मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी बेस पर ईरान मिसाइलों से हमला कर रहा है. कुछ दिन पहले चीन की सैटेलाइट्स ने इस बेसों की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की थी. इन तस्वीरों पता चला है कि अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लड़ाकू विमानों, टैंकरों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की संख्या तेजी से बढ़ाई गई थी. प्लैनेट लैब्स और रॉयटर्स की तस्वीरों में कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब के अड्डों पर बदलाव साफ दिख भी रहे थे.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से न्यूक्लियर डील चाहते हैं, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर भी रोक की मांग कर रहे हैं. ईरान ने साफ मना कर दिया है. इसके बाद जंग शुरू हो गई है. बहरीन में अमेरिकी नेवल बेस को निशाना बनाया गया है. पिछले साल अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे.
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सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिख रहा है?
प्लैनेट लैब्स की तस्वीरों से जनवरी और फरवरी 2026 के बीच अमेरिकी अड्डों पर बड़े बदलाव दिखे...

अल उदेद एयर बेस, कतर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय. 17 जनवरी से 1 फरवरी के बीच विमानों की संख्या बढ़ी है. मोबाइल पैट्रियट मिसाइल लॉन्चर्स तैनात किए गए है, जो ईरान की मिसाइलों से बचाव के लिए हैं.

मुवाफक साल्टी एयर बेस, जॉर्डन: 25 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दर्जनों F-15E फाइटर जेट्स, A-10 ग्राउंड अटैक विमान और MQ-9 ड्रोन आए. यह ईरान के करीब है.

प्रिंस सुल्तान एयर बेस, सऊदी अरब: C-5 गैलेक्सी और C-17 ट्रांसपोर्ट विमान दिखे, जो भारी सामान ले जाते हैं.
अन्य जगहों जैसे ओमान और डिएगो गार्सिया में भी विमान बढ़े हैं. कुल मिलाकर फाइटर जेट्स, टैंकर और डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ी है.
मध्य-पूर्व में अमेरिकी बेस
बहरीन... बहरीन में अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है. यह फ्लीट खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों की जिम्मेदारी संभालती है. यह अड्डा अमेरिका के लिए समुद्री सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है.
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कतर... कतर की राजधानी दोहा के बाहर रेगिस्तान में अल उदीद एयर बेस है. यह 24 हेक्टेयर बड़ा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय है. यह कमांड मिस्र से कजाकिस्तान तक के बड़े क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों को संभालता है. यहां करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक रहते हैं. जनवरी में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यहां एक नया कोऑर्डिनेशन सेल (MEAD-CDOC) खोला, जो क्षेत्रीय वायु और मिसाइल रक्षा को मजबूत करेगा.
कुवैत... कुवैत में कई बड़े सैन्य ठिकाने हैं. कैंप अरिफजन अमेरिकी आर्मी सेंट्रल का मुख्यालय है. अली अल सलेम एयर बेस इराक सीमा से करीब 40 किमी दूर है. इसे "द रॉक" कहा जाता है क्योंकि यह अलग-थलग और कठिन इलाके में है. कैंप ब्यूहरिंग 2003 के इराक युद्ध में बनाया गया था. यह इराक व सीरिया में तैनात होने वाली अमेरिकी सेना के लिए स्टेजिंग पोस्ट है.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)... यूएई की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में अल धफरा एयर बेस है, जो यूएई वायु सेना के साथ साझा है. यह अमेरिकी वायु सेना का महत्वपूर्ण केंद्र है, जो ISIS के खिलाफ अभियानों और क्षेत्र में जासूसी मिशनों में मदद करता है. दुबई का जेबेल अली पोर्ट औपचारिक अड्डा नहीं है, लेकिन मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा बंदरगाह है. यहां अमेरिकी विमान वाहक और अन्य जहाज नियमित रूप से आते हैं.
इराक... इराक में एन अल असद एयर बेस है, जो पश्चिमी अनबार प्रांत में है. यह इराकी सुरक्षा बलों को सहयोग देता है और नाटो मिशन में योगदान करता है. 2020 में ईरानी जनरल कासेम सुलेमानी की मौत के बदले ईरान ने इस पर मिसाइल हमला किया था. उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल एयर बेस है, जो अमेरिकी और गठबंधन बलों के लिए ट्रेनिंग और इंटेलिजेंस शेयरिंग का केंद्र है.
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सऊदी अरब... सऊदी अरब में 2024 में 2321 अमेरिकी सैनिक थे. वे सऊदी सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं. वायु और मिसाइल रक्षा प्रदान करते हैं. कुछ सैनिक रियाद से 60 किमी दक्षिण में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हैं, जहां पैट्रियट मिसाइल बैटरी और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम हैं.

जॉर्डन... जॉर्डन की राजधानी अम्मान से 100 किमी उत्तर-पूर्व में अज्राक में मुवाफ्फक अल साल्टी एयर बेस है. यहां अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल की 332nd एयर एक्सपीडिशनरी विंग है, जो लेवांत क्षेत्र में मिशनों में लगी है.
तुर्की... तुर्की और अमेरिका मिलकर दक्षिणी अदाना प्रांत में इंसिरलिक एयर बेस चलाते हैं. यहां अमेरिकी परमाणु हथियार रखे हैं. ISIS के खिलाफ गठबंधन को सहयोग दिया जाता है. तुर्की में 1465 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.