पंचायत आजतक अयोध्या में यूपी के सहकारिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर ने सपा प्रमुख के अयोध्या दौरे, राम मंदिर, 2027 के विधानसभा चुनाव, पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और अवध के जातीय समीकरणों पर खुलकर बात की. उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2027 में अयोध्या की सभी विधानसभा सीटें बड़े अंतर से जीतेगी.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भारतीय जयेंद्र प्रताप ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जिन रामभक्तों पर गोलियां चली थीं, वे अखिलेश यादव को इतनी आसानी से माफ नहीं करेंगे, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को रामभक्तों से माफी मिलने में 10, 20, 25 या 30 साल भी लग सकते हैं. राठौर ने कहा कि भगवान श्रीराम सबको क्षमा करने वाले हैं, लेकिन जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उन्हें मनाना इतना आसान नहीं होगा.
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सवाल उठाते हुए राठौर ने कहा कि समाजवादी पार्टी पर लंबे समय तक राम और हिंदुत्व के विरोध की राजनीति करने के आरोप लगते रहे हैं. अब अखिलेश यादव अयोध्या जाकर संतों से मिल रहे हैं और हनुमानगढ़ी में दर्शन करने की बात कर रहे हैं. इसे सपा की बदली हुई राजनीतिक रणनीति से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी को पहले अपने पुराने रुख और रामभक्तों की भावनाओं पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलने की घटना को लोग भूले नहीं हैं.
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2027 में अयोध्या की सभी सीटें जीतने का दावा
राठौर ने दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में अयोध्या की सभी सीटें बड़े अंतर से जीतेगी, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर भाजपा की हार का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पार्टी में अति आत्मविश्वास की स्थिति थी. कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगा था कि जीत तय है, लेकिन चुनाव परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आए.
उन्होंने मिल्कीपुर उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में करीब 35 हजार वोटों से हार के बाद भाजपा ने मिल्कीपुर में लगभग 61 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, उनके मुताबिक, इससे साफ है कि चुनावी परिस्थितियां बदलती रहती हैं और हर चुनाव को गंभीरता से लड़ना जरूरी है.
राम मंदिर और अनुच्छेद 370 को बताया भाजपा की बड़ी उपलब्धि
भाजपा नेता ने राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को पार्टी के पुराने संकल्पों की पूर्ति बताया, उन्होंने कहा कि ये ऐसे मुद्दे थे, जिन्हें भाजपा लंबे समय से उठाती रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी ने इन मुद्दों को पूरा किया. राठौर ने इसे भाजपा की राजनीतिक और वैचारिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया.
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एंटी इनकंबेंसी नहीं, सरकार के पक्ष में माहौल का दावा
योगी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी के सवाल पर राठौर ने कहा कि प्रदेश में सरकार के प्रति नाराजगी के बजाय समर्थन का माहौल है, उन्होंने इसे 'प्रो-इनकंबेंसी' बताया, उनके मुताबिक, केंद्र और प्रदेश सरकार ने सड़कों, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में काम किया है.
उन्होंने किसानों को मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचने का भी जिक्र किया. राठौर ने समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को यह बताना चाहिए कि 2027 के चुनाव के लिए उसके पास विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या योजना है.
MLC चुनाव के नतीजों को 2027 का संकेत मानने से इनकार
विधान परिषद चुनाव के नतीजों और 2027 के विधानसभा चुनाव के बीच संबंध के सवाल पर राठौर ने कहा कि हर चुनाव की परिस्थितियां अलग होती हैं. उन्होंने कहा कि विधान परिषद की 11 सीटों का चुनाव और विधानसभा की 403 सीटों का चुनाव एक जैसा नहीं है। इसलिए किसी एक चुनाव के नतीजे से विधानसभा चुनाव का अनुमान नहीं लगाया जा सकता.
उन्होंने उपचुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए 10 उपचुनावों में भाजपा ने 8 सीटें जीती थीं. राठौर ने विपक्ष पर चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया.
भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर क्या बोले?
पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी और संगठन में अपेक्षाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौर ने माना कि कार्यकर्ताओं की उम्मीदें होती हैं. हर कार्यकर्ता चाहता है कि उसे संगठन या सरकार में कोई जिम्मेदारी मिले, लेकिन पार्टी में पद सीमित हैं और सभी की अपेक्षाएं पूरी करना संभव नहीं होता. उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं की वास्तविक समस्याएं हैं, उनकी बात सुनी जाएगी और समाधान निकालने की कोशिश होगी. राठौर ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कार्यकर्ताओं से नाराजगी छोड़कर पार्टी के लिए काम करने की अपील की थी.
सर्वे के आधार पर चुनावी तैयारी कर रही भाजपा
राठौर ने कहा कि भाजपा चुनावी तैयारियों के लिए लगातार सर्वे कराती है और समय-समय पर जनता के बीच सरकार के कामकाज का आकलन करती है. चुनाव से पहले सामने आने वाली कमियों और समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाती है. उन्होंने माना कि चुनाव में जीत और हार दोनों की संभावना रहती है, इसलिए 2024 के लोकसभा चुनाव जैसी अति आत्मविश्वास की स्थिति से बचना जरूरी है.
अवध क्षेत्र में कुर्मी और पासी मतदाताओं के भाजपा से दूर जाने से जुड़े सवाल पर राठौर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के सामाजिक समीकरण अलग-अलग होते हैं. विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के दौरान क्षेत्र और समाज के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखने का अधिक अवसर मिलता है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अवध क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार की है.
अमित शाह की भूमिका को बताया अहम
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चुनावी रणनीति को लेकर अमित शाह की भूमिका पर राठौर ने कहा कि इतने बड़े राज्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, उन्होंने कहा कि अमित शाह के नेतृत्व और रणनीति से विपक्ष के सामने चुनौती खड़ी होगी. पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा 2027 में पहले से ज्यादा बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.
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