असम चुनाव रिजल्ट 2026 (Photo: ITG) Assam Election Results 2026 LIVE Updates: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आज यानी 4 मई को घोषित किए जाएंगे. सूबे की 126 सीटों पर किस पार्टी की सरकार बनेगी, इस पर पूरे पूर्वोत्तर सहित देशभर की नजर बनी हुई है. असम में इस 9 अप्रैल को मतदान कराया गया था. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच देखा जा रहा है.
बीजेपी ने AGP और UPPL के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने AIUDF सहित कई दलों के साथ तालमेल बैठाया. इलेक्शन कैंपेन के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठ, NRC, CAA, बाढ़, बेरोजगारी, चाय बागान मजदूरों के मुद्दे और विकास सबसे बड़े चुनावी मुद्दे रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेताओं ने राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां कीं.
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इस बार के असम विधानसभा चुनाव भारी मतदान दर्ज किया गया, जिसे सत्ता और विपक्ष दोनों अपने पक्ष में बता रहे हैं. एग्जिट पोल में NDA को बढ़त मिलने के संकेत मिले हैं. हालांकि, कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी बताया गया है. कांग्रेस गठबंधन ने भी बेहतर प्रदर्शन का दावा किया है और नतीजों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
इस LIVE पेज पर सुबह काउंटिंग शुरू होने से लेकर फाइनल नतीजों तक हर छोटी-बड़ी हलचल, चुनाव आयोग से जुड़े अपडेट्स, जीत के अंतर, VVIP सीटों का हाल और असम की सियासत से जुड़ी हर अहम जानकारी लगातार मिलती रहेगी.
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गुवाहाटी के मनीराम दीवान ट्रेड सेंटर में कामरूप (मेट्रो) जिले के तहत आने वाले पांच विधानसभा क्षेत्रों (LACs) के स्ट्रांग रूम पर विभिन्न राजनीतिक दलों के काउंटिंग एजेंट पहुंचने शुरू हो गए हैं. असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए मतों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होगी.
असम में काउंटिंग से पहले सभी मतगणना केंद्रों और स्ट्रांगरूम की सुरक्षा बेहद कड़ी की गई है. सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं. जिलों में राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियां तैनात की गई हैं.
असम में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सत्ता की हैट्रिक की उम्मीद कर रहा है. राज्य के 126 विधानसभा क्षेत्रों के 722 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत कैद करने वाली ईवीएम 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली जाएंगी.
असम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा फिर से जनता का भरोसा जीत पाएंगे.
अब देखना होगा कि क्या वे भी तरुण गोगोई की तरह मजबूत जनादेश हासिल कर पाते हैं या नहीं.
काउंटिंग के दिन सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होती है. सबसे पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती होती है, जिसमें सर्विस वोटर और जो लोग बूथ पर नहीं जा पाए, उनके वोट शामिल होते हैं. इसके बाद सुबह 8:30 बजे से EVM की गिनती शुरू होती है. इसी समय से टीवी और स्क्रीन पर शुरुआती 'ट्रंड्स' दिखने लगते हैं, जिससे अंदाजा लगने लगता है कि कौन आगे चल रहा है.
अगर BJP हैट्रिक लगाती है यानी 75 से ज्यादा सीटें जीतती है तो हिमंता बिस्वा सरमा फिर मुख्यमंत्री बन सकते हैं और पूर्वोत्तर में BJP का दबदबा और बढ़ेगा. अगर कांग्रेस 60 से ज्यादा सीटें जीतती है तो गौरव गोगोई मुख्यमंत्री बन सकते हैं और विपक्ष को बड़ी जीत मिलेगी. अगर किसी को बहुमत नहीं मिला तो AGP और BPF जैसी क्षेत्रीय पार्टियां किंगमेकर बन जाएंगी. असम का नतीजा त्रिपुरा, मणिपुर जैसे बाकी पूर्वोत्तर राज्यों और 2029 के लोकसभा चुनाव पर भी गहरा असर डालेगा.
2021 में NDA ने 75 सीटें जीती थीं जिसमें BJP को अकेले 60 सीटें मिली थीं. इस बार एग्जिट पोल BJP को और मजबूत दिखा रहे हैं. कांग्रेस 29 सीटों से वापसी की कोशिश कर रही है. 2023 के परिसीमन के बाद नक्शा बदल गया है. यह बदलाव BJP के लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह यह आज पता चलेगा.
BJP गठबंधन NEDA में BJP के पास 89 से 90 सीटें हैं. AGP के पास 26 और BPF के पास 11 सीटें हैं. UPPL ने सीट बंटवारे के विवाद में NEDA छोड़ दिया. कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन में कांग्रेस के पास 99 सीटों का लक्ष्य है. अखिल गोगोई की रायजोर दल के पास 13 और AJP के पास 10 सीटें हैं. AIUDF यानी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी अकेले मैदान में है. शिबसागर जैसी सीटों पर BJP और AGP के बीच मित्रवत मुकाबला भी है.
कुछ सीटें बहुत खास हैं. जलुकबाड़ी हिमंता बिस्वा सरमा की सबसे मजबूत सीट है. जोरहाट गौरव गोगोई का गढ़ है. दिसपुर, बिहपुरिया, शिबसागर और बिन्नाकंदी पर नजर रहेगी जहां AIUDF यानी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी मजबूत है. धुबड़ी और गोआलपाड़ा जैसे सीमावर्ती जिले घुसपैठ के मुद्दे की वजह से बहुत संवेदनशील हैं. इन सभी सीटों के रुझान कल अपडेट किए जाएंगे.
असम में इस बार कई बड़े मुद्दे थे. सबसे गर्म मुद्दा रहा बांग्लादेशी घुसपैठ और NRC तथा CAA. यह "बाहरी बनाम असमिया" की लड़ाई है. 2023 के परिसीमन में मुस्लिम बहुल इलाकों में सीटें बढ़ाई गईं जिस पर कांग्रेस ने जानबूझकर की गई गड़बड़ी का आरोप लगाया. हिमंता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी विपक्ष का बड़ा हथियार रहे. इसके अलावा ब्रह्मपुत्र की बाढ़, बेरोजगारी और सड़क-पुल जैसे विकास के मुद्दे भी अहम रहे.
लगभग सभी एग्जिट पोल में BJP गठबंधन को साफ बहुमत मिलता दिख रहा है. अनुमान के मुताबिक NDA को 82 से 102 सीटें मिल सकती हैं जिसमें BJP को अकेले 88 से 95 सीटें. कांग्रेस की नेतृत्व वाली गठबंधन को 23 से 36 सीटें मिलने का अनुमान है. वोट प्रतिशत में NDA करीब 48 से 51 प्रतिशत और ASM करीब 38 से 40 प्रतिशत पर है. हिमंता ने कहा हैट्रिक पक्की है. कांग्रेस ने कहा बदलाव आएगा. आज गिनती में सच्चाई सामने आएगी.
इस चुनाव में असली लड़ाई दो बड़े नेताओं के बीच है. एक तरफ भाजपा के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा हैं जो जलुकबाड़ी सीट से लड़ रहे हैं और घुसपैठ रोकने और मजबूत नेतृत्व के नाम पर वोट मांगा. दूसरी तरफ कांग्रेस के गौरव गोगोई हैं जो जोरहाट से खड़े हुए. एजीपी और बीपीएफ भाजपा के साथ हैं.
इस बार असम में 85.96% वोटिंग हुई जो 2021 से थोड़ी ज्यादा है. 2.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटरों में से बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाला. परिसीमन यानी नए नक्शे और घुसपैठ के मुद्दे ने लोगों को घर से बाहर खींचा. इतनी ज्यादा वोटिंग नतीजों को कैसे आकार देगी यह कल पता चलेगा.
असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग हुई. आज सुबह से गिनती शुरू होगी. सरकार बनाने के लिए 64 सीटें चाहिए. BJP की अगुवाई वाला NEDA गठबंधन अभी सत्ता में है और तीसरी बार जीत यानी हैट्रिक की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस की अगुवाई वाला ASM गठबंधन वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है. कल के नतीजे सब बता देंगे.