INC
CPI
BJP
नोटा
NOTA
AAP
IND
BSP
CPI(ML)(L)
Thrissur Vidhan Sabha Chunav Result: त्रिशूर सीट पर Rajan J. Pallan ने लहराया जीत का परचम
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त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा की 140 सीटों में से एक महत्वपूर्ण सीट है और इसका निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 67 है. लोकसभा चुनावों के लिए यह सीट त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. त्रिशूर शहर और इसका इलाका केरल की “सांस्कृतिक राजधानी” (Cultural Capital of Kerala) के नाम से जाना जाता है. यहां का ऐतिहासिक महत्व, सामाजिक जीवन की सक्रियता और लोगों की मजबूत राजनीतिक भागीदारी इसे राज्य की राजनीति में एक प्रमुख और बेहद प्रतिस्पर्धी सीट बनाती है.
भूगोल और प्रशासनिक प्रोफाइल की बात करें तो यह निर्वाचन क्षेत्र त्रिशूर शहर के आसपास के शहरी (Urban), उपनगरीय (Suburban) और अर्ध-शहरी (Peri-urban) इलाकों को मिलाकर बनता है. इसमें त्रिशूर तालुक के अंतर्गत त्रिशूर नगर निगम (Municipal Corporation) के वार्ड नंबर 1 से 11, 14 से 22, 32 से 39 और 43 से 50 शामिल हैं.
मतदाता भागीदारी और मतदाता प्रोफाइल में देखा जाए तो 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां लगभग 1,82,823 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर रही. शहरी क्षेत्रों में वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित करना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण होता है, फिर भी त्रिशूर में मतदान प्रतिशत आमतौर पर 70% से ऊपर रहा है। 2021 के चुनाव में यहां 70.69% मतदान हुआ.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व के लिहाज से त्रिशूर हमेशा से मुकाबले वाली सीट रही है. यहां मुख्य रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), जिसका नेतृत्व CPI(M) और उसके सहयोगी करते हैं, तथा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF), जिसका नेतृत्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) करती है, इन दोनों के बीच सत्ता बदलती रही है. इसके साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), खासकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी लगातार यहां सक्रिय रही है और चुनाव दर चुनाव बीजेपी का वोट शेयर बढ़ता गया है. समय-समय पर त्रिशूर का प्रतिनिधित्व दोनों बड़े मोर्चों के कई चर्चित नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया है, जो इस सीट के राजनीतिक महत्व को दर्शाता है.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव परिणाम बेहद करीबी रहे. इस कड़े मुकाबले में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के पी. बालचंद्रन ने 44,263 वोट हासिल किए, जो कुल वोटों का 34.25% था, और वे विजेता बने. उनके ठीक पीछे कांग्रेस (INC) की पद्मजा वेणुगोपाल रहीं, जिन्हें 43,317 वोट मिले, यानी 33.52%, जिससे दोनों मुख्य मोर्चों के बीच अंतर बहुत कम रहा. वहीं बीजेपी के उम्मीदवार और वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 40,457 वोट प्राप्त किए, जो 31.30% थे. यह परिणाम दिखाता है कि त्रिशूर में बीजेपी का आधार लगातार मजबूत हो रहा है और यहां चुनाव अब पूरी तरह तीन-तरफा मुकाबले (three-cornered contest) में बदल चुका है.
सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं की बात करें तो त्रिशूर की शहरी अर्थव्यवस्था मजबूत मानी जाती है. यहां रिटेल मार्केट, थोक व्यापार, बैंक, होटल सेवाएं और व्यापारिक संघों का बड़ा नेटवर्क है. त्रिशूर के प्रसिद्ध उत्सव, जैसे त्रिशूर पूरम, बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिससे पर्यटन और उससे जुड़े व्यवसायों को लाभ मिलता है. शहर के आसपास के अर्ध-शहरी वार्डों में कृषि, बागवानी और उनसे जुड़े कार्य भी किए जाते हैं, जो स्थानीय लोगों की आजीविका का आधार हैं. इसके अलावा, केरल के अन्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की तरह यहां भी विदेशों (खासकर खाड़ी देशों) में काम करने वाले परिवारजनों से आने वाली रेमिटेंस (विदेशी कमाई) घरेलू आय में काफी योगदान देती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरण में देखा जाए तो CPI और CPI(M) को श्रमिक वर्ग और शहरी क्षेत्रों में समर्थन मिलता रहा है, खासकर पब्लिक सेक्टर से जुड़े नेटवर्क, वेलफेयर योजनाओं के नैरेटिव और समुदाय-आधारित संगठन के जरिए. कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF भी यहां मजबूत प्रतिद्वंद्वी है, जिसकी पकड़ व्यापार, पेशेवर वर्ग और मध्यवर्गीय समूहों में अच्छी रही है. वहीं बीजेपी लगातार अपना वोट शेयर बढ़ा रही है, खासकर युवा मतदाताओं, राष्ट्रीय मुद्दों को प्राथमिकता देने वालों, और शहर के नए उभरते मतदाता समूहों में.
मुख्य मुद्दे और स्थानीय समस्याएं आम तौर पर शहर की जरूरतों से जुड़ी हैं, जैसे शहरी सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी और आर्थिक अवसर, स्वास्थ्य और शिक्षा, सामुदायिक कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा, तथा सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन का संरक्षण.
पर्यटन स्थलों में त्रिशूर के कई प्रसिद्ध स्थान आते हैं, जिनमें थेक्किनकाडु मैदानम, वडक्कुनाथन मंदिर, शक्तन थंपुरान पैलेस, हेरिटेज जोन, केरल साहित्य अकादमी और फाइन आर्ट्स सेंटर्स, त्रिशूर स्काईवॉक (शक्तन नगर), स्वराज राउंड, और त्रिशूर चिड़ियाघर व राज्य संग्रहालय शामिल हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Padmaja Venugopal
INC
Suresh Gopi
BJP
Nota
NOTA
Ajith Menon Ponnemkattil
IND
Thrissur Mukundan
igp
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल चुनाव से ठीक पहले त्रिशूर में वोट के बदले किट बांटने का बड़ा मामला सामने आया है. चुनाव आयोग की टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से बांटी जा रही राशन की किट और शराब के कूपन पकड़े हैं. विपक्षी दलों ने सीधा आरोप लगाया है कि बीजेपी वोटरों को लुभाने के लिए किट और शराब के कूपन बांट रही है. हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार ने इन आरोपों से पल्ला झाड़ लिया है.
त्रिशूर में प्रधानमंत्री मोदी के रोडशो ने केरल की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है. भारी भीड़ और ‘जय जय मोदी’ के नारों के बीच बीजेपी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. महिला मतदाताओं में खास उत्साह और स्थानीय नेताओं की सक्रियता से पार्टी आत्मविश्वास में नजर आ रही है.
पीएम मोदी 'मिशन केरल' पर हैं. रविवार को पल्लकड़ पहुंचकर उन्होंने रैली की. इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस और लेफ्ट पर हमलों की बौछार की. उन्होंने कहा कि विकसित केरलम का सपना बीजेपी ही साकार कर सकती है. देखें वीडियो.