तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के शुरुआती रुझान ने सियासत की काया पलट दी है. एक्टर से नेता बने थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने जबरदस्त बढ़त बना ली है. इस बड़ी बढ़त के साथ ही चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एक पुरानी भविष्यवाणी सच होती दिख रही है.
दरअसल फरवरी 2025 में प्रशांत किशोर महाबलिपुरम में TVK के पहले स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. वहां उन्होंने एक साल पहले ही तमिलनाडु में टीवीके की जीत का संकेत दे दिया था.
बता दें कि दशकों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है. लेकिन अब महज दो साल बनी टीवीके तमिलनाडु की सत्ता पर कब्जा करती दिख रही है.
प्रशांत किशोर ने महाबलिपुरम में कहा था, मुझे तमिलनाडु में सबसे पॉपुलर बिहारी बनना है. इसके लिए मुझे महेंद्र सिंह धोनी से मुकाबला करना होगा, जो चेन्नई सुपर किंग्स को जीत दिलाते हैं. उस समय उन्होंने मजाक में कहा था कि फिलहाल धोनी ही राज्य के सबसे पॉपुलर बिहारी हैं. लेकिन उन्होंने फिर कहा था, अगले साल जब मैं आपकी जीत में मदद करूंगा, तब मैं पॉपुलैरिटी के मामले में धोनी को पीछे छोड़ दूंगा.
20% नाराज वोटर्स पर थी नजर
प्रशांत किशोर ने चुनाव से काफी पहले ही TVK के नेताओं को बता दिया था कि पार्टी 15 से 20 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर सकती है. उनका दावा था कि तमिलनाडु का हर पांचवां मतदाता पुराने दो-पक्षीय सिस्टम (DMK-AIADMK) से थक चुका है. उनके मुताबिक जनता एक नए विकल्प की तलाश में हैं. प्रशांक किशोर ने इसी आधार पर पार्टी के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया था.
अब रुझान बता रहे हैं कि TVK ने डीएमके के वोट बैंक में सेंध लगा दी है. प्रशांत किशोर का '15-20% मतदाता बदलाव चाहते हैं' वाला दावा जमीनी हकीकत साबित होता दिख रहा है.
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फरवरी 2025 में विजय से मिलने के बाद प्रशांत किशोर उनके राजनीतिक सलाहकार बन गए. हालांकि, बिहार में अपनी पार्टी 'जन सुराज' के चुनावों की वजह से जुलाई 2025 में उन्होंने सलाहकार के काम से कुछ समय के लिए दूरी बना ली थी.
प्रशांत किशोर के समर्थन से मिली टीवीके को मजबूती
प्रशांत किशोर की शुरुआती रणनीति और उनके समर्थन ने TVK को काफी मजबूती दी. विजय की पार्टी ने बिना किसी गठबंधन के सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा. उन्होंने रोजगार, शिक्षा और नशामुक्त तमिलनाडु जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया.