कतर
कतर (Qatar), पश्चिमी एशिया का एक देश है (Country of Asia). यह अरब प्रायद्वीप के उत्तरपूर्वी तट के पास स्थिथ है. इसके दक्षिण में पड़ोसी गल्फ सहयोग परिषद (GCC) राजशाही सऊदी अरब के साथ अपनी एकमात्र भूमि सीमा साझा करता है. इसके बाकी के क्षेत्र फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से घिरा हुआ है. बहरीन की खाड़ी (Bahrain Gulf) और फारस की खाड़ी, कतर को बहरीन से अलग करती है (Qatar Geographical Location). देश की राजधानी दोहा (Doha) है (Capital of Qatar).
2017 की शुरुआत में, कतर की कुल आबादी 2.6 मिलियन थी, जिसमें 313,000 मिलियन कतरी नागरिक और 2.3 मिलियन प्रवासी हैं (Qatar Population). कतर का आधिकारिक धर्म इस्लाम है (Qatar Religion Islam). कतर का आधिकारिक भाषा अरबी है और
अंग्रेजी एक आम भाषा की तरह बोली जाती है (Qatar Languages). आय के मामले में, देश में दुनिया में प्रति व्यक्ति चौथा उच्चतम सकल घरेलू उत्पाद (PPP) है और छठा उच्चतम जीएनआई (GNI) प्रति व्यक्ति. कतर में अरब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एचडीआई (HDI) है. यह एक उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था है. कतर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार का देश है (Qatar Natural Gas and Oil Reserve). कतर प्राकृतिक गैस के दुनिया के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है. साथ ही, प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड का दुनिया का सबसे बड़ा उत्सर्जक है (Qatar largest emitter Carbon Dioxide).
1868 में मोहम्मद बिन थानी (Mohammed Bin Thani) ने अंग्रेजों के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद से कतर पर राजशाही के रूप में शासन किया (). वर्तमान में अमीर तमीम बिन हमद अल थानी हैं (Qatar, Emir is Tamim bin Hamad Al Thani), जो कतर के संविधान के तहत लगभग सभी कार्यकारी और विधायी अधिकार रखते हैं. साथ ही, न्यायपालिका को नियंत्रित करते हैं. प्रधानमंत्री और कैबिनेट की नियुक्ति भी वही करते हैं (House of Thani).
अमेरिका ने इजरायल और खाड़ी देशों को 8.6 अरब डॉलर (लगभग 81,700 करोड़ रुपये) के हथियार बेचे. ईरान के साथ चल रही जंग के बीच US-इजरायल अगले स्तर की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं.
कुवैत ने अप्रैल 2026 में कच्चे तेल का निर्यात पूरी तरह बंद कर दिया है, जो पिछले तीन दशकों में पहली बार हुआ है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पाबंदियों के चलते सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे एशिया और यूरोप के ऊर्जा बाजारों में भारी असर पड़ा है. इस स्थिति के लंबे समय तक बने रहने से वैश्विक ईंधन कीमतों में उछाल आ सकता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खतरे के बाद सऊदी अरब, यूएई, इराक और ओमान जैसे अरब देश पोर्ट से पाइपलाइन तक का रास्ता बना रहे हैं. सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, यूएई की हबशान-फुजैरा पाइपलाइन और इराक की किर्कुक-सेयहान पाइपलाइन को फुल स्पीड पर चलाया जा रहा है. ताकि तेल एक्सपोर्ट आराम से हो सके.
इजरायल द्वारा सोमालीलैंड में अपना राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है. सऊदी, कतर सहित 16 देशों ने चेतावनी दी है कि यह कदम अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कतर दौरा चर्चा में है. कतर के एयरस्पेस में प्रवेश करते ही उन्होंने विमान से सलामी दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल कर दिया.
US-Israel-Iran War LIVE Updates: होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी लागू होते ही US-ईरान तनाव और ज्यादा बढ़ गया है, ईरान ने इसे गैरकानूनी बताया है. तेल कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक शक्तियां समुद्री रास्तों की सुरक्षा और कूटनीति पर जोर दे रही हैं.
ईरान ने मिडिल-ईस्ट के पांच बड़े देशों बहरीन, सऊदी अरब, कतर, यूएई और जॉर्डन से युद्ध में हुए नुकसान के लिए मुआवजा मांगा है. ईरान का आरोप है कि ये देश अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल थे.
अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक सीजफायर के बावजूद, खाड़ी क्षेत्र के अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगी देश- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर- अब हवाई सुरक्षा और मिसाइल रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते. ये देश दक्षिण कोरिया, यूक्रेन और ब्रिटेन जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं.
अमेरिका-ईरान की बीच युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. Iran War के चलते होर्मुज स्ट्रेट में आई रुकावट से दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का भारी संकट पैदा हो गया.वहीं भारत में पड़े असर को कम करने के लिए सरकार का प्लान-बी एक्टिव हो गया है.
India LNG Import: मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते खाड़ी देशों से एलएनजी सप्लाई बाधित हुई, तो भारत के लिए ग्लोबल एनर्जी दिग्गज शेल पीएलसी ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं और सप्लाई तेज कर दी है.
पाकिस्तान के लिए खाड़ी देशों से राहत की खबर आई है. सऊदी अरब और कतर से मिलने वाली 5 अरब डॉलर की मदद ऐसे समय में सामने आई है, जब वो UAE का बड़ा कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा है. IMF मीटिंग से पहले यह समर्थन पाकिस्तान की आर्थिक रणनीति को मजबूती देता दिख रहा है.
ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. विशेषज्ञों का दावा है कि ये बेस अब सुरक्षा देने के बजाय खतरा बन गए हैं. इस घटना ने अमेरिका की मध्य पूर्व रणनीति और खाड़ी देशों की सुरक्षा को पूरी तरह बदलकर रख दिया है.
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका, इजरायल और ईरान की 40 दिन की जंग में 3640 लोग मारे गए. ईरान में 2076, लेबनान में 1497, इजरायल में 26 और अमेरिका में 13 मौतें हुईं. 90 हजार घर, 760 स्कूल और 307 अस्पताल तबाह हो गए. खाड़ी देशों में भी भारी नुकसान हुआ.
ईरान जंग के बीच दुनियाभर में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज सबसे ज्यादा चर्चित विषय बन चुका है. जंग की वजह से इस संकरे रास्ते के आसपास सैकड़ों की तादाद में जहाज फंसे हुए हैं. ऐसे में हम जानेंगे कि वहां फंसे हुए जहाजों और उनमें सवार नाविकों को ऐसे हालात में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
अमेरिका के सीजफायर ऐलान के बावजूद खाड़ी देशों में खतरा टला नहीं है. कतर-कुवैत से लेकर सऊदी अरब और इजरायल तक कई देशों ने एयर डिफेंस एक्टिव कर दिए हैं. ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सऊदी अरब, कतर और यूएई के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं. मेलोनी का ये मिशन खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और इटली के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए है, क्योंकि इटली अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है.
अल अरबी टैलीविजन नेटवर्क ने बताया कि ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित उसके कार्यालय भवन पर मिसाइल से हमला हुआ है. जिसके कारण सीधा प्रसारण रोकना पड़ा और ऑफिस को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है. इजरायल की तरफ से ये जोरदार हमला किया गया है.
ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और कुवैत के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध जताया है. ईरानी नेता ने UN को पत्र लिखकर चेतावनी दी है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कदम उठाने की बात कही है.
अमेरिका और इजरायल से ईरान की जारी जंग में ईरान अरब देशों को नहीं भूल रहा. ईरान के अरब देशों पर भी हमले लगातार जारी है. ईरान ने पहले कुवैत एयरपोर्ट को निशाना बनाया और फिर बहरीन के इंडस्ट्रियल एरिया पर भी निशाना साधा. ईरान ने यूएन में भी इन अरब देशों की अमेरिका के हमले के लिए इस्तेमाल होने की शिकायत दर्ज की है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने सख्त संदेश दिया है. लेबनान में इजरायली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कतर ने संप्रभुता के सम्मान पर जोर दिया. साथ ही ईरान से जुड़े हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि कई रेड लाइन पार हो चुकी हैं.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा के पास गैस पाइपलाइन को बम से उड़ा दिया गया. LPG संकट के बीच हुए इस हमले से क्वेटा और आसपास के कई जिलों में गैस सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई. अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई इस साजिश से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.