बॉक्स ऑफिस पर छोटे बजट की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने ऐसा खेल दिखाया है कि अब इसके डायरेक्टर खुद फिल्म की कमाई का हिसाब लगाने से पीछे हट गए हैं. करीब 1.8 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म को लेकर डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने कहा है कि अब उन्होंने बॉक्स ऑफिस स्टेटस गिनना ही बंद कर दिया है. उनका मानना है कि फिल्म को दर्शकों का लगातार प्यार मिल रहा है और अब वह देखना चाहते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी का आशीर्वाद फिल्म को कहां तक ले जाता है.
एएनआई से बातचीत में विशाल ने फिल्म की सफलता, बॉक्स ऑफिस पर इसकी बदलती तस्वीर, कम होते थिएटरों के बावजूद बढ़ती कमाई और अपनी धार्मिक यात्रा के बारे में खुलकर बात की.
‘अब हमने बॉक्स ऑफिस स्टेटस गिनना बंद कर दिया’
फिल्म की कामयाबी को लेकर विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि अब वह फिल्म की कमाई के आंकड़ों को लगातार गिनने के बजाय उसके सफर को देख रहे हैं. उन्होंने कहा- अब हमने बॉक्स ऑफिस स्टेटस को गिनना बंद कर दिया है. देखते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी का आशीर्वाद इसे कहां तक ले जाता है.
यानी डायरेक्टर के मुताबिक अब उनके लिए सबसे बड़ा आंकड़ा यह नहीं है कि फिल्म ने कितने करोड़ कमाए, बल्कि यह है कि दर्शक फिल्म को कितना पसंद कर रहे हैं और इसका सफर अभी कहां तक जाता है.
‘फिल्म को फ्लॉप घोषित करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए’
विशाल ने फिल्मों को जल्दबाजी में फ्लॉप घोषित किए जाने पर भी सवाल उठाया. उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में इसके लिए कुछ तय स्टैंडर्ड होने चाहिए. उन्होंने कहा- जहां तक फ्लॉप घोषित करने की बात है, मुझे लगता है कुछ स्टैंडर्ड्स फिल्म इंडस्ट्री में होना चाहिए. जब तक फिल्म थियेटर के अंदर है और जब तक वो अपना रनटाइम पूरा नहीं करती है, तब तक उस फिल्म को फ्लॉप घोषित करना जल्दबाजी होगी. ये जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
विशाल के मुताबिक, जब तक कोई फिल्म सिनेमाघरों में चल रही है और दर्शक उसे देखने पहुंच रहे हैं, तब तक उसके बारे में फैसला सुनाना सही नहीं है. उन्होंने आगे कहा- जब तक जनता आपकी फिल्म को प्यार दे रही है, उसके बारे में बात कर रही है, उसे फ्लॉप कहना जायज नहीं होगा.
25 थिएटर बचे, फिर भी 250 थिएटर जितनी कमाई!
डायरेक्टर ने अपनी फिल्म के सफर का एक दिलचस्प किस्सा भी बताया. विशाल के मुताबिक, फिल्म एक समय सिर्फ 25 थिएटरों में रह गई थी, लेकिन वहां भी कमाई उतनी ही हो रही थी, जितनी शुरुआत में 250 थिएटरों से हो रही थी.
उन्होंने कहा- मेरे अनुमान में फिल्म कमाई कर रही थी. हमारे पास 25 थिएटर थे, और उससे उतना ही कलेक्शन आ रहा था, जितना कि शुरुआत में 250 थिएटर्स से आ रहा था. सारे शोज हाउसफुल थे. यानी स्क्रीन कम होती गईं, लेकिन दर्शकों का प्यार कम नहीं हुआ. उल्टा, बचे हुए थिएटरों में शोज हाउसफुल जाने लगे.
