नट्टिका विधानसभा क्षेत्र केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में यह 68वीं सीट है. यह एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है और यह त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
भूगोल और प्रशासनिक प्रोफ़ाइल की बात करें तो नट्टिका में शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह के वार्ड शामिल हैं. यह मध्य केरल के त्रिशूर जिले में आता है. इस विधानसभा क्षेत्र में त्रिशूर तालुक के अंतर्गत अंथिक्कड़, अविनिस्सेरी, चाज़ूर, चेरपु, परलम और थन्नियम पंचायतें शामिल हैं, जबकि चावक्काड तालुक के अंतर्गत नत्तिका, वलप्पाड और तलिक्कुलम पंचायतें आती हैं.
मतदाता भागीदारी और मतदाता संख्या के लिहाज से, चुनाव आयोग (ECI) के अनुसार 2021 के विधानसभा चुनाव में नत्तिका सीट पर लगभग 2,10,708 पंजीकृत मतदाता थे. यह सीट आमतौर पर उच्च मतदान प्रतिशत बनाए रखती है और 2021 के चुनाव में यहां लगभग 72.88% मतदान दर्ज किया गया.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व की बात करें तो नट्टिका में लंबे समय से सक्रिय राजनीतिक माहौल रहा है. यहां अधिकतर मुकाबला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के बीच रहा है, हालांकि समय-समय पर अन्य दलों ने भी कड़ी प्रतिस्पर्धा दी है. पिछले कुछ दशकों में CPI ने इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. 2011 और 2016 में CPI की गीता गोपी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी, जिससे नट्टिका में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का आधार और मजबूत हुआ.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव परिणामों में नट्टिका से CPI के C. C. मुकुंदन विधायक चुने गए. उन्हें 72,930 वोट मिले, जो लगभग 47.49% वोट शेयर था. वहीं UDF (INC) के उम्मीदवार एडवोकेट सुनील लालूर को 44,499 वोट मिले और NDA (BJP) के उम्मीदवार लोजनन अंबाट को 33,716 वोट प्राप्त हुए. अन्य स्वतंत्र उम्मीदवारों को बहुत कम वोट मिले. मुकुंदन ने 28,431 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो कुल डाले गए वोटों का लगभग 18.6% था. यह नतीजा दिखाता है कि नत्तिका में CPI और LDF को मतदाताओं का बहुत मजबूत समर्थन मिला. हालांकि कांग्रेस और भाजपा के वोट शेयर भी उल्लेखनीय रहे, लेकिन परिणाम ने यह साफ कर दिया कि CPI की संगठनात्मक पकड़ और स्थानीय स्तर पर उसकी स्वीकार्यता काफी गहरी है.
सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं के लिहाज से यह क्षेत्र विविध है. ग्रामीण इलाकों में सब्ज़ियों की खेती, नारियल और धान की खेती आय का प्रमुख साधन है. वहीं कुछ हिस्से अधिक शहरीकृत हैं, खासकर जहां बाजार केंद्र हैं, वहां रिटेल दुकानों, सेवा आधारित व्यवसायों और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. केरल की कई सीटों की तरह यहां भी बड़ी संख्या में परिवारों की आय का स्रोत उन लोगों से जुड़ा है जो राज्य से बाहर, विशेष रूप से खाड़ी देशों में काम करते हैं.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों की बात करें तो CPI की लगातार मौजूदगी और उसका संगठनात्मक नेटवर्क इस सीट पर निर्णायक भूमिका निभाता है. पार्टी कल्याण योजनाओं (वेलफेयर नैरेटिव) और स्थानीय शासन में भागीदारी के माध्यम से जमीनी स्तर पर समर्थन जुटाने में सक्षम रही है. कांग्रेस और उसके समर्थक भी यहां एक मजबूत चुनौती बने हुए हैं, खासकर तब जब स्थानीय नेतृत्व समुदाय की समस्याओं और भावनाओं से सीधे जुड़ता है. भाजपा ने भी हाल के चुनावों में अपनी पकड़ बढ़ाई है. हालांकि वह अभी तक इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई है, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ना यह दर्शाता है कि तटीय और शहरी केरल में पार्टी का आधार धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है, जो बड़े राष्ट्रीय रुझानों से भी मेल खाता है.
मुख्य मुद्दों में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और कृषि सहायता को मजबूत करना, स्वास्थ्य और शिक्षा तक बेहतर पहुंच, और युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर (डाइवर्सिफिकेशन) शामिल हैं.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो नट्टिका में घूमने के लिए नट्टिका बीच, स्नेहतीरम बीच, चेट्टुवा झील, और त्रिप्रयार श्री राम मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षण मौजूद हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Adv. Sunil Laloor
INC
Lojanan Ambatt
BJP
Nota
NOTA
C S Jitheshkumar
IND
Sivarathnan Alathi
IND
Vimal Mallika Vijayan
BSP
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