सरकारी नौकरी के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे केरल के एलपीएसटी उम्मीदवारों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है. लोअर प्राइमरी टीचर रैंक धारकों ने सरकार पर उनकी बार-बार की गई अपीलों को नजरअंदाज करने के आरोप लगाते हुए सचिवालय के बाहर घास खाकर अनोखे तरीके से अपना विरोध किया. ये उम्मीदवार केरल PSC की परीक्षा पास कर रैंक लिस्ट में शामिल हो चुके हैं लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है. नियुक्ति आदेश की मांग को लेकर उनका प्रदर्शन पिछले 34 दिनों से चल रहा है. उम्मीदवारों का आरोप है कि बार-बार अपील करने के बावजूद सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है.
सरकार नहीं दे रही है जवाब
रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार की ओर से कोई साफ जवाब नहीं मिलने की वजह से उन्हें अलग-अलग तरीके से विरोध करना पड़ रहा है लेकिन बावजूद इसके सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे 34 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई अच्छी खबर नहीं आई है. उनका कहना है कि सरकार ने दो महीने का समय मांगा है लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आ रहा है कि आखिर इतना समय चाहिए क्यों? उम्मीदवारों का आरोप है कि उन्होंने कई तरीकों से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
नियुक्ति में हो रही है देरी
यह विवाद केरल राज्य योजना बोर्ड में मुख्य स्तर के पदों के लिए आयोजित केरल पीएससी परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सामने आई है. इस विवाद के चलते राज्य सरकार ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही जुलाई में केरल पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की थी. एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक एस अजीता बेगम कर रही हैं, जबकि क्राइम ब्रांच को व्यापक जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है.
परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जांच कमेटी का गठन
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए सरकार ने एक विशेष कमेटी बनाई है. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को दी गई है. इस कमेटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक एस अजीता बेगम करेंगी. कमेटी को मामले की जांच जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. हालांकि, एलपीएसटी रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है.