ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसने सीरिया के अल-तनफ और कतर के अल उदैद अमेरिकी बेस पर हमला किया. इसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए और रडार व एयरक्राफ्ट नष्ट हुए.
ईरानी सेना ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़ा ड्रोन हमला किया. ईरानी सेना के अनुसार, बहरीन का अल-सखीर एयर बेस उनका मुख्य निशाना था. इस बेस पर अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर और P-8 टोही विमान तैनात हैं. हमले को अंजाम देने के लिए ईरान ने अपने आधुनिक 'आराश' सुसाइड/विस्फोटक ड्रोनों का इस्तेमाल किया. देखें वीडियो.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरानी मीडिया ने पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया. इसके बाद क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई, समुद्री गतिविधियों और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर, बहरीन और कुवैत भी जंग की चपेट में आ गए हैं. कतर ने मिसाइल हमलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है, जबकि ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया.
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में करीब 50 हजार सैनिकों और अत्याधुनिक विमानों के साथ इतिहास की सबसे बड़ी जंगी तैयारी की है, जबकि ईरान अपने अभेद्य अंडरग्राउंड पहाड़ी बंकरों और गुरिल्ला रणनीति के जरिए लड़ने के लिए तैयार है.
ईरान ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट के देशों को निशाना बनाया है. ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमला किया. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक कुवैत के अमेरिकी बेस पर दो हमले हुए. वहीं कई जगहों पर धमाकों की आवाज सुनी गई. कुवैत सेना ने बयान जारी कहा, कल तक 4 क्रूज मिसाइलों और 21 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया है. वहीं ईरानी हमलों के बाद बहरीन में भी सायरन बज रहे हैं.
ईरान और अमेरिका फिर से युद्ध के मैदान में आ डटे हैं. खाड़ी में कुछ महीनों से जारी जंग के इस नए फेज की वजह न तो परमाणु हथियार हैं, ना ही लंबी दूरी की मिसाइलें. अंकल सैम और ईरान में ताजा सैन्य टकराव की वजह बना है होर्मुज. अमेरिका होर्मुज पर कंट्रोल का दावा करते हुए हर रोज सुरक्षित पार कराए गए जहाजों के आंकड़े गिना रहा है, वहीं ईरान भी हर रोज होर्मुज से गुजरते जहाजों को निशाना बना रहा है. इन दो देशों की जंग में कुछ ऐसे देश भी पिस रहे हैं, जिनका इस युद्ध से दूर-दूर तक कोई सीधा संबंध नहीं है.
ईरान ने मिडिल-ईस्ट के तीन देशों जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं. जॉर्डन ने चार मिसाइलों को हवा में मार गिराया जबकि ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की. बहरीन में तीसरी बार मिसाइल अलर्ट जारी किया गया.
अमेरिका के हमलों का ईरान ने करारा जवाब दिया है. ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर जवाबी हमला किया है. इससे पहले ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और कतर में भी अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले किए थे. इस बीच ईरानी ने सेना ने अमेरिका की चुटकी लेते हुए कहा कि बिना लड़े अमेरिका का मन नहीं लगता.
ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले करे, जबकि अमेरिका ने ईरान में तबाही मचाई. सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन, कतर, बहरीन में नुकसान और ईरान के बूशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास बर्बादी दिखी.
अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया। कतर ने हाई अलर्ट जारी कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। वहीं UAE ने बताया कि उसने ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज पर तनाव बढ़ गया है. ईरान ने जहाजों पर हमला कर खाड़ी को बंद किया. बदले में ट्रंप ने 300 टारगेट्स तबाह किए. ईरान ने जॉर्डन, बहरीन समेत कई अमेरिकी बेसों पर मिसाइलें दागीं.
करीब तीन महीने चली ईरान बनाम अमेरिका-इजरायल जंग के सीजफायर के बाद अब बमबारी का दूसरा दौर शुरू हो गया है. ऑयल और गैस टैंकरों पर हमले का हवाला देकर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो ईरान की तरफ से भी पलटवार हुआ. लेकिन, इस बार उसके टारगेट नए थे.
28 फरवरी 2026 को ट्रंप-इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए, जो न्यूक्लियर साइट्स पर किए थे. ईरान ने जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. जंग पूरी तरह से ऑयल रूट पर शिफ्ट हो गया.
खाड़ी देश बहरीन से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में अचानक आपातकालीन चेतावनी सायरन (अलार्म सायरन) बजाकर सभी नागरिकों और प्रवासियों को तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने का कड़ा निर्देश जारी किया है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. बता दें कि वो 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे पर हैं. इसके बाद वो 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे.
कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देश तेल और गैस से समृद्ध हैं. यहां के शहरों में अत्याधुनिक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेप किया गया है. इन देशों ने अर्बन मॉर्डनाइजेशन के हर स्टैंडर्ड को पूरा करते हुए अपने शहरों को सजा रखा है, लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि यहां रेलवे जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं. आखिर ऐसा कैसे हो सकता है और इसकी वजह किया है.
ईरानी सेना ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है और कहा है कि दोबारा हमला हुआ तो अंजाम और बुरा होगा. वहीं अमेरिका ने कहा कि ईरान ने समझौता तोड़ा है. अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया.
ईऱान ने अमेरिकी हमलों के पलटवार में बहरीन और कुवैत में US सैन्स बेस को निशाना बनाया. बहरीन के मुहर्रक में ईरानी हमले से रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा. ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि IRGC ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए. कुवैत में अली अल-सलेम बेस और बहरीन के सलमान पोर्ट में अमेरिकी पांचवें बेड़े के आठ अहम सैन्य बुनियादी ढांचा स्थलों को निशाना बनाने का दावा किया. देखें.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन पर ड्रोन हमले किए. ईरान की ओर से कहा कि उसने इन हमलों के जरिए बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन के सबसे ऊंचे पहाड़ जबल अल-दुखान पर तैनात अमेरिका के लंबी दूरी के रडार को तबाह कर दिया. ईरान से जुड़ी सोशल मीडिया साइट्स ने सैटेलाइट तस्वीर के साथ उस पहाड़ पर हमले की तस्वीर भी साझा की. बताया जा रहा कि ये अमेरिका का AR-327 या AN/FPS-132 किस्म का early warning radar था. देखें वीडियो.