पुथुक्कड़ विधानसभा क्षेत्र केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है. यह केरल विधान सभा की 140 सीटों में से सीट नंबर 71 है. राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के लिए यह त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है. प्रशासनिक और भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र पुथुक्कड़ कस्बे के आसपास केंद्रित है, जो एक प्रमुख व्यापारिक और परिवहन केंद्र माना जाता है. यह कस्बा नेशनल हाईवे 544 और शोरानूर-कोचीन रेलवे लाइन के पास होने के कारण कनेक्टिविटी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इस विधानसभा क्षेत्र में शहरी वार्ड और ग्रामीण पंचायतों का मिश्रण है. इसमें मुकुंदपुरम तालुक की अलागप्पानगर, मत्ताथुर, नेनमणिक्करा, परप्पुक्करा, पुथुक्काड, वरंदरप्पिल्ली और त्रिक्कूर पंचायतें शामिल हैं, जबकि त्रिशूर तालुक की वल्लचिरा पंचायत भी इसमें आती है.
मतदाता भागीदारी और वोटर प्रोफाइल की बात करें तो 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग (Election Commission of India) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पुथुक्कड़ में लगभग 2,01,192 पंजीकृत मतदाता थे. इस चुनाव में यहां वोटिंग प्रतिशत करीब 77.68% रहा, जो अच्छी भागीदारी को दिखाता है.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व के लिहाज से पुथुक्कड़ का राजनीतिक मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धी रहा है और यह क्षेत्र लंबे समय से मुख्य रूप से एलडीएफ (Left Democratic Front) और यूडीएफ (United Democratic Front) के बीच बदलता रहा है. यहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] दोनों का प्रभाव अलग-अलग समय पर रहा है. अक्सर यहां चुनाव परिणाम स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की छवि/प्रोफाइल पर भी काफी निर्भर करते हैं. CPI(M) के प्रो. सी. रवींद्रनाथ ने 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी.
2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों की बात करें तो CPI(M) के के. के. रामचंद्रन ने 73,365 वोट हासिल करके (जो कुल वैध वोटों का 46.94% था) स्पष्ट जीत दर्ज की. उनके बाद कांग्रेस के सुनील अंथिक्कड़ (सुनीलकुमार पी. वी.) रहे, जिन्हें 46,012 वोट मिले (29.44%). तीसरे स्थान पर भाजपा के ए. नागेश रहे, जिन्हें 34,893 वोट मिले (22.33%). इससे यह संकेत मिला कि इस क्षेत्र में भाजपा की मौजूदगी भी काफी मजबूत हो रही है, भले ही अभी तक यहां सीट जीतने में सफलता नहीं मिली हो. वहीं 1,069 मतदाताओं (0.68%) ने NOTA का विकल्प चुना.
सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं में पुथुक्कड़ का ग्रामीण हिस्सा कृषि पर आधारित है, जहां बैकवॉटर और नहरों के जरिए सिंचाई की सुविधा होने से सब्जियां, धान, नारियल, केला और टैपिओका (कसावा) जैसी फसलें उगाई जाती हैं. पुथुक्कड़ का शहरी केंद्र पेशेवर नौकरियों, रिटेल व्यापार, होटल व्यवसाय और परिवहन गतिविधियों को सहारा देता है. यहां केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (KAU) और उससे जुड़े रिसर्च संस्थान भी मौजूद हैं, जो शोध, रोजगार और संबंधित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. इसके अलावा, मध्य केरल के कई इलाकों की तरह यहां भी घरों की आय और खर्च पर प्रवासी कमाई (remittances) का बड़ा असर है, क्योंकि कई परिवारों के सदस्य विदेशों में, खासकर खाड़ी देशों में काम करते हैं.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरण देखें तो एलडीएफ का संगठनात्मक नेटवर्क मजबूत माना जाता है, जो मजदूर संगठनों, ग्रामीण समुदायों और उन मतदाताओं को आकर्षित करता है जो कल्याणकारी योजनाओं (welfare) को प्राथमिकता देते हैं. CPI(M) और उससे जुड़े संगठनों के जरिए यह पकड़ बनी रहती है. दूसरी ओर यूडीएफ (कांग्रेस) शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में अपनी पारंपरिक पार्टी नेटवर्क और विकास के मुद्दों के जरिए मजबूत बनी रहती है. वहीं एनडीए/भाजपा ने इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है और वोट शेयर भी बढ़ा है, हालांकि अभी तक यह वोट शेयर इस सीट पर जीत में नहीं बदल पाया है.
इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों और स्थानीय समस्याओं में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और कृषि सहायता के उपायों को मजबूत करना, युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट, तथा स्वास्थ्य और शिक्षा तक बेहतर पहुंच जैसे विषय सबसे अहम माने जाते हैं.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो यहां चिम्मिनी डैम और वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, कुरुमाली नदी और उसके किनारे बसे गांव, पुथुक्कड़-मुप्लियम का ग्रामीण इलाका, पुथुक्कड़ श्री भगवती मंदिर और परियारम महादेव मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Sunil Anthikkad (sunilkumar. P.v)
INC
A. Nagesh (parameswaran.a)
BJP
Nota
NOTA
Rajesh Appatt
CPIM
P.c. Pushpakaran
BSP
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