अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के 96 घंटे यानी चार दिनों के अंदर अमेरिकी सेना हमला शुरू कर सकती है. 26 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया गया है. अमेरिका के पास हमले के लिए जरूरी सैन्य ताकत मौजूद है. संभावित हमले में ईरान के रडार, मिसाइल लॉन्चर और दूसरे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है.
अभी ट्रंप ने हमले का अंतिम आदेश नहीं दिया है. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप साल के अंत से पहले हमले की मंजूरी दे सकते हैं. इसके लिए 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद का समय अहम माना जा रहा है. इस बीच, इजरायल भी ईरान के खिलाफ अमेरिका के अगले कदम पर नजर रख रहा है.
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किन ठिकानों पर हमला कर सकता है अमेरिका?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की योजना में ईरान के कई सैन्य ठिकाने शामिल हैं. इनमें रडार सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और दूसरे जरूरी सैन्य ठिकाने हो सकते हैं. इसके अलावा, ईरान के ऊर्जा से जुड़े ठिकानों और परमाणु केंद्रों को भी संभावित निशाने के तौर पर देखा जा रहा है.
रडार की मदद से दुश्मन के विमानों और दूसरी सैन्य गतिविधियों का पता लगाया जाता है. वहीं, मिसाइल लॉन्चर से मिसाइलें दागी जाती हैं. अगर इन ठिकानों पर हमला होता है, तो ईरान की निगरानी करने और जवाबी हमला करने की ताकत पर असर पड़ सकता है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका किन ठिकानों पर हमला करेगा.
3 नवंबर के चुनाव के बाद बढ़ सकता है तनाव
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप साल 2026 के अंत से पहले ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं. लेकिन यह सिर्फ अधिकारियों का अनुमान है. हमले की कोई तय तारीख सामने नहीं आई है. अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं. इन चुनावों में अमेरिकी संसद के कई सदस्यों को चुना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अधिकारियों को लगता है कि चुनाव के बाद ईरान पर हमले को लेकर फैसला हो सकता है. हालांकि, ट्रंप क्या फैसला लेंगे, यह अभी साफ नहीं है.
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इजरायल भी रख रहा नजर
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजरायल की भूमिका भी अहम हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के कुछ अधिकारी चुनाव के बाद ईरान के साथ सैन्य टकराव की आशंका जता रहे हैं. अगर ट्रंप हमले की मंजूरी देते हैं, तो इजरायल भी अपनी सैन्य कार्रवाई कर सकता है.

दोनों देशों की ओर से किसी संयुक्त हमले की अंतिम घोषणा नहीं हुई है. अगर अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमला करते हैं, तो पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है. ईरान जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है. इससे संघर्ष और बढ़ने का खतरा रहेगा.
फिलहाल, अमेरिकी सेना की तैयारी और हमले का अंतिम फैसला अलग-अलग बातें हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आदेश मिलने पर अमेरिकी सेना 96 घंटे के अंदर कार्रवाई कर सकती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमला जरूर होगा. अब सबकी नजर ट्रंप के अगले कदम पर है. अगर अमेरिका हमला करता है, तो ईरान की प्रतिक्रिया और इजरायल की भूमिका से पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.