कोठामंगलम विधानसभा सीट तो पूरी तरह शहरी है, न पूरी तरह ग्रामीण. यह एर्नाकुलम जिले का ऐसा इलाका है जहां बाजार कस्बे, खेती वाले गांव और रोजाना आवाजाही वाले कम्यूटर कॉरिडोर एक-दूसरे में घुलते हैं. यह सीट इडुक्की लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और लंबे समय से कड़ी, प्रतिस्पर्धी राजनीति के लिए जानी जाती है. यहां जीत अक्सर विचारधारा के भरोसे नहीं, बल्कि संगठन की ताकत, उम्मीदवार की साख और जनता के बीच लगातार मौजूद रहने से तय होती है. कोठामंगलम में चुनाव आम तौर पर एकतरफा नहीं होते. यह सीट याददाश्त और उम्मीद, समुदाय की विरासत और शासन-प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाकर फैसला करती है.
कोठामंगलम की भौगोलिक बनावट इसकी राजनीतिक प्रकृति को आकार देती है. कोठामंगलम टाउन आसपास के गांवों के लिए व्यापार और शिक्षा का प्रमुख केंद्र है. वहीं, कोच्चि से हाई रेंज को जोड़ने वाली सड़कें इसी इलाके से गुजरती हैं. इससे आर्थिक अवसर, आवाजाही और बाजार तो बढ़ता है, लेकिन ट्रैफिक, सड़क दबाव और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तनाव भी बढ़ता है. इस सीट की “डुअल” पहचान है, एक तरफ शहर की समस्याएं, दूसरी तरफ खेती-बाड़ी और ग्रामीण जरूरतें. ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, जमीन का उपयोग, बाजार तक पहुंच और कृषि सहायता जैसे मुद्दे अहम रहते हैं. शहर के वार्डों में ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन, पीने का पानी, सार्वजनिक सेवाएं और रोजगार पर ज्यादा बहस होती है. यही वजह है कि यहाँ सरकार और विधायक को एक साथ ग्रामीण संवेदनशीलता और शहरी दक्षता, दोनों कसौटियों पर परखा जाता है.
कोठामंगलम एक विविध सामाजिक संरचना वाला क्षेत्र है. यहां ईसाई समुदाय की मजबूत मौजूदगी है, साथ ही विभिन्न जातियों के हिंदू और एक छोटा मुस्लिम समुदाय भी है. चर्च, मंदिर और स्थानीय संगठन आज भी सामाजिक आधार की तरह काम करते हैं. ये संस्थाएं भरोसे के नेटवर्क बनाती हैं और कई बार स्थानीय स्तर पर मध्यस्थता व समाधान की भूमिका निभाती हैं. शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत ऊंचा है और खाड़ी देशों व केरल के भीतर शहरों की ओर पलायन ने लोगों की आकांक्षाओं को बदला है. यहां मतदाता व्यवहार अधिक “रिलेशनल” है यानी लोग पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार की पहुंच, प्रतिष्ठा, व्यवहार और गंभीरता को ध्यान में रखते हैं.
कोठामंगलम में लंबे समय से वाम मोर्चा और कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला रहा है. केरल कांग्रेस के अलग-अलग गुट भी इस सीट की राजनीति में महत्वपूर्ण रहे हैं. यहां संगठन की ताकत निर्णायक होती है, लेकिन केवल संगठन पर्याप्त नहीं. स्थानीय भरोसा और उम्मीदवार की विश्वसनीयता भी उतनी ही जरूरी है. इस सीट पर तीसरी ताकतों के लिए भी जगह रही है. वे अक्सर जीत नहीं पातीं, लेकिन वोट शेयर के जरिए मुकाबले के अंतर को प्रभावित करती हैं. यही कारण है कि कोठामंगलम में कोई भी पक्ष पूरी तरह निश्चिंत नहीं रह सकता.
