Kerala Election 2026. Kerala Chunav Result 2026: केरलम के नतीजे अब सामने आ चुके हैं और तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. जनता के फैसले के बाद बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने चुनावी हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. फिलहाल उनसे नई सरकार बनने तक जिम्मेदारी संभालते रहने को कहा गया है. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन राज्य में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है.
सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया था कि इस बार मुकाबला बदल चुका है. यूडीएफ गठबंधन लगातार बढ़त बनाता गया, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ पीछे रह गया. 9 अप्रैल को 140 सीटों पर हुए मतदान में 78.27 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी, जिसका नतीजा अब पूरी तरह सामने आ चुका है.

यूडीएफ की बड़ी जीत, एलडीएफ की वापसी की कोशिश नाकाम
जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, यूडीएफ की बढ़त जीत में बदल गई. कुल मिलाकर यूडीएफ गठबंधन को 99 सीटें मिलीं, जबकि एलडीएफ 35 सीटों पर सिमट गया. इस तरह राज्य में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है.
सीटों के हिसाब से देखें तो कांग्रेस (INC) ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 22 सीटें मिली हैं, जिससे गठबंधन को मजबूती मिली है. वहीं, सीपीएम (CPI-M) को 26 सीटें और सीपीआई (CPI) को 8 सीटें मिली हैं. इसके अलावा केरल कांग्रेस (KEC) को 7, आरएसपी (RSP) को 3 और बीजेपी को 3 सीटों पर जीत मिली है.
इस चुनाव में कुल 883 उम्मीदवार मैदान में थे. एलडीएफ सरकार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जनता ने इस बार अलग फैसला दिया. वहीं, यूडीएफ लंबे समय बाद मजबूत वापसी करने में सफल रहा. मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने 15,464 कर्मियों की तैनाती की थी. प्रक्रिया की शुरुआत पोस्टल बैलेट से हुई और इसके बाद ईवीएम और वीवीपैट के वोट गिने गए. पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में पूरी की गई.
अब नतीजों के बाद केरल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यूडीएफ की जीत और पिनराई विजयन के इस्तीफे ने राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है.
Election Result 2026 Live: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) को दिए गए उनके "अत्यधिक समर्थन" और विश्वास के लिए धन्यवाद दिया है. सोशल मीडिया पर साझा किए एक संदेश में उन्होंने कहा कि ये जनादेश अगले पांच सालों में गठबंधन के कार्यों का मार्गदर्शन करेगा.
वायनाड के नतीजों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने जिले की सभी 7 सीटों पर जीत हासिल की है. उन्होंने इस जनादेश को शानदार बताया है.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को गठबंधन के प्रदर्शन का श्रेय सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार के खिलाफ मौजूदा एंटी इनकंबेंसी को दिया है. मतगणना के रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए वेणुगोपाल ने कहा, 'जनता के मन में सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से सत्ता-विरोधी भावना थी और हमने उस भावना का फायदा उठाया.'
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं की लोकप्रियता ने राज्य में मतदाताओं की पसंद को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, 'केरल के लोग राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा को बहुत पसंद करते हैं और साथ ही ये भी कहा कि मौजूदा सरकार के प्रदर्शन से असंतोष ने भी चुनावी नतीजों में योगदान दिया.'
मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में से एक वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि एलडीएफ शासन के दौरान भ्रष्टाचार ने मतदाताओं को और अधिक नाराज कर दिया, जिससे यूडीएफ के पक्ष में रुझान और मजबूत हुआ.
नेमोम से बीजेपी के उम्मीदवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की केरल यूनिट के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने CPI(M) के वरिष्ठ नेता और मंत्री वी. शिवनकुट्टी को हराकर जीत हासिल की. इस सीट पर कांग्रेस के के.एस. सबरीनाधन तीसरे स्थान पर रहे.
केरल में बीजेपी का खाता खुल गया है. चुनाव आयोग के अनुसार, चथनूर विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी बी.बी गोपाकुमार ने कम्युनिस्टे पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार को भारी बहुमत से हरा दिया है.
कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने केरल चुनाव के नतीजों में यूडीएफ के शानदार प्रदर्शन पर कहा, 'जनता के बीच सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी का माहौल था… हमने इस एंटी-इंकंबेंसी भावना का फायदा उठाया… राज्य के लोग राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा को काफी पसंद करते हैं… एलडीएफ सरकार बहुत भ्रष्ट थी.'
