
सावन का महीना चल रहा है. शिव भक्त कावंड़िये गंगाजल लिए अपने-अपने गंतव्य को निकल रहे हैं. इन सबके बीच यूपी पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटित हो. इसी कड़ी में संभल जिले की तमन्ना मलिक का नाम फिर से चर्चा में आ गया है. इसकी वजह है बुर्का विवाद. आइये जानते हैं पूरी कहानी...
मुस्लिम महिला, हिंदू पति
दरअसल, तमन्ना मलिक मुस्लिम है और उसने एक हिंदू युवक अमन त्यागी से शादी रचाई है. बीती शिवरात्रि को तमन्ना बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर निकली थी, जिसके बाद काफी विवाद हुआ था. मुस्लिम नेताओं/धर्मगुरुओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी. एक बार फिर से तमन्ना सावन में भी कांवड़ यात्रा पर निकलने की तैयारी में थी. लेकिन कोई हंगामा और बवाल न हो इसके लिए संभल एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना और अमन को शांति भंग का नोटिस जारी कर दिया.

मालूम हो कि तमन्ना और अमन ने करीब चार साल पहले अलग-अलग धर्मों की दीवारों को तोड़कर शादी रचाई थी. उस समय तमन्ना ने मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी शादी सफल रही, तो वह शिव मंदिर में पति संग जलाभिषेक करेगी. बताया जा रहा है कि शादी के बाद यह जोड़ा संभल का अपना गांव छोड़कर चला गया था. साल भर पहले ही दोनों वापस कोटे हैं. तमन्ना के दो बेटे, आर्यन और दक्ष भी हैं.
पहले भी छिड़ चुका है विवाद
यात्रा के दौरान तमन्ना मलिक के बुर्का पहनने और कांवड़ लाने पर विवाद छिड़ गया था, जिसपर तमन्ना ने कहा कि वह पहले भी बुर्का पहनती थीं, तो अब किसी को क्यों दिक्कत रही है. उन्होंने विरोध करने वालों को 'अनजान' बताते हुए उन पर ध्यान न देने की बात कही. वहीं, उनके पति अमन का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने उनकी पूरी मदद की है.
आपको बता दें कि महाशिवरात्रि पर बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लाने और जल चढ़ाने वाली तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को प्रशासन ने बीएनएस (BNS) की धारा 126/135 के तहत नोटिस जारी किया है. शांति व्यवस्था भंग होने और अप्रिय घटना की आशंका के चलते एसडीएम कोर्ट ने दोनों को 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया है.
असमोली थाना पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर संभल के एसडीएम विकास चंद्र ने यह कार्रवाई की है. नोटिस में कहा गया है कि पूर्व में बुर्का पहनकर कांवड़ लाने से दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया था, जिससे इस बार भी शांति व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है. नोटिस मिलने के बाद तमन्ना के पति अमन त्यागी ने एसडीएम कोर्ट पहुंचकर जमानत कराई, जबकि सुरक्षा कारणों से तमन्ना कोर्ट नहीं आईं. एसडीएम विकास चंद्र ने स्पष्ट किया कि पुलिस की चालानी रिपोर्ट के आधार पर यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है, किसी के वेशभूषा पर कोई रोक नहीं है.

दूसरी ओर, तमन्ना के पति अमन त्यागी ने कहा कि नोटिस की जमानत करा ली गई है और उनकी कांवड़ यात्रा नहीं रुकेगी. उन्होंने कहा कि तमन्ना गाजियाबाद की शबीना बानो के समर्थन में हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद तक जाएंगी. संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के वस्त्र पहनने का अधिकार देता है, इसलिए तमन्ना चाहे बुर्का पहनकर कांवड़ लाए या भगवा पहनकर.
तमन्ना के पति अमन त्यागी का बयान
बकौल अमन- गाजियाबाद की अनीशा बानो कांवड़ लेने जा रही हैं, इसलिए तमन्ना मलिक भी जा रही हैं. तमन्ना जो चाहे वेशभूषा पहन सकती हैं, संविधान में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है. प्रशासन से नोटिस मिला है, लेकिन हमने जमानत करा ली है और हमारी कांवड़ यात्रा नहीं रुकेगी. तमन्ना चाहे बुर्का पहनकर जाएं या भगवा, किसी महिला के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता. सुरक्षा कारणों से मैंने उन्हें कोर्ट लाना ठीक नहीं समझा. हम कल सुबह 11 बजे कांवड़ लेने निकलेंगे.
एसडीएम विकास चंद्र ने कही ये बात
एसडीएम के मुताबिक, शांति व्यवस्था के दृष्टिकोण से थाना पुलिस की चालानी रिपोर्ट आई थी, जिसमें अमन त्यागी और तमन्ना मलिक के कांवड़ लेने जाने और पूर्व में भी शांति व्यवस्था प्रभावित होने का जिक्र था. इसके आधार पर 29 जुलाई को नोटिस जारी कर दोनों को 20 हजार के मुचलके से पाबंद किया गया था. बुर्का पहनकर कांवड़ नहीं ला सकतीं, ऐसा कुछ नहीं है; वह जिस तरह चाहें कांवड़ ला सकती हैं.