जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की तपती धूप और बारिश के बीच बैठे इन चेहरों को ध्यान से देखिए. ये वो युवा हैं जो किताबों की अलमारियों के पास होने चाहिए थे, लेकिन आज अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर हैं.
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा अब अनियंत्रित हो चुका है. आंदोलन के 10 दिन बीत जाने के बाद भी जब सरकार की तरफ से कोई वार्ता नहीं हुई, तो अब अभ्यर्थियों ने 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है. आज शाम 6 बजे से आंदोलन की अगुवाई कर रहे राहुल, अर्चना और हबीबा समेत कई अभ्यर्थी अन्न-जल त्यागकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं.
11 गिरफ्तारियां सिर्फ मोहरे, असली मगरमच्छ बाहर!
सरकार भले ही दावा कर रही हो कि सीआईडी (CID) ने मास्टरमाइंड समेत 11 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि यह सिर्फ आईवॉश है. अभ्यर्थी राहुल क्रांति कुमार ने aajtak.in से कहा कि हमने CGL में CID की जांच देखी है. नेपाल में पेपर रटाए जाने के सबूत खुद CID ने दिए थे, लेकिन बाद में रिपोर्ट बदल दी गई. CID राज्य सरकार की एजेंसी है, उस पर हमें रत्ती भर भरोसा नहीं है. जब तक CBI और ED की जांच नहीं होगी, सफेदपोश बाहर ही रहेंगे. राहुल ने कहा कि मेरे मामले तो ये हुआ कि 172 नंबर लाकर भी मुझे नियुक्ति पत्र नहीं मिला और मुझसे काफी कम नंबर वाले को मिल गई, इसे क्या कहा जाएगा.
वहीं अभ्यर्थी अर्चना ने कहा कि हम 2018 से पढ़ रहे हैं. 4-4 परीक्षाएं देने के बाद हर बार फर्जीवाड़ा सामने आता है. CID की जांच में मामले को लटकाया जाता है, हमें सिर्फ और सिर्फ CBI जांच का आधिकारिक आदेश चाहिए. छात्रा हबीबा भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर मांग तेज कर रही हैं.
क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
CBI & ED Probe: पिछले 7 सालों की सभी विवादित परीक्षाओं की केंद्रीय एजेंसियों से जांच हो.
Masterminds Behind Bars: सिर्फ पेपर बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि इसे खरीदने और बेचने वाले बड़े चेहरों पर कार्रवाई हो.
Full Transparency: OMR शीट में 5वां ऑप्शन और पारदर्शी परीक्षा मैकेनिज्म लागू किया जाए.