Kerala Polls Live: कांग्रेस के राजन जे पल्लन ने त्रिशूर सीट पर एलडीएफ उम्मीदवार अलंकोड लीलाकृष्णन को 26,803 वोटों के अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की है. इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी पद्मजा वेणुगोपाल तीसरे स्थान पर रहीं हैं.
Kerala Polls Live: कांग्रेस नेता बिंदू कृष्णा ने कोल्लम विधानसभा सीट पर सीपीआई (एम) के एस जयमोहन को 16,830 वोटों से हराया दिया है. जबकि बीजेपी प्रत्याशी प्रताप कुमार इस सीट से तीसरे स्थान पर रहे हैं.
केरल में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लेफ्ट के चारों खाने चित कर दिया है. शुरुआती रुझानों में यूडीएफ सेंचुरी के करीब 98 सीटों पर आगे चल रहा है.
Kerala Election Live: चुनाव आयोग के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ का एक प्रमुख घटक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 23 सीटों- मंजेश्वरम, कासरगोड, कुट्टियाडी, पेरंबरा, कोझिकोड दक्षिण, कुन्नामंगलम, कोडुवल्ली, तिरुवंबदी, कोंडोट्टी, एर्नाड, मंजेरी, पेरिंथलमन्ना, मांकडा, मलप्पुरम, वेंगारा, वल्लिकुन्नु, तिरुरंगाडी, तनूर, तिरुर, कोट्टक्कल, मन्नारक्कड़, गुरुवयूर, कलामासेरी पर आगे चल रही है.
Kerala Assembly Polls: केरल की धर्मदम विधानसभा सीट पर छह राउंड की काउंटिंग पूरी होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल राशिद से मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन 600 से ज्यादा वोटों से पिछड़ गए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीएम काउंटिंग शुरू होने के कुछ देर बाद से पीछे ही चल रहे हैं.

Kerala Vote Counting Live: केरल में बीजेपी फिलहाल सिर्फ एक सीट नेमोम पर आगे चल रही है, जहां बीजेपी उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने एलडीएम के पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी से आगे हैं.
Kerala Election Result 2026: केरल के शुरुआती रुझानों में बीजेपी बुरी तरह पिछड़ती हुई दिख रही है. इसी बीच बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन कझाकूट्टम में पिछड़ गए हैं, जहां सीपीआई (एम) के कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन आगे चल रहे हैं. कांग्रेस के टी प्रसाद तीसरे स्थान पर हैं.
Kerala Vote Counting Updates: रुझानों में कांग्रेस 100 सीटों के करीब पहुंच गई है, जबकि वाम मोर्चा 44 सीटों पर आगे चल रहा है. मतगणना जारी रहने के साथ ही बीजेपी अब केवल दो सीटों पर आगे है.
Assembly Election Results: केरल की स्वास्थ्य मंत्री (सीपीआई(एम)) अरनमूला निर्वाचन क्षेत्र में पिछड़ रही हैं, जबकि कांग्रेस के अबिन वर्गी आगे चल रहे हैं.
Kerala Counting:केरल में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 72 सीटों पर आगे चल रही है और उसने बहुमत के 70 सीटों के आंकड़े को पार कर लिया है.
केरल में कांग्रेस गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच गया है. शुरुआती रुझानों में यूडीएफ ने 62 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है.
केरल में शुरुआती रुझानों में यूडीएफ ने 50 सीटों पर बढ़त बना ली है तो एलडीएफ18 सीटों पर आगे बनी हुई है, जबकि बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 सीटों पर बढ़त बना ली है.
केरलम में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में यूडीएफ ने सत्तारूढ़ एलडीएफ को पछाड़ते हुए 7 सीटों पर बढ़त बना ली है.
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीके कृष्णदास ने कहा, 'हमें अच्छे नतीजों की उम्मीद है. इस चुनाव में हम 140 में से कई सीटें जीतेंगे. हमें इस चुनाव में पूरा भरोसा है. इस चुनाव के बाद केरल की राजनीति में एनडीए निर्णायक भूमिका निभाएगा. अभी केरलम में बाईपोलर पॉलिटिक्स है, जहां एक तरफ एलडीएफ और दूसरी तरफ यूडीएफ है, लेकिन इस चुनाव में आप केरलम में त्रिध्रुवीय मुकाबला देखेंगे..."
