कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपनी टीम के साथ पॉपकॉर्न लेकर बैठे और बिंज वॉचिंग करते हुए रणवीर सिंह की धुरंधर के दोनों पार्ट देख डाले. थरूर ने कहा कि उन्हें फिल्म के पहले पार्ट की तुलना में सेकंड पार्ट ज्यादा पसंद आया. उन्होंने फिल्ममेकिंग और एक्टिंग की तारीफ की है लेकिन कई चीजें हैं, जो उन्हें खटक गई.
शशि थरूर ने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि फिल्म का सेकंड पार्ट पहले की तुलना में कहीं बेहतर है. फिल्म जिस तरह से बनाई गई है, वो काफी एंटरटेनिंग है लेकिन प्रोपेगैंडा है. इस वजह से फिल्म सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि कई खाड़ी देशों में भी बैन है.
थरूर ने कहा कि फिल्म में इतनी हिंसा और खूनखराबा है. मैंने इस तरह का खूनखराबा पहले किसी हिंदी फिल्म में नहीं देखा. फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है और उसके जरिए जो राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है, मुझे उस पर भी आपत्तिया हैं.
उन्हें कहा कि फिल्म में कई सीन जरूरत से ज्यादा ग्राफिक से लबरेज थे. फिल्मों में जिस तरह से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को दिखाया गया है. मुझे वो भी पसंद नहीं आया.
धुरंधर को लेकर शशि थरूर ने क्या कहा?
थरूर ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए लगभग सात मिनट के वीडियो में धुरंधर के दोनों पार्ट पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि ये एक काल्पनिक कहानी है लेकिन मनोरंजन के नजरिए से देखें, तो इसमें कोई शक नहीं कि दूसरा पार्ट शानदार है.
थरूर ने जहां मनोरंजन के तौर पर सीक्वल की तारीफ की. वहीं, उन्होंने इस सीरीज में दिखाई गई हिंसा की आलोचना भी की. उन्हें लगा कि फिल्म निर्माता इतने सारे डिस्टर्बिंग सीन का सहारा लिए बिना भी कहानी कह सकते थे. फिल्म में इतनी ज्यादा हिंसा, खून-खराबा, और क्रूरता है जो अब तक भारतीय सिनेमा में नहीं देखी गई.
थरूर ने प्रोपेगेंडा पर भी की बात
कांग्रेस सांसद ने 'धुरंधर' के जरिए दिए गए राजनीतिक संदेशों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि इन फिल्मों में पाकिस्तान को जिस तरह से दिखाया गया है, वह असहज करता है. शशि ने माना कि इस तरह के विषय दर्शकों की सोच पर असर डाल सकते हैं कि वे दोनों देशों के रिश्तों को कैसे देखते हैं.
उन्होंने पाकिस्तान और कई खाड़ी देशों में इन फिल्मों पर लगे प्रतिबंधों की खबरों का जिक्र किया, जहां ऐसी चिंताएं जताई गई थीं कि इन फिल्मों से भारतीयों और पाकिस्तानियों के बीच तनाव और बढ़ सकता है.
उन्होंने कहा, 'मुझे जो बातें पसंद नहीं आईं, उनमें से एक है बहुत ज्यादा भयानक हिंसा. यह हद से ज्यादा और जरूरत से ज्यादा थी. इतनी हिंसा, खून-खराबा, क्रूरता और भारतीय सिनेमा में अब तक देखे गए सबसे घिनौने दृश्यों को दिखाने की कोई जरूरत नहीं थी.' साफतौर पर इसमें काफी प्रोपेगैंडा है. मुझे पता चला है कि कई देशों में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि कई खाड़ी देशों ने भी इसे बैन कर दिया है. उनका कहना है कि इससे भारतीयों और पाकिस्तानियों के बीच बेवजह कड़वाहट पैदा होगी, और मैं उनकी इस भावना को समझ सकता हूं.'
उन्होंने यह भी सोचा कि अगर पाकिस्तानी दर्शक इन फिल्मों को देखें, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी. उन्होंने आगे कहा, 'मुझे नहीं पता कि अगर पाकिस्तानी इसे देखेंगे तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी. मुझे लगता है कि कुछ संवादों पर तो वे हंसेंगे. वहीं, कुछ अन्य चीजों को देखकर उन्हें एहसास होगा कि उनके नाम पर कितना कुछ गलत किया गया है.'
एक्टिंग और प्रोडक्शन की तारीफ की
शशि ने आलोचना करने के बावजूद इन दोनों फिल्मों को बनाने में की गई मेहनत को सराहा. उन्होंने कहा कि इस फ्रेंचाइजी का पैमाना इसे एक यादगार सिनेमाई एक्सपीरियंस बनाता है. उन्होंने फिल्मों को बहुत ही जीवंत तरीके से बनाया गया है. उन्होने कहा कि 'जिनके पास कल्पनाशीलता या सोचने-समझने की क्षमता है, उन पर इन फिल्मों का असर जरूर पड़ेगा.'
उन्होंने दोनों पार्ट को देखने के एक्सपीरियंस को याद करते हुए कहा कि इन फिल्मों को देखकर उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होंने बहुत बड़े स्केल पर कुछ देखा है. आठ घंटे के आखिर में आपको महसूस होता है कि आप एक बहुत बड़े सिनेमाई अनुभव से गुजरे हैं.
बता दें कि 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी, संजय दत्त, सारा अर्जुन और आर. माधवन अहम भूमिकाओं में हैं. दिसंबर 2025 और मार्च 2026 में रिलीज हुए इन दो पार्ट ने दुनिया भर में 3,100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है.