Ajay
SP
Dr Ajay Kumar
BSP
Manju Sant
INC
Nota
NOTA
Ram Kumar Vidyarthi
PPID
Ajeet Bhaskar
IND
Ayodhya Prasad Kol
CPI
Sumitra Varun
ABHSLP
Kanhaiya Lal
AAAP
Ravita Devi
JANKP
Rajendra Prasad
IND
Vivek Kumar
IND
आकाश आनंद की बसपा में फिर वापसी हो गई है. मायावती ने उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी है. अब सवाल सिर्फ वापसी का नहीं, बल्कि इस बार आकाश को कितनी बड़ी भूमिका मिलने वाली है.
यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों दल साथ चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं. दोनों गठबंधन करना चाहते हैं लेकिन सीटों को लेकर खींचतान कुछ अलग ही शक्ल ले रही है. गठबंधन को लेकर दोनों पार्टी के नेताओं के हाल के दिनों में कई बयान सामने आए. फिर अखिलेश ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन से दूर रहकर एक नई खलबली पैदा कर दी.
राज्यसभा चुनाव में सपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी न उतारे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी 111 विधायकों के जादुई आंकड़े से पिछड़ गई. हालांकि, क्रॉस-वोटिंग के जोखिम से बचने और 2027 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने की अखिलेश यादव की रणनीति के चलते पार्टी ने केवल दो सीटों पर ही अपने उम्मीदवार सीमित रखे हैं.
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती द्वारा भतीजे आकाश आनंद को दोबारा नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाए जाने के बाद बीएसपी के भीतर नए सियासी समीकरण बनने लगे हैं. 9 अक्टूबर को लखनऊ में कांशीराम पुण्यतिथि पर होने वाली बीएसपी की बड़ी रैली से यह साफ हो सकता है कि क्या 'बहनजी' अपने भतीजे को 'मिशन 2027' की पूरी कमान सौंपेंगी?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में आकाश आनंद और ईशान आनंद को लेकर मायावती के फैसले लगातार बदलते रहे हैं. पहले आकाश बाहर हुए, फिर ईशान को आगे बढ़ाया गया और अब करीब एक महीने के भीतर आकाश दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बन गए हैं. ऐसे में सवाल है कि बसपा में मायावती के बाद असली नंबर-2 कौन है?
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के ऐलान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर के बागी तेवर देखने को मिले हैं, जिससे पार्टी में अंदरूनी असंतोष के संकेत मिल रहे हैं. सोशल मीडिया पर 'जहां मान-सम्मान न हो वहां न रहने' का दर्द छलकाते हुए विकास किशोर ने परिवार के बीजेपी छोड़ने के कयासों को हवा दे दी है.
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सियासी विरासत संभालने वाले उनके बेटे नीरज शेखर को बीजेपी द्वारा राज्यसभा का टिकट न दिए जाने से 37 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब बलिया का यह चर्चित घराना संसद के किसी भी सदन में मौजूद नहीं होगा. ऐसे में सवाल है कि आखिर क्या हुआ कि चंद्रशेखर परिवार का सियासी वर्चस्व टूट गया?
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर खींचतान तेज हो गई है. कांग्रेस ने अब यूपी में सपा के साथ गठबंधन के लिए कम से कम 200 सीटों की बड़ी मांग रख दी है. इस पर समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि कांग्रेस को 50 सीटें देना भी बहुत बड़ी बात होगी. इस खींचतान के बीच दोनों दलों के बीच का राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ गया है.
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में सपा के पास दो सीटें जीतने लायक संख्या है. तीसरी सीट के लिए 111 विधायकों का आंकड़ा चाहिए, लेकिन फिलहाल सपा के पास इतने विधायक नहीं हैं. हालांकि, अखिलेश के ताजा ट्वीट से माना जा रहा है कि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारने की स्थिति में नहीं है.
उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव के जरिए 2027 की बिसात बिछाते हुए बीजेपी ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों की जगह पर कैडर से जुड़े नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ सपा के 'पीडीए' और ब्राह्मण कार्ड को चित करने का मजबूत मास्टरस्ट्रोक खेला है.