ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा है कि अमेरिका क्षेत्र में अच्छी स्थिति में नहीं है. उनके अनुसार अगर अमेरिका सचमुच मजबूत स्थिति में होता तो वह मौजूदा हालात बदलने की इतनी कोशिश नहीं करता. वह यथास्थिति से संतुष्ट रहता.
अकरमिनिया का दावा है कि वर्तमान स्थिति अमेरिका के लिए न तो अनुकूल है और न ही जरूरी. इसलिए वह किसी सैन्य कार्रवाई, आक्रामकता या