कंगना रनौत इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं. स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बाद उन्होंने जेन जी के लिए कहा था कि ये एक गटरछाप जेनरेशन है. कंगना का ये बयान ऐसे समय में आया था, जब देशभर में कई सारे स्टूडेंट्स नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार को गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे.
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद ने जेन जी द्वारा दी गईं गालियों पर नाराजगी जताई थी. इस दौरान उन्होंने 'गटरछाप' जैसा शब्द इस्तेमाल किया, जिसके लिए उनकी कड़ी निंदा हुई. अब कंगना की भाषा पर बॉलीवुड एक्टर आशुतोष राणा ने अपनी बात सामने रखी है. वो बिहार के पटना आए हुए थे, जहां एयरपोर्ट पर उनकी मीडिया से कुछ बातचीत हुई.
कंगना की भाषा पर बोले आशुतोष राणा
आशुतोष राणा ने एक न्यूज एजेंसी से इस मुद्दे पर कहा- देखिए, ये मेरी अपनी राय है. शेर दहाड़ता है, हाथी चिंघाड़ता है, कुत्ता भौकता है. इसलिए किसी भी जीव की पहचान, उसके गले से निकलने वाली आवाज से होती है. इसलिए भाषा का बहुत महत्व है.
'भाषा के मामले में हमारे यहां अक्सर ऐसा कहा जाता है कि आप बातों से ही हाथी की सवारी का सम्मान प्राप्त करते हैं और बातों की वजह से ही आपको हाथी के पैर के नीचे डाले जाने वाला दंड मिलता है. हमारे शब्द ही हमारे सम्मान का प्रतीक होते हैं और हमारे शब्द ही हमारे अपमान का कारण बनते हैं. इसलिए हमें किसी भी हिसाब से भाषा के ऊपर ध्यान देना चाहिए.'
इससे पहले एक्टर सोनू सूद ने भी कंगना के बयान पर नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने साफ कहा था कि इस तरह की बातें बेहद शर्मनाक हैं और एक्ट्रेस को सोच-समझकर अपनी बात सामने रखनी चाहिए.
फिर भड़की थीं कंगना
बच्चों ने जहां सरकार को भद्दी गालियां दीं जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बीती रात माफ किया था. मगर लगता है कि कंगना उन्हें बिल्कुल माफ करने के मूड में नहीं हैं. शनिवार को एक टीनेज लड़की ने जब अपने वायरल गाली वाले वीडियो पर माफी मांगी थी, तब कंगना उसपर भी भड़क पड़ी थीं.
उन्होंने दावा किया कि लड़की को गाली देने के लिए उकसाया गया था. जबकि बुर्का पहनने वाली लड़कियां कभी भी ऐसा भद्दा प्रदर्शन नहीं करती हैं. एक्ट्रेस ने इस बात पर जोर भी दिया कि हिंदू लड़कियों की रक्षा करना हमारा फर्ज है. क्योंकि उन्हें ऐसे भहला-फुलसाकर कुछ भी कहने के लिए उकसाया जा रहा है, जो एक समुदाय को नाकाम बनाता है.