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Kerala Election Result 2026 Live: थोडुपुझा विधानसभा सीट पर KC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Kerala Election Results 2026 Live: केरल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Thodupuzha Election Results Live 2026: केरल के KOCHI क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें केरल रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
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Thodupuzha Vidhan Sabha Chunav Result Live: केरल के KOCHI क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Thodupuzha Election Results Live 2026: केरल के KOCHI क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें केरल रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
थोडुपुझा विधानसभा क्षेत्र इडुक्की जिले के बीचों-बीच स्थित है. यह क्षेत्र आमतौर पर बड़े राजनीतिक विवादों या सुर्खियों में नहीं रहता, लेकिन केरल के पहाड़ी इलाकों की राजनीति को समझने के लिए यह बहुत अहम माना जाता है. यहां की राजनीति शोर-शराबे वाली नहीं है, बल्कि जमीन, खेती, सहकारी संस्थाओं और सामाजिक संतुलन से जुड़ी हुई है.
थोडुपुझा, इडुक्की लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यह इलाका पहाड़ी बागानों और तेजी से बढ़ते छोटे शहरों के बीच स्थित है. यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से जागरूक हैं, लेकिन नए प्रयोगों को लेकर सतर्क रहते हैं. यहां विचारधारा या बड़े भाषणों से ज्यादा उम्मीदवार की पहचान, उपलब्धता और भरोसेमंद छवि मायने रखती है.
थोडुपुझा का भूगोल पहाड़ियों, रबर के बागानों और मसालों की खेती से जुड़ा है. थोडुपुझा शहर प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र है, जबकि करीमन्नूर और एडवेट्टी जैसे इलाके आज भी खेती पर निर्भर हैं. रबर, काली मिर्च और इलायची यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वैश्विक बाजार और मौसम में बदलाव का सीधा असर यहां के लोगों पर पड़ता है.
इस क्षेत्र का सामाजिक ढांचा लंबे समय से हुए प्रवास से बना है. मध्य त्रावणकोर से आए सीरियन ईसाई किसान परिवार यहां प्रभावशाली माने जाते हैं. उनकी ताकत केवल संख्या में नहीं, बल्कि जमीन, बागानों, सहकारी बैंकों, चर्च नेटवर्क और शिक्षण संस्थानों में उनकी पकड़ से आती है. इसी कारण यह सीट लंबे समय से यूडीएफ (UDF) और खासकर केरल कांग्रेस से जुड़ी रही है.
ईसाई समुदाय के अलावा, एझवा समुदाय भी यहां प्रभावशाली है, खासकर थोडुपुझा शहर और आसपास के अर्ध-शहरी इलाकों में. एसएनडीपी योगम के जरिए उनकी सामाजिक और आर्थिक पकड़ मजबूत है. एझवा मतदाता किसी एक दल के स्थायी समर्थक नहीं हैं, बल्कि स्थानीय नेतृत्व और सरकारी योजनाओं के आधार पर यूडीएफ और एलडीएफ के बीच मतदान करते हैं.
मुस्लिम समुदाय संख्या में कम है, लेकिन व्यापारिक इलाकों में उनका प्रभाव केंद्रित है. वे आमतौर पर एकजुट होकर मतदान करते हैं और परंपरागत रूप से यूडीएफ का समर्थन करते आए हैं, खासकर जब चुनाव अल्पसंख्यक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा हो.
अनुसूचित जाति और अन्य कमजोर वर्ग ज्यादातर ग्रामीण और बागान क्षेत्रों में फैले हुए हैं. ये वर्ग सरकारी कल्याण योजनाओं से प्रभावित होते हैं और कई बार एलडीएफ की ओर झुकाव दिखाते हैं, यदि उम्मीदवार भरोसेमंद लगे.
थोडुपुझा की राजनीति खेती के इर्द-गिर्द घूमती है. रबर और मसालों के दाम, बारिश और मौसम की स्थिति यहां के चुनावी माहौल को तय करती है. टीवी बहसों या बड़े राजनीतिक नारों का यहां ज्यादा असर नहीं पड़ता. जब खेती संकट में होती है, तो राजनीतिक समर्थन कमजोर होता है, लेकिन अचानक बड़े बदलाव कम ही होते हैं.
केरल कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दल यहां लंबे समय तक प्रभावी रहे हैं, क्योंकि उनकी पकड़ चर्च, किसान संगठनों और सहकारी संस्थाओं तक है. राष्ट्रीय दल तभी सफल होते हैं, जब वे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालते हैं.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव में थोडुपुझा ने एक बार फिर जाना-पहचाना चेहरा चुना. केरल कांग्रेस के पी. जे. जोसेफ (यूडीएफ) ने 67,495 वोट पाकर जीत हासिल की. उन्होंने एलडीएफ उम्मीदवार प्रो. के. आई. एंटनी को 20,259 वोटों से हराया. यह नतीजा दिखाता है कि मतदाता अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं.
यह क्षेत्र आमतौर पर यूडीएफ समर्थक रहा है, लेकिन जब यूडीएफ में अंदरूनी मतभेद होते हैं या एलडीएफ स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन बनाता है, तो परिणाम बदल सकते हैं. यहां जीत विचारधारा से नहीं, बल्कि उम्मीदवार की साख, किसानों के साथ संवाद और संकट के समय मौजूदगी से तय होती है.
यहां विकास का मतलब बड़े वादे नहीं, बल्कि सड़कें, फसल के दाम, सहकारी संस्थाओं की मजबूती और सरकारी सहायता है.
थोडुपुझा केरल की शांत, व्यावहारिक और जमीन से जुड़ी राजनीति का उदाहरण है. यहां मतदाता राजनीति को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर देखते हैं. वे प्रयोग से ज्यादा अनुभव पर भरोसा करते हैं और उन्हीं नेताओं को चुनते हैं जो कठिन समय में उनके साथ खड़े रहें.
Prof. K I Antony
KEC(M)
Shyamraj P
BJP
Leethesh P T
BSP
Nota
NOTA
M T Thomas
IND
Parthasaradhi K
IND
T R Sreedharan
SUCI
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.