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Idukki Results 2026 Live: इडुक्की सीट के रिजल्ट का हुआ ऐलान, Roy K Paulose ने 23822 वोटों के अंतर से मार लिया मोर्चा
Idukki Vidhan Sabha Chunav Result: इडुक्की सीट पर Roy K Paulose ने लहराया जीत का परचम
Idukki Assembly Election Results 2026 Live: Kerala की Idukki में एकतरफा मुकाबला! INC ने ली बड़ी बढ़त
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Kerala Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
केरल के ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसा इडुक्की विधानसभा क्षेत्र राज्य के सबसे जटिल और सामाजिक रूप से विविध राजनीतिक क्षेत्रों में से एक है. थोडुपुझा जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विपरीत, यहां की राजनीति संस्थानों या विचारधाराओं से कम और जीवन की रोजमर्रा की चुनौतियों से ज्यादा तय होती है. जमीन, रोजगार, जंगल की सीमाएं और सरकारी मदद यहां के राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करती हैं.
यह सीट इडुक्की लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और घने जंगलों, चाय-इलायची-काली मिर्च के बागानों और दूर-दराज के पहाड़ी गांवों तक फैली हुई है. यहां के मतदाता बिखरे हुए हैं, आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बड़ी हद तक सरकार पर निर्भर हैं. इसलिए यहां वोट का फैसला भाषणों से नहीं, बल्कि जीवन की असुरक्षा और अनुभवों से होता है.
इडुक्की की पहचान इसके घने जंगलों, खड़ी पहाड़ियों और बड़े-बड़े बागानों से है. यहां कस्बे बहुत कम हैं और इलाज, पढ़ाई या बाजार तक पहुंचने के लिए लंबा और कठिन सफर तय करना पड़ता है. हाथियों जैसे जंगली जानवरों का हमला, भूस्खलन और मौसम की मार यहां आम बात है.
बड़े बागानों में काम करने वाले मजदूर, जिनमें स्थानीय और प्रवासी दोनों शामिल हैं, अक्सर लाइन हाउसों में रहते हैं जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है. इसके साथ ही आदिवासी बस्तियां जंगलों के किनारे हैं, जो जमीन के अधिकार, जंगल में प्रवेश और रोजगार के संकट से जूझ रही हैं. यही वजह है कि यहां की राजनीति लंबे सपनों से ज्यादा तुरंत राहत और सुरक्षा पर टिकी रहती है.
इडुक्की में किसी एक समुदाय का स्पष्ट बहुमत नहीं है. बागान मजदूर एक बड़ा वोट बैंक हैं, जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर मजदूरी, आवास और कल्याण योजनाओं को देखकर वोट करते हैं.
आदिवासी समुदाय भी राजनीतिक रूप से अहम हैं, खासकर जंगलों से सटे इलाकों में. जमीन के अधिकार, वन अधिकार, वन उपज और जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान का मुआवजा उनके लिए मुख्य मुद्दे हैं. पहले वे अधिकतर वामपंथ के साथ रहे, लेकिन जब कल्याण योजनाओं में कमी आती है तो उनका समर्थन बंटने लगता है.
ईसाई समुदाय कुछ बागान इलाकों में मौजूद है, लेकिन बिखराव और आर्थिक कमजोरी के कारण उनका प्रभाव सीमित है. हिंदू और एझावा समुदाय भी छोटे-छोटे समूहों में हैं और अक्सर किसी जातीय संगठन के बजाय स्थानीय नेताओं या मजदूर यूनियनों के साथ जाते हैं. मुस्लिम आबादी बहुत कम और सीमित क्षेत्रों तक सिमटी हुई है.
इडुक्की की राजनीति का केंद्र सरकारी योजनाएं, मजदूर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन है. बाढ़, भूस्खलन, फसल बर्बादी और जंगली जानवरों के हमले यहां कभी-कभार नहीं, बल्कि बार-बार होने वाली घटनाएं हैं. ऐसे समय में नेता कितना साथ देते हैं, इसी से वोट तय होता है.
वामपंथी दलों को यहाँ पारंपरिक बढ़त मिली है क्योंकि उनकी मजदूर यूनियनें, बागान मजदूरों से जुड़ाव और कल्याणकारी नीतियां मजबूत रही हैं. हालांकि, जब स्थानीय नेतृत्व कमजोर पड़ता है या दूसरे उम्मीदवार जमीन पर भरोसा बना लेते हैं, तो यह बढ़त चुनौती में बदल जाती है.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव में इडुक्की ने एलडीएफ को स्पष्ट समर्थन दिया. केरल कांग्रेस (एम) के रोशी ऑगस्टीन ने 66,436 वोट पाकर जीत हासिल की. उन्होंने यूडीएफ के उम्मीदवार एडवोकेट के. फ्रांसिस जॉर्ज को 9,557 वोटों से हराया.
यह जीत उस समय हुई जब महामारी और आर्थिक अनिश्चितता का दौर था और बागान मजदूरों, आदिवासियों और कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों का बड़ा हिस्सा एलडीएफ के साथ खड़ा हुआ.
इडुक्की में वही उम्मीदवार जीतता है जो दूर-दराज इलाकों में भी नियमित रूप से पहुंच सके, मजदूरों और आदिवासियों की समस्याएं सुने, आपदा के समय मौजूद रहे, साथ ही सरकारी तंत्र से मदद और मुआवजा दिला सके. यहां विचारधारा से ज्यादा नेता की उपलब्धता और भरोसा मायने रखता है. बदलाव अचानक नहीं होते, बल्कि तब आते हैं जब लोगों का भरोसा धीरे-धीरे कम होने लगता है.
Adv. K Francis George
KEC
Adv. Sangeetha Viswanathan
BDJS
Babu Varghese Vattoli
BSP
Nota
NOTA
Bijeesh Thomas
IND
Vincent Jacob
IND
Sajeev
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.