रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (REBR) 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल भारत का सबसे आकर्षक नियोक्ता के रूप में सामने आया है. इस लिस्ट में टाटा ग्रुप दूसरे नंबर पर और अमेजन तीसरे स्थान पर है. इस रिपोर्ट के लिए रैंडस्टैड इंडिया ने देशभर के करीब 3,500 लोगों से राय ली. यह सर्वे दुनिया के 34 देशों में किए गए एक बड़े सर्वे का हिस्सा था, जिसमें 1.75 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया.
रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कर्मचारी अब केवल अच्छी सैलरी नहीं बल्कि करियर ग्रोथ, ऑफिस कल्चर, वर्क-लाइफ बैलेंस, हेल्थ और सैलरी जैसे कई चीजों पर ध्यान दे रही है.
भारत में 10 टॉप एम्प्लॉयर ब्रांड
कर्मचारी कर रहे हैं नौकरी बदलने की तैयारी?
रिसर्च में यह भी पाया गया है कि भारत में कर्मचारी अभी भी नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं. करीब आधे कर्मचारी अगले छह महीने में नई नौकरी की तलाश कर सकते हैं. कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ा कारण वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी रहा. 49% लोगों ने इसे वजह बताया. इसके बाद करियर में आगे बढ़ने के कम मौके (42%) और कम सैलरी (41%) मुख्य कारण रहे. वहीं, एज लीमिट से देखा जाए, तो मिलेनियल्स में नौकरी बदलने की इच्छा सबसे ज्यादा रही. इनमें से 43% लोगों ने करियर ग्रोथ की कमी को बड़ी वजह बताया. वहीं, जेन Z के 42% और जेन X के 39% कर्मचारियों ने भी करियर विकास की कमी को नौकरी बदलने का कारण माना.
कर्मचारी कंपनी में आखिर क्या कर रहे हैं तलाश?
रिपोर्ट के मुताबिक, आज के कर्मचारी ऐसे नियोक्ता की तलाश कर रहे हैं जो उन्हें सिर्फ अच्छी सैलरी ही नहीं बल्कि बेहतर काम का माहौल और आगे बढ़ने के मौके भी दे. कर्मचारी चाहते हैं कि कंपनियां उन्हें करियर ग्रोथ, सम्मानजनक माहौल, स्वास्थ्य सुविधाएं, काम में लचीलापन और अच्छी सैलरी जैसी सुविधाएं दें. अब लोग सिर्फ कंपनी की सुविधाओं को नहीं, बल्कि कंपनी अपने कर्मचारियों के साथ कैसा व्यवहार करती है, इसे भी महत्व दे रहे हैं.
सर्वे में लोगों ने आगे बताया कि नौकरी की सुरक्षा के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर पहचान मिलना और करियर में आगे बढ़ने के मौके (47%) उतने ही जरूरी हैं जितना अच्छी सैलरी और सुविधाएं. इसके अलावा, कंपनी की ओर से साफ और ईमानदार बातचीत भी कर्मचारियों के भरोसे के लिए अहम मानी जा रही है. 46% लोगों ने कहा कि पारदर्शी संवाद से कंपनी पर उनका विश्वास बढ़ता है.
सैलरी, वर्क-लाइफ बैलेंस ...
रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाली कर्मचारियों की नौकरी से जुड़ी उम्मीदें अन्य कर्मचारियों से थोड़ी अलग है. डिजिटल प्रोफेशनल्स अच्छी सैलरी को ज्यादा महत्व देते हैं और अगर उन्हें करियर में आगे बढ़ने के मौके कम मिलते हैं, तो वे नौकरी बदलने के बारे में ज्यादा सोचते हैं. रिसर्च में 55% डिजिटल कर्मचारियों ने करियर ग्रोथ की कमी को नौकरी बदलने की बड़ी वजह बताया. वहीं ऑपरेशनल कर्मचारियों में यह आंकड़ा 40% और अन्य प्रोफेशनल कर्मचारियों में 43% रहा.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में हाइब्रिड वर्क मॉडल तेजी से सामान्य हो रहा है. करीब 42% कर्मचारियों ने कहा कि वे हाइब्रिड तरीके से काम कर रहे हैं यानी कुछ दिन ऑफिस और कुछ दिन घर से काम करते हैं. युवा कर्मचारी रिमोट वर्क को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. जेनरेशन Z के 63% और मिलेनियल्स के 62% कर्मचारियों ने बताया कि वे कम से कम कुछ समय घर से काम करते हैं, जबकि जेनरेशन X में यह आंकड़ा 51% रहा. रैंडस्टैड इंडिया के मैनेजर निदेशक नारायण अय्यर ने कहा कि कंपनियों को बदलती कर्मचारी जरूरतों के हिसाब से अपनी रणनीति बदलनी होगी. जो कंपनियां करियर ग्रोथ, लचीलापन, बेहतर माहौल और अच्छी सुविधाएं देंगी.