ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन के सबसे ऊंचे पहाड़ जबल अल-दुखान पर तैनात अमेरिका के लंबी दूरी के रडार को तबाह कर दिया. ईरान से जुड़ी सोशल मीडिया साइट्स ने सैटेलाइट तस्वीर के साथ उस पहाड़ पर हमले की तस्वीर भी साझा की. बताया जा रहा कि ये अमेरिका का AR-327 या AN/FPS-132 किस्म का early warning radar था. देखें वीडियो.
इस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है और इसी के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बहरीन में अमेरिका के 5वें बेड़े पर हमला करने का दावा किया है. इससे पहले बहरीन में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था और अब आईआरजीसी की तरफ से इस हमले की पुष्टि हुई है. यह घटना क्षेत्र में जारी तनाव को और बढ़ा सकती है और अमेरिकी रणनीतिक कदमों पर असर डाल सकती है.
ईरान की सैन्य कमान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान करते हुए किसी भी जहाज को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. वहीं, अमेरिकी सेना ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है. होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने और जलमार्ग बंद करने के ऐलान से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है
ईरान और अमेरिका के बीच फिर जंग छिड़ गई. ईरान के ड्रोन ने अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिराया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों पर हमला किया. IRGC ने बहरीन में US Fifth Fleet बेस पर जवाबी हमला किया.
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलता दिखाई दे रहा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है. बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता गहरा गई है. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि ये कदम हालिया सुरक्षा घटनाओं के जवाब में उठाया गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक तेल संकट को रोकने, युद्ध को सीधे इजरायल-ईरान टकराव में बदलने से बचाने, लेबनान में हिजबुल्लाह का खात्मा करने, प्रतिबंधों के जरिए बातचीत का मौका देने और अपने अरब सहयोगियों की सुरक्षा के लिए इजरायल को जवाबी हमले से रोक रहे हैं.
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ईरान के बीच जंग तेज होता जा रहा है. ईरान ने कुवैत और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन से भीषण हमला किया. हमले इतने भीषण थे कि दूर तक धमाकों की आवाज सुनाई दी.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष शनिवार को और बढ़ गया जब अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया. दोनों देशों ने हमलों की निंदा की, जबकि अमेरिकी सेना ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की बात कही.
ईरान ने कुवैत और बहरीन पर अमेरिकी अड्डों पर हमले का वीडियो जारी किया है. ईरान ने मिसाइल लॉन्च की तस्वीरें जारी की और कहा है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल करके IRGC ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है. देखें वीडियो.
ईरान ने अपने ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद जवाबी मिसाइल कार्रवाई की है. ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं. होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की ईरानी चेतावनी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
ईरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर दिए हैं. हालांकि कुवैत की वायु सेना ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया. ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जबकि पड़ोसी बहरीन में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, जहां ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे. अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में केश्म द्वीप पर बड़ा हवाई हमला किया. ईरान ने अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले का दावा किया है, लेकिन ईरान के हमलों को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने नाकाम बताया है.
नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी हवाई हमलों में 228 अमेरिकी सैन्य ढांचे तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं. सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में रडार, हैंगर और संचार केंद्रों को भारी नुकसान की बात सामने आई है.
ईरान के हमलों में 228 अमेरिकी सैन्य ढांचे तबाह हुए हैं. यह नुकसान सरकारी दावों से अधिक है. इन हमलों में हैंगर, रडार और संचार केंद्रों को निशाना बनाकर अमेरिका को भारी रणनीतिक और आर्थिक चोट पहुंचाई गई है.
पश्चिम एशिया में युद्ध की आग भीषण होती जा रही है. एक तरफ अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए नौसैनिक अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी मीडिया ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमले में दो नागरिक नौकाएं तबाह हो गई हैं.
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका, इजरायल और ईरान की 40 दिन की जंग में 3640 लोग मारे गए. ईरान में 2076, लेबनान में 1497, इजरायल में 26 और अमेरिका में 13 मौतें हुईं. 90 हजार घर, 760 स्कूल और 307 अस्पताल तबाह हो गए. खाड़ी देशों में भी भारी नुकसान हुआ.
US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन दी है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो पावर प्लांट और पुलों पर हमले किए जाएंगे.
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला मुख्य पुल 'किंग फहद कॉजवे' मंगलवार सुबह बंद कर दिया गया है. इस पुल के बंद होने से बहरीन का सड़क संपर्क कट गया है.
ईरान ने बहरीन पर एक बार फिर ड्रोन से हमला किया है. हमले में वहां की बड़ी तेल रिफाइनरी बापको में आग लग गई. बहहीन की मीडिया के मुताबिक हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.