नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी हवाई हमलों में 228 अमेरिकी सैन्य ढांचे तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं. सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में रडार, हैंगर और संचार केंद्रों को भारी नुकसान की बात सामने आई है.
ईरान के हमलों में 228 अमेरिकी सैन्य ढांचे तबाह हुए हैं. यह नुकसान सरकारी दावों से अधिक है. इन हमलों में हैंगर, रडार और संचार केंद्रों को निशाना बनाकर अमेरिका को भारी रणनीतिक और आर्थिक चोट पहुंचाई गई है.
पश्चिम एशिया में युद्ध की आग भीषण होती जा रही है. एक तरफ अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए नौसैनिक अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी मीडिया ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमले में दो नागरिक नौकाएं तबाह हो गई हैं.
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका, इजरायल और ईरान की 40 दिन की जंग में 3640 लोग मारे गए. ईरान में 2076, लेबनान में 1497, इजरायल में 26 और अमेरिका में 13 मौतें हुईं. 90 हजार घर, 760 स्कूल और 307 अस्पताल तबाह हो गए. खाड़ी देशों में भी भारी नुकसान हुआ.
US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन दी है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो पावर प्लांट और पुलों पर हमले किए जाएंगे.
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला मुख्य पुल 'किंग फहद कॉजवे' मंगलवार सुबह बंद कर दिया गया है. इस पुल के बंद होने से बहरीन का सड़क संपर्क कट गया है.
ईरान ने बहरीन पर एक बार फिर ड्रोन से हमला किया है. हमले में वहां की बड़ी तेल रिफाइनरी बापको में आग लग गई. बहहीन की मीडिया के मुताबिक हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
अमेरिका और इजरायल से जंग के बीच ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों पर निशाना साध रहा है. ईरान ने बहरीन के बापको तेल रिफाइनरी पर जबरदस्त हमला किया है. हमले के बाद ऊंची-ऊंची आग की लपटें देखने को मिली और आसमान में काले धुएं का गुबार भी उठा. वहीं ईरान है कि अरब देशों पर हमले रोकने का नाम नहीं ले रहा है.
ईरानी मीडिया ने प्रमुख क्षेत्रीय पुलों को संभावित टार्गेट्स के तौर पर लिस्ट किया है. यह कदम तब उठाया गया, जब अमेरिका और इज़रायल के हमलों में करज का B1 पुल नष्ट हो गया.
सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों का मानना है कि ईरान की वजह से जो खतरा पैदा हुआ है उसे अब केवल कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जा सकता है. वहीं बहरीन लंबे समय से ईरान पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और असंतोष भड़काने का आरोप लगाता रहा है.
मिडिल ईस्ट जंग अभी चलती रहेगी. ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का ऐलान नहीं किया. पिछले कुछ घंटों में अमेरिका-इज़रायल ने ईरान पर हमले बढ़ाए और ईरान ने मिसाइलों से जवाब दिया.
ईरान ने कल कहा था कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा. उसने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है. ईरान की तरफ से सभी खाड़ी देशों में अमेरिका की 18 बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी. इसके जवाब में अमेरिका ने कहा था कि वो तैयार है अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों की सुरक्षा करेगा.
होर्मुज संकट केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में नरमी दिखाई है. बहरीन का संशोधित ड्राफ्ट यह दर्शाता है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में पश्चिमी देश भी रूस-चीन की 'वीटो पावर' को नजरअंदाज नहीं कर सकते.
अमेरिका और इजरायल से ईरान की जारी जंग में ईरान अरब देशों को नहीं भूल रहा. ईरान के अरब देशों पर भी हमले लगातार जारी है. ईरान ने पहले कुवैत एयरपोर्ट को निशाना बनाया और फिर बहरीन के इंडस्ट्रियल एरिया पर भी निशाना साधा. ईरान ने यूएन में भी इन अरब देशों की अमेरिका के हमले के लिए इस्तेमाल होने की शिकायत दर्ज की है.
कभी मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में भारतीय रुपये चलते थे. ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद तक रुपया का रुतबा ऐसा था कि कतर, बहरीन, ओमान, यूएई, सऊदी अरब में भारतीय रुपया का बोलबाला था. फिर 60 के दशक में कुछ ऐसा हुआ कि इन देशों ने अपनी करेंसी शुरू कर दी. जानते हैं आखिर इसके क्या कारण थे.
मिडल ईस्ट में चल रही जंग के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ आया है. सऊदी अरब और यूएई सहित अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने को कहा है.
ईरान द्वारा एक बार फिर से बहरीन में स्थित एल्यूमीनियम प्लांट को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया गया है. यह हमला क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है. एल्यूमीनियम प्लांट को हुए नुकसान की जानकारी मिली है जो इस हमले की गंभीरता को दर्शाती है. इस घटना ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट को और गहरा कर दिया है.
मिडिल ईस्ट जंग का असर बहरीन में दिख रहा है. शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारियां और कस्टडी में मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. बहरीन में शिया समुदाय की आबादी कमोबेश 60% है लेकिन सत्ता कम आबादी वाले सुन्नी समुदाय के शासक के हाथों में है.
ईरान नहीं, लेकिन जंग जारी रही तो इस अरब देश में हो सकता है ‘रिजीम चेंज. बहरीन में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब अंदरूनी हालात पर साफ दिख रहा है. शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और अब तक 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब 32 वर्षीय शिया एक्टिविस्ट मोहम्मद अलमोसावी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई
ईरान के एक एक्सपर्ट ने कहा है कि उनका देश यूएई व बहरीन के तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार है. ईरान की तरफ से ये टिप्पणी ऐसे वक्त में की गई है जब हाल ही में यूएई ने ईरानी हमलों की निंदा की और अमेरिका के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी मजबूत की है.
इजरायल ने बेरूत के बाहरी इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक की. इससे पहले हिजबुल्ला ने आज उत्तरी इजरायल में रमात डेविड एयरबेस को निशाना बनाया था.