थोड़ी देर में केरलम में विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू होने वाली है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा, "हमें पूरा भरोसा है, हम जीतेंगे. इस बार स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को जनता नहीं दोहराएगी. हमें पूरा विश्वास है कि हम जीत दर्ज करेंगे. हालांकि हम संख्या का अनुमान हम नहीं लगा सकते...
केरल के विधानसभा चुनाव की मतगणना की तैयारी पूरी है. यहां Mar Ivanios College परिसर स्थित मतगणना केंद्र पर तिरुवनंतपुरम जिले की सभी विधानसभा सीटों के वोटों की गिनती की जाएगी.राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू होगी.
केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी, जिसकी शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से होगी. सभी काउंटिंग सेंटर्स पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.
केरल विधानसभा चुनाव 2021 में LDF ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 99 सीटें हासिल की थीं, जबकि UDF को 41 सीटों से संतोष करना पड़ा था. LDF ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी.
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर सामने आए एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिख रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन UDF को बढ़त मिलने और राज्य में सरकार बदलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि मौजूदा सत्ता पक्ष LDF के लिए मुकाबला कड़ा बताया जा रहा है. कई सर्वे में कहा गया है कि मतदाताओं में बदलाव की भावना और एंटी-इनकम्बेंसी का असर नतीजों पर दिख सकता है.
केरल में NDA भले ही सरकार बनाने की दौड़ में नहीं माना जा रहा हो, लेकिन 2021 में एक भी सीट न जीत पाने के बाद इस बार अपनी मौजूदगी मजबूत करना उसके लिए बेहद अहम है.
सभी मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके.
केरल में मतगणना प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. प्रदेश में कुल 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 माइक्रो ऑब्जर्वर, 4,208 काउंटिंग सुपरवाइजर और 5,563 काउंटिंग असिस्टेंट शामिल हैं.
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि यह एक शानदार जीत होगी और केरल की जनता की यही इच्छा और निर्णय है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार सत्ता में आए... मुख्यमंत्री कांग्रेस के नेता होंगे जिनका चयन विधायकों और हाई कमांड द्वारा किया जाएगा. हम सभी यूडीएफ सरकार और कांग्रेस के मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे हैं."
केरलम कांग्रेस ने जीत से पहले ही जश्न की तैयारी शुरू कर दी है. केरलम की मतगणना सुबह शुरू होगी लेकिन केरलम कांग्रेस जीत का जश्न मनाने के लिए तिरुवनंतपुरम स्थित केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय इंदिरा भवन में एक मंडप बनाया है. जीत का जश्न मनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के ठहरने के लिए कई तरह के इंतजाम किए गए हैं.
केरल में अगर लेफ्ट की हार होती है तो देश वामपंथ की राजनीति से मुक्त हो जाएगा. 73 साल में पहली बार होगा, जब देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं होगी. बंगाल और त्रिपुरा में लेफ्ट पहले ही सत्ता से बाहर है और अब उसके इकलौता किला केरल बचा है, जो ढहता हुआ नजर आ रहा है.
एग्जिट पोल्स के मुताबिक, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन बढ़त में दिख रहा है, जिससे वाम मोर्चे के सत्ता से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है. टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल के मुताबिक, UDF को 69 सीटें मिल सकती हैं, जो उसे बढ़त दिलाती हैं. वहीं LDF को 64 सीटों का अनुमान है, जिससे साफ है कि सत्ता की लड़ाई कांटे की टक्कर वाली हो सकती है. बीजेपी+ को 7 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.
9 अप्रैल को हुई वोटिंग में 79.70 फीसदी मतदान हुआ था. 2 करोड़ 71 लाख वोटरों में से बड़ी तादाद ने वोट डाला. ज्यादा वोटिंग को LDF के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है क्योंकि उनके पारंपरिक वोटर ज्यादा सक्रिय रहे.
LDF यानी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट जिसमें CPI(M) मुख्य पार्टी है और इसके नेता हैं पिनाराई विजयन. UDF यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट जिसमें कांग्रेस मुख्य पार्टी है और इसके नेता हैं VD सतीसन. 2021 में LDF ने 99 सीटें जीती थीं और UDF सिर्फ 41 सीटों पर सिमटा था.
केरलम की 140 विधानसभा सीटों पर आज सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या पिनाराई विजयन की LDF पार्टी तीसरी बार सरकार बनाएगी या कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF वापसी करेगा. बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए.