड़ से पीछे हटने का ऐलान किया था. उन्होंने कमला हैरिस (Kamala Harris) का समर्थन किया. डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस ने टिम वाल्ज (Tim Walz) को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए चुना.
डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष जैमे हैरिसन हैं. सीनेट के बहुमत नेता चक शूमर, और सदन अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीज हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी के बिल क्लिंटन 20 जनवरी, 1993 से 20 जनवरी, 2001 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे थे. बराक ओबामा 20 जनवरी, 2009 से 20 जनवरी, 2017 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे और जो बिडेन 20 जनवरी, 2021 से अमेरिका के राष्ट्रपति हैं.
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में बहुमत खो दिया. ट्रंप की इस सियासी बर्बादी ने दुनियाभर के शेयर बाजारों के लिए एक ऐतिहासिक 'दिवाली' ला दी. नतीजों के तुरंत बाद अकेले भारतीय निवेशकों की झोली में 6 लाख करोड़ रुपये की बरसात हुई, तो वहीं ग्लोबल मार्केट में 165 लाख करोड़ रुपये का बंपर इजाफा दर्ज किया गया. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार के बाद रैपर निकी मिनाज ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चुनावों के नतीजों से उन्हें खुशी नहीं हुई. इतना ही नहीं उन्होंने ट्रंप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने की बात कही.
मिडटर्म चुनाव के बाद कांग्रेस में सत्ता का समीकरण बदल सकता है. लेकिन इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकार अपने आप खत्म नहीं होंगे. राष्ट्रपति के पास वीटो की ताकत, सरकारी एजेंसियों को दिशा देने का अधिकार और विदेश नीति में अहम भूमिका बनी रहेगी. डेमोक्रेट्स जांच, सुनवाई, बजट और नए कानूनों के जरिए ट्रंप सरकार पर दबाव बढ़ा सकते हैं. लेकिन सिर्फ संसद में बहुमत बदलने से कार्यकारी फैसले अपने आप नहीं बदलेंगे.
ट्रंप ने मिड टर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है. ट्रंप ने कहा कि बाजार गिरने से लोगों के 401(k) रिटायरमेंट खातों में जमा रकम भी कम हुई है. गुरुवार को नैस्डैक 100 में 6.4 फीसदी की गिरावट आई और बाजार की करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू घट गई.
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मस्क ने चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों, राजनीतिक संगठनों और दूसरे समूहों पर 445 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किए थे. लेकिन टेक्सास में उनके समर्थन वाले केन पैक्सटन और ग्रेग एबॉट चुनाव हार गए. अब डेमोक्रेटिक सांसद मस्क की DOGE में भूमिका, उनकी कंपनियों को मिले सरकारी ठेकों और रूस से उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहे हैं.
जॉर्जिया में डेमोक्रेट सीनेटर जॉन ओसॉफ ने दोबारा जीत दर्ज कर राजनीति में अपनी मौजूदगी साबित की है. 2021 में पहली बार सीनेट पहुंचे ओसॉफ ने उस राज्य में सीट बचाई, जहां 2024 में डोनाल्ड ट्रंप जीते थे. उनकी जीत के बाद 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने की अटकलें तेज हो गई हैं. भाषण शैली और राजनीतिक अंदाज के चलते उनकी तुलना बराक ओबामा से की जा रही है.
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन और रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटकों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई है और दलाल स्ट्रीट पर रौनक लौट आई है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही बढ़त दर्ज की गई है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी बढ़ने से भारतीय बाजार को नया हौसला मिला है.
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटका लगा है और डेमोक्रेट्स का दोनों सदनों पर नियंत्रण होने जा रहा है. ऐसे में क्या ट्रंप की टैरिफ नीति पर लगाम लगेगी? क्या भारतीयों को H-1B वीजा के मोर्चे पर राहत मिलेगी? और भारत-अमेरिका व्यापार, शेयर बाजार, कच्चे तेल और रुपये पर इसका क्या असर हो सकता है?
2026 के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद जेडी वेंस और टेड क्रूज़ के रुख ने ट्रंप से बढ़ती दूरी के संकेत दिए. कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक कब्जे ने ट्रंप के एजेंडे पर दबाव बढ़ाया और रिपब्लिकन नेतृत्व की अगली लड़ाई तेज कर दी.
अमेरिका के टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाया. 1988 के बाद पहली बार टेक्सास सीनेट सीट पर डेमोक्रेट्स को जीत मिली. तीन बार से गवर्नर पद संभाल रहे ग्रेग अबॉट को भी डेमोक्रेट्स उम्मीदवार ने हराया. टेक्सास और अमेरिकी झंडों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी समर्थक नजर आए. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को दोनों सदनों में मिली हार के बाद उनकी आर्थिक और टैरिफ नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि घरेलू आर्थिक दबाव के चलते ट्रंप को अपनी व्यापार नीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है.
डेमोक्रेट्स ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट जीतकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया. इस नतीजे से ट्रंप के आखिरी 2 वर्षों में जांच, बजट, ईरान युद्ध, नियुक्तियों और वीटो पर तीखा टकराव बढ़ सकता है.
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. डेमोक्रेट्स ने संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. अब वे ट्रंप प्रशासन, ईरान युद्ध और उनके कारोबारी हितों की जांच कर सकते हैं. महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और टैरिफ नीति भी रिपब्लिकन पार्टी की हार की बड़ी वजह बने. इस नतीजे का असर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव तक दिखाई दे सकता है.
कई ऐतिहासिक नतीजे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में सामने आए हैं. जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स देश की पहली अश्वेत महिला गवर्नर चुनी गईं. मिशिगन से अब्दुल अल-सैयद पहले मुस्लिम सीनेटर बने. इन चुनावों में महिला, अश्वेत, मुस्लिम, मूल अमेरिकी और LGBTQ समुदाय से जुड़े नेताओं ने नए रिकॉर्ड बनाए.
US Midterm Elections Counting Live Updates: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बाद अब काउंटिंग पर सबकी नजरें हैं. यह चुनाव 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं. जीत-हार का सिलसिला शुरू हो चुका है. मध्यावधि चुनाव के नतीजे ट्रंप की राजनीतिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं.
भारतीय मूल के नेताओं ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है. अमी बेरा, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल ने अपनी सीट बरकरार रखी है. वहीं, फ्लोरिडा से पिया डांडिया ने जीत दर्ज की है. इन नतीजों से अमेरिकी संसद में भारतीय मूल के सांसदों के अनौपचारिक समूह 'समोसा कॉकस' के मजबूत होने की उम्मीद है.
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद चीन ने इसे अमेरिका का आंतरिक मामला बताया है और दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई है.
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद चीन ने इसे अमेरिका का आंतरिक मामला बताया है. बीजिंग ने दोनों देशों के बीच संवाद, सहयोग और शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने की इच्छा जताई है. ये बैठक 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC सम्मेलन के दौरान हो सकती है. हालांकि, चीन ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है.
अमेरिका में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान होता है, फिर भी वोटों की गिनती तेजी से पूरी हो जाती है. वीडियो में जानिए स्कैनर, एडवांस वोटिंग और विकेंद्रीकृत चुनाव व्यवस्था की मदद से वहां कैसे होती है मतगणना. यानी अमेरिका में तेजी की वजह सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि पहले से तैयारी और विकेंद्रीकृत चुनावी व्यवस्था भी है.
अब्दुल अल सैयद को डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव विंग का नेता माना जाता है. उनके प्रमुख मुद्दों में मेडिकेयर फॉर ऑल यानी सबके लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना है. इसके अलावा राजनीति में कॉरपोरेट और बड़े पैसे के प्रभाव को कम करना भी उनकी प्राथमिकता रहा.
अब्दुलरहमान मोहम्मद अल-सैयद ने मिशिगन में सीनेट चुनाव जीतकर इतिहास रचा और असदुद्दीन ओवैसी ने उनकी जीत पर प्रतिक्रिया दी. ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से अपनी सियासी पहचान मजबूत करने को कहा और दावा किया कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की गुलामी नहीं करता.