2021 का विधानसभा चुनाव कोठामंगलम के राजनीतिक स्वभाव का स्पष्ट उदाहरण था. LDF ने CPI(M) के एंटनी जॉन को उम्मीदवार बनाया, जिनके पक्ष में पार्टी का मजबूत संगठन और क्षेत्र में लगातार सक्रियता थी. UDF की ओर से केरल कांग्रेस (EC) के शिबू थेक्कुमपुरम मैदान में थे, जो समुदाय-आधारित नेटवर्क और व्यक्तिगत पहचान के सहारे चुनाव लड़ रहे थे. मुकाबले में तीसरा आयाम Twenty20 पार्टी एलायंस के डॉ. जो जोसेफ ने जोड़ा, जबकि BDJS के शाइन के. कृष्णन और SDPI के टी. एम. मूसा भी मैदान में थे.
इस चुनाव में कुल मतदाता 1,61,940 थे. 1,36,283 वोट पड़े और मतदान प्रतिशत 84.41 रहा, जो काफी ऊंचा माना जाता है. मतदान 06 अप्रैल 2021 को हुआ और मतगणना के बाद 02 मई 2021 को नतीजे घोषित किए गए.
कड़ा मुकाबला और सीमित अंतर के साथ परिणाम ने कोठामंगलम की पहचान को फिर साबित किया. CPI(M) के एंटनी जॉन को 64,234 वोट मिले, जो 47.1 प्रतिशत वोट शेयर था. केरल कांग्रेस (EC) के शिबू थेक्कुमपुरम को 57,629 वोट मिले, यानी 42.3 प्रतिशत रहा. Twenty20 पार्टी एलायंस के डॉ. जो जोसेफ को 7,978 वोट मिले (5.8 प्रतिशत), BDJS के शाइन के. कृष्णन को 4,638 वोट (3.4 प्रतिशत) और SDPI के टी. एम. मूसा को 1,286 वोट (0.9 प्रतिशत) मिले. एंटनी जॉन 6,605 वोटों के अंतर से जीते, जो प्रतिशत में 4.8 प्रतिशत की बढ़त थी.
इस नतीजे ने दिखाया कि कोठामंगलम जैसी जागरूक और उच्च मतदान वाली सीट पर CPI(M) की संगठनात्मक क्षमता कितनी प्रभावी है. वहीं, UDF और केरल कांग्रेस के लिए यह संकेत था कि समुदाय की विरासत और उम्मीदवार की व्यक्तिगत साख अभी भी बड़ा आधार है. Twenty20 पार्टी एलायंस का वोट शेयर यह भी बताता है कि मतदाताओं का एक हिस्सा पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति से अलग विकल्पों को देखने के लिए तैयार है. छोटी पार्टियाँ निर्णायक न सही, लेकिन वे मुकाबले को करीबी बनाए रखने में योगदान देती हैं.
कोठामंगलम टाउन के वार्ड चुनाव में बेहद निर्णायक रहते हैं. यहां व्यापार, ट्रैफिक, सार्वजनिक सेवाएं और नगर सुविधाओं पर तेज प्रतिक्रिया मिलती है. ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, सड़क कनेक्टिविटी, सिंचाई और कल्याण योजनाओं की डिलीवरी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. शहरी विस्तार की सीमा वाले मिश्रित इलाके अक्सर स्विंग जोन बनते हैं, जहां विकास की आकांक्षाएं और सामाजिक पहचान एक साथ चुनावी रुझान तय करती हैं.
कोठामंगलम ऐसे प्रतिनिधियों को चुनता है जो संगठन के साथ-साथ व्यक्तिगत जुड़ाव रखते हों. यहां विचारधारा चुनाव का ढांचा बनाती है, लेकिन जीत का अंतर शासन-प्रदर्शन और उम्मीदवार की उपलब्धता तय करती है. मतदाता विरासत का सम्मान करते हैं, पर डिलीवरी पर जोर देते हैं. यही कारण है कि यह सीट केंद्रीय केरल की सबसे महत्वपूर्ण और “चुनावी रूप से शिक्षाप्रद” सीटों में गिनी जाती है, जहां ऊंचा मतदान, कम अंतर और विविध सामाजिक पहचानें लोकतांत्रिक निर्णय को लगातार आकार देती हैं.
Shibu Thekkumpuram
KEC
Dr. Joe Joseph
TTPty
Shine K Krishnan
BDJS
T.m. Moosa
SDPI
Nota
NOTA
Shibu Thekkan
IND
Anto Johny
IND
Shibu
IND
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