Baba Gorakhnath
BJP
Mira Devi
BSP
Brijesh Kumar
INC
Nota
NOTA
Hash Bardhan
AAAP
Radheshyam
MADP
Shiv Murti
IND
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को उनके ही मजबूत गढ़ आजमगढ़ में विपक्ष ने घेराबंदी में जुट गए हैं. बसपा प्रमुख मायावती सीधे सपा पर अटैक करने का दांव चल रही हैं तो ओम प्रकाश राजभर बीजेपी की नैया पर सवार होकर अपने सियासी आधार के जरिए मात देना चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश के सियासी तपिश के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच राम मंदिर में चंदा चोरी, गोरक्षा और सनातन धर्म के मुद्दे पर बातचीत हुई, जिसे लेकर अखिलेश यादव अब बीजेपी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सियासी तानाबाना बुना जाने लगा है. सपा ने अपने पीडीए सियासी समीकरण में ब्राह्मणों को जोड़ने की कवायद शुरू की है, जिसके लिए अखिलेश यादव ने अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय और बलिया के सांसद सनातन पांडेय को फ्रंटफुट पर उतार रखा है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान पूरा होने तक 65.35 फीसदी वोट पड़े. सभी 414 मतदान केंद्रों से डेटा एकत्र होने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है. मतदान 2022 के विधानसभा चुनावों से भी अधिक है, जब वोटिंग प्रतिशत 60.23 था.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक का जो नजारा दिखा है, लोकसभा में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के स्टैंड में उसी का एक्सटेंशन देखने को मिला है - क्योंकि अखिलेश यादव के निशाने पर बीजेपी के होते हुए भी निगाहें राहुल गांधी पर ही टिकी लगती हैं.
अयोध्या के मिल्कीपुर की लड़ाई आखिरी दौर में पहुंच चुकी है. योगी आदित्यनाथ जहां अखिलेश यादव को अलग अलग तरीके से घेर रहे हैं, वहीं समाजवादी नेता चुनाव की निष्पक्षता पर पहले से ही सवाल उठाने लगे हैं - आखिर ये बहस क्या इशारे कर रही है?
मिल्कीपुर उपचुनाव में भीम आर्मी वाले चंद्रशेखर की एंट्री से लड़ाई दिलचस्प हुई जरूर है, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय भी होगा कहना मुश्किल है - ये जरूर है कि समाजवादी पार्टी और बीजेपी की लड़ाई में थोड़ा असर तो पडे़गा ही.
महाकुंभ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पहले से ही मोर्चा खोल रखा है. हमले तो अब भी जारी हैं. बिल्कुल राम मंदिर उद्घाटन के पहले जैसे. और, अचानक वो मकर संक्रांति के मौके पर गंगा में डूबकी लगाने की तस्वीर शेयर कर देते हैं - तब अयोध्या की लड़ाई थी, अब मिल्कीपुर की है.
उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मिल्कीपुर उपचुनाव बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है - जिसका रिजल्ट अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ दोनो के लिए सियासी मशाल साबित होने जा रहा है.
समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर की जिम्मेदारी अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद को दे डाली है, क्योंकि, उम्मीदवार तो उनका बेटा ही है. और, इसलिए ये चुनाव उनके लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है - योगी आदित्यनाथ के लिए मिल्कीपुर तो ‘बदलापुर’ ही बन गया है.