बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
ईरान ने दावा किया कि उसके अरश ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया. दोनों पक्षों के हमलों से क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ रहा है.
बहरीन और कुवैत ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर सीक्रेट हवाई हमले किए. UAE ने खुफिया जानकारी और एयर कवर दिया. यह खाड़ी देशों की पहली सामने से जवाबी कार्रवाई है.
ईरानी सेना ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया है. ईरान ने बहरीन के एयरबेस को निशाना बनाया तो वहीं जॉर्डन के एयरबेस पर भी हमले का दावा किया. इन हमलों को ईरान ने अमेरिकी एयर स्ट्राइक का जवाब बताया है. इराक में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर कई सारे धमाके किए गए.
ईरान की जंग में कुवैत-इराक बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है. अल-अब्दाली क्रॉसिंग पर ड्रोन हमला हुआ, पहले हवाई हमले हुए और अब जमीनी संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है.
अमेरिका ने ईरान जंग में B-1 लैंसर, B-2 और B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर्स की ताकत झोंक दी है. ये सुपरसोनिक, स्टेल्थ और लंबी दूरी वाले योद्धा ईरान के परमाणु, मिसाइल और तेल ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं.
ईरान अब अमेरिकी विमानों को सीधे मारने की बजाय उनके रनवे छीन रहा है. इसे डिबेसिफिकेशन कहते हैं. क्षेत्रीय एयरबेस कम होने से अमेरिका के ऑपरेशन मुश्किल हो गए हैं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेसों को लेकर IRGC ने बड़ा दावा किया है. बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है. IRGC ने कहा कि उसके तीन हमलों में बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. IRNA के मुताबिक, IRGC ने कहा कि बहरीन के अल-साखिर एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन मरम्मत और रखरखाव शेड नष्ट कर दिए गए.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने भी ईरान पर एयरस्ट्राइक की है. होर्मुज में दो तेल टैंकरों में बड़े धमाके के बाद आग लग गई. ऐसे में कतर ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र भेजकर ईरान की इन हमलों में मुआवजे की मांग की है.
नौ रातों के लड़ाई में अमेरिका-ईरान टकराव तेज हो गया है. जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान, ईरान में बुनियादी ढांचे की भारी तबाही हुई है. मिडिल ईस्ट के कई देश प्रभावित हुए हैं.
उत्तर इराक में एक ईरानी ड्रोन के फटने से एक अमेरिकी सैनिक की मौत और एक के घायल होने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं.
ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसने सीरिया के अल-तनफ और कतर के अल उदैद अमेरिकी बेस पर हमला किया. इसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए और रडार व एयरक्राफ्ट नष्ट हुए.
ईरानी सेना ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़ा ड्रोन हमला किया. ईरानी सेना के अनुसार, बहरीन का अल-सखीर एयर बेस उनका मुख्य निशाना था. इस बेस पर अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर और P-8 टोही विमान तैनात हैं. हमले को अंजाम देने के लिए ईरान ने अपने आधुनिक 'आराश' सुसाइड/विस्फोटक ड्रोनों का इस्तेमाल किया. देखें वीडियो.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरानी मीडिया ने पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया. इसके बाद क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई, समुद्री गतिविधियों और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर, बहरीन और कुवैत भी जंग की चपेट में आ गए हैं. कतर ने मिसाइल हमलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है, जबकि ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया.
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में करीब 50 हजार सैनिकों और अत्याधुनिक विमानों के साथ इतिहास की सबसे बड़ी जंगी तैयारी की है, जबकि ईरान अपने अभेद्य अंडरग्राउंड पहाड़ी बंकरों और गुरिल्ला रणनीति के जरिए लड़ने के लिए तैयार है.
ईरान ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट के देशों को निशाना बनाया है. ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमला किया. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक कुवैत के अमेरिकी बेस पर दो हमले हुए. वहीं कई जगहों पर धमाकों की आवाज सुनी गई. कुवैत सेना ने बयान जारी कहा, कल तक 4 क्रूज मिसाइलों और 21 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया है. वहीं ईरानी हमलों के बाद बहरीन में भी सायरन बज रहे हैं.
ईरान और अमेरिका फिर से युद्ध के मैदान में आ डटे हैं. खाड़ी में कुछ महीनों से जारी जंग के इस नए फेज की वजह न तो परमाणु हथियार हैं, ना ही लंबी दूरी की मिसाइलें. अंकल सैम और ईरान में ताजा सैन्य टकराव की वजह बना है होर्मुज. अमेरिका होर्मुज पर कंट्रोल का दावा करते हुए हर रोज सुरक्षित पार कराए गए जहाजों के आंकड़े गिना रहा है, वहीं ईरान भी हर रोज होर्मुज से गुजरते जहाजों को निशाना बना रहा है. इन दो देशों की जंग में कुछ ऐसे देश भी पिस रहे हैं, जिनका इस युद्ध से दूर-दूर तक कोई सीधा संबंध नहीं है.
ईरान ने मिडिल-ईस्ट के तीन देशों जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं. जॉर्डन ने चार मिसाइलों को हवा में मार गिराया जबकि ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की. बहरीन में तीसरी बार मिसाइल अलर्ट जारी किया गया.
अमेरिका के हमलों का ईरान ने करारा जवाब दिया है. ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर जवाबी हमला किया है. इससे पहले ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और कतर में भी अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले किए थे. इस बीच ईरानी ने सेना ने अमेरिका की चुटकी लेते हुए कहा कि बिना लड़े अमेरिका का मन नहीं लगता.
ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले करे, जबकि अमेरिका ने ईरान में तबाही मचाई. सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन, कतर, बहरीन में नुकसान और ईरान के बूशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास बर्बादी दिखी.