देश के चार राज्यों में हुए विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव के नतीजे शुक्रवार को सामने आएंगे. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी की छह सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था. इनमें पांच विधानसभा सीटें और असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल है. मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी. इन नतीजों पर सभी की नजर इसलिए भी है क्योंकि अलग-अलग राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच ये चुनाव पार्टियों के लिए अहम संकेत दे सकते हैं.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के नतीजे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इस साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की सरकार बनने के बाद यह उसका पहला चुनावी परीक्षण है. दोनों सीटों पर करीब 80 फीसदी मतदान हुआ. नंदीग्राम में 80.89 फीसदी और रेजीनगर में 80.08 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व पहले से ही काफी ज्यादा रहा है. 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने यहां ममता बनर्जी को हराया था. 2026 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की, लेकिन भवानीपुर सीट अपने पास रखने के कारण नंदीग्राम सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा.
वहीं रेजीनगर में मुकाबला अलग तरह का है. यहां आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद मैदान में हैं. उनके अलावा बीजेपी, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, तृणमूल के दूसरे गुट, कांग्रेस और सीपीआई(एम) के उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं. मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या वाली इस सीट पर मुकाबला खासा अहम माना जा रहा है.
तमिलनाडु में टीवीके की पहली बड़ी परीक्षा
तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के नतीजे भी काफी महत्वपूर्ण होंगे. ये चुनाव मई में सत्ता में आई टीवीके सरकार के लिए शुरुआती चुनावी परीक्षा के तौर पर देखे जा रहे हैं. दोनों सीटें अप्रैल के विधानसभा चुनाव में टीवीके ने जीती थीं. अब एआईएडीएमके इन सीटों को वापस हासिल करने की कोशिश में है. मदुरांतकम में 86.26 फीसदी और धारापुरम में 80.30 फीसदी मतदान हुआ. दोनों सीटों पर विधानसभा चुनाव के मुकाबले मतदान प्रतिशत कम रहा.
मतदान के बाद दोनों जगह ईवीएम और वीवीपैट को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित कक्षों में रखा गया है. तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है.
पुडुचेरी में मुख्यमंत्री की खाली की सीट पर फैसला
पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर भी शुक्रवार को फैसला होगा. यहां 80.8 फीसदी मतदान हुआ था. यह सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने के बाद एक सीट छोड़ने से खाली हुई थी. रंगासामी ने थट्टनचावडी सीट छोड़कर मंगलम सीट अपने पास रखी थी.
असम की नगांव सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
असम की नगांव लोकसभा सीट पर बीजेपी, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच मुकाबला है. बीजेपी ने पूर्व नौकरशाह देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक शिवमणि बोरा और एआईयूडीएफ की ओर से पार्टी प्रमुख बदरुद्दीन अजमल मैदान में हैं.
नगांव में करीब 76 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला. कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच माना जा रहा है. यह सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के विधानसभा चुनाव लड़कर जीतने के बाद खाली हुई थी.