बड़ी फिल्म आई तो शोज के लिए थिएटरों पर आया दबाव
विशाल ने बताया कि उस वक्त थिएटर मालिकों के सामने भी एक तरह की मजबूरी थी. उनके मुताबिक, बड़े बजट की फिल्म रिलीज होने के बाद थिएटरों को उसके शो लगाने ही थे. उन्होंने कहा- थियेटर्स के पास क्राइसिस वाली सिचुएशन थी, उनके पास जो बड़े बजट की फिल्म आई थी, वो उसके शोज लगाने ही थे. लेकिन इसके बाद कहानी ने फिर करवट ली.
विशाल के मुताबिक, जब ‘हनुमान अंश’ के बचे हुए सारे शोज हाउसफुल जाने लगे तो टीम ने अपनी यात्रा शुरू की. विशाल ने बताया कि जब फिल्म ने जोर पकड़ना शुरू किया तो टीम गुजरात गई. इसी दौरान वे प्रेमानंद महाराज जी के एक स्थान पर भी गए. इसके बाद उनकी यात्रा राजस्थान पहुंची, जहां टीम ने हनुमान मंदिर, सालासर बालाजी और फिर श्रीनाथ जी के मंदिर के दर्शन किए.
विशाल ने बताया- इसके बाद हम राजस्थान पहुंचे, जहां हम हनुमान मंदिर गए, सालासर बालाजी, फिर श्रीनाथ जी के मंदिर भी गए. वहां जाकर हमने फिल्म के बारे में बात की. डायरेक्टर का मानना है कि इस पूरी यात्रा के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी.
उन्होंने कहा- तो हनुमान जी, महाराज जी और श्रीनाथ जी की कृपा से फिल्म ने जोर पकड़ना शुरू किया. विशाल इस कामयाबी को सिर्फ बॉक्स ऑफिस का गणित नहीं मान रहे, बल्कि इसे भगवान और संतों के आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे हैं.
‘हमने फिल्म 1.8 करोड़ में बनाई है’
‘हनुमान अंश’ के बजट को लेकर भी विशाल ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि फिल्म को बनाने में करीब 1.8 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. उन्होंने कहा- विशाल ने कहा कि हमने फिल्म 1.8 करोड़ में बनाई है. और अब हालात ये हैं कि हमने सच में गिनना बंद कर दिया है कि इसने कितनी कमाई की.
विशाल ने यह भी बताया कि फिल्म के शोज लगातार बढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक इस वक्त फिल्म 2600 से 2800 के बीच शोज में चल रही है और अगर भगवान ने चाहा तो इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है.
उन्होंने कहा- अब शोज इसके और बढ़ने वाले हैं, 2600 से 2800 के बीच चल रहे हैं, भगवान ने चाहा तो और भी बढ़ सकते हैं. एक ऐसी फिल्म, जो शुरुआत में बेहद सीमित स्क्रीन पर संघर्ष करती दिख रही थी, उसका इस तरह हजारों शोज तक पहुंचना निश्चित तौर पर इसकी बॉक्स ऑफिस कहानी को और दिलचस्प बना देता है.
‘आवारापन 2’ और ‘टॉक्सिक’ के बीच भी बिकी टिकटें
विशाल ने यह भी दावा किया कि ‘आवारापन 2’ और ‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्मों के बीच भी ‘हनुमान अंश’ की टिकटें ज्यादा बिक रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इसे चमत्कार मानते हैं, तो उन्होंने फिल्म की कहानी और उससे जुड़े किरदारों की जिंदगी का जिक्र किया.
विशाल ने कहा- जिनके बारे में ये कहानी है उनका जीवन ही तमाम लीलाओं से भरा हुआ था. उन्होंने बड़े-बड़े लोगों की जीवन में परिवर्तन ला दिया। हमारी फिल्म भी उसी के ऊपर है.
विशाल ने फिल्म की सफलता में वर्ड ऑफ माउथ यानी लोगों के बीच आपसी चर्चा को भी बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा- लेकिन हमारी फिल्म जनता की फिल्म है. वर्ड ऑफ माउथ का फायदा तो मिला ही है. लोगों ने फिल्म देखी, उसके बारे में दूसरों से बात की और धीरे-धीरे इसका असर बॉक्स ऑफिस पर दिखाई देने लगा.
फिल्म 7 अगस्त को रिलीज हुई थी.