उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का मौसम आ रहा है और इससे यहां की फिजा बदलने लगी है. इस बदलते मौसम का सबसे पहला असर समाजवादी पार्टी पर पड़ा है. जहां एक तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव महानगर और जिला अध्यक्षों की बैठक में लाल रंग की जगह नीले रंग का गमछा गले में डाले नजर आए तो वहीं अब सपा ने छात्र सभा के नेताओं के लिए नया ड्रेस कोड तय किया है, जो नीले रंग का होगा.
सपा छात्र सभा में लागू हुए नए ड्रेस को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव की राजनीति फिर रंग और भेष बदलने तक सीमित हो गई है. चौधरी ने X पर पोस्ट में तंज कसा है.
उन्होंने लिखा-
'लाल टोपी, नीली ड्रेस… जारी है बहरूपिए का खेल.'
चुनाव देख बदल लिया है भेष, नहीं भूलेगा उत्तर प्रदेश.”
उन्होंने कहा कि सपा की बदलती पहचान उसकी अवसरवादी राजनीति को उजागर करती है. चौधरी ने कहा कि सपा रंग और पहनावा बदलकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे राजनीतिक दिखावे को अच्छी तरह समझती है.
उन्होंने कहा कि भाजपा विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित के एजेंडे के साथ जनता के बीच मजबूती से खड़ी है. सपा चाहे जितने रंग बदल ले, उत्तर प्रदेश की जनता उसके राजनीतिक दिखावे और अवसरवाद को पहचान चुकी है.
अखिलेश के कदम की राजनीतिक गलियारों में चर्चा
अखिलेश यादव ने सपा छात्र सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए नीली शर्ट और नीली पैंट या फिर नीली टी-शर्ट और नीली जींस पहनने के दिशा-निर्देश तय किए हैं. अखिलेश के इस कदम की राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है. सपा नेता आमतौर पर सफेद कुर्ता-पायजामा, लाल टोपी और लाल गमछा पहने नजर आते हैं.
पारंपरिक रूप से सपा नेताओं की यही पहचान मानी जाती है, जबकि नीला रंग आमतौर पर बसपा का प्रतीक माना जाता है. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा सपा छात्र सभा का ड्रेस कोड बदले जाने के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.
क्या बोले अखिलेश यादव?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी की नई 'यूनिफॉर्म' को लेकर अपनी सोच और रणनीति साझा की है. उन्होंने कहा कि जब नई पीढ़ी की सोच नई है तो यूनिफॉर्म भी नई होनी चाहिए. अखिलेश के मुताबिक, यह यूनिफॉर्म समाजवादी मूल्यों और बराबरी के सिद्धांत को दर्शाती है.
अखिलेश यादव ने कहा कि यूनिफॉर्म पहनावे के भेद से पैदा होने वाली गैरबराबरी को खत्म कर एकरूपता लाती है. इसलिए यह समाजवाद के बराबरी के सिद्धांत को और मजबूत करती है. उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म एक विशेष पहचान भी देती है, जिसके साथ अनुशासन और कर्तव्य का संकल्प जुड़ा होता है.
स्कूल-कॉलेजों में जाएगी 'यूथ फोर्स'
अखिलेश यादव ने अपनी 'यूथ फोर्स' की भूमिका के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि यह यूथ फोर्स स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाकर युवाओं को समाजवादी विचारधारा से जोड़ेगी. साथ ही युवाओं को PDA के 'Positive-Progressive, Democratic, Affirmative Actions' के बारे में बताएगी.
उन्होंने कहा कि युवाओं को PDA आंदोलन के उस 'बड़े विचार' से परिचित कराया जाएगा, जिसका नारा है—'जो पीड़ित, वो PDA.'
अखिलेश ने PDA को 'पीड़ित, दुखी और अपमानित' लोगों का सकारात्मक समूह बताया. उन्होंने कहा कि 'प्रेम, दया और अपनापन' PDA को एकजुट करता है और एकजुट रखता है. उन्होंने इसे 'सामाजिक न्याय का राज' स्थापित करने की सोच से भी जोड़ा.