उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी के बीच कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है. दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे के लिए बयानबाजी जारी है. वहीं इंडिया गठबंधन के साथ सीट शेयरिंग को लेकर भी बात पक्की नहीं हो सकी है. सपा-कांग्रेस में टकराव से तल्खी की ओर बढ़ रही स्थिति के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर बड़ा संदेश दिया है.
उन्होंने कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें किस पार्टी को मिलती हैं या कौन सी सीट किसके पास जाती है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है. अखिलेश यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है!'
सपा प्रमुख ने सीटों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कहा, 'बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो.' उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए लिखा, 'फिर दोहराते हैं: बात सीट की नहीं जीत की है.'
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'गठबंधन के दलों से बढ़कर होगी ये जीत'
अखिलेश यादव ने गठबंधन की जीत को उसके घटक दलों से आगे की लड़ाई से जोड़ते हुए कहा कि यह उन सभी की संयुक्त कोशिश की जीत होगी, जो लगातार संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संघर्ष इसलिए है कि सांप्रदायिकता दोबारा सिर न उठा सके और लोकतंत्र, संविधान तथा आरक्षण पर 'भाजपाई आंच' न आए.
सपा अध्यक्ष ने लिखा कि इस संयुक्त कोशिश का मकसद देश में सौहार्द को मजबूत करना और तरक्की तथा खुशहाली को आगे बढ़ाना है.
अपने पोस्ट के आखिर में अखिलेश यादव ने लिखा, 'जय संविधान-जय हिंदुस्तान!'
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है. सपा प्रमुख ने अपने संदेश में सीटों की संख्या के बजाय गठबंधन की सामूहिक जीत को प्राथमिकता देने की बात कही है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के गठबंधन की जीत वाले फॉर्मूले पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे 'गठबंधन' की जगह 'लठबंधन' करार दिया. राकेश त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर शब्दों के बाण चला रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के बीच हालात इतने खराब हैं कि आपस में बातचीत तक नहीं हो रही है.
बीजेपी प्रवक्ता ने अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भी अब सोशल मीडिया के जरिए गठबंधन के सहयोगियों को नसीहत दे रहे हैं. राकेश त्रिपाठी ने कहा, 'सपा के नेता कांग्रेस को और कांग्रेस के नेता सपा को उसकी हैसियत बता रहे हैं.' उन्होंने सपा और कांग्रेस दोनों पर अहंकार की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों ही दल अहंकारी हैं.
दरअसल, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर गठबंधन को लेकर संदेश देते हुए कहा था कि सवाल इस बात का नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जीत गठबंधन की हो. अखिलेश यादव ने कहा था, 'बात सीट की नहीं, जीत की है.' इसी बयान को लेकर बीजेपी ने सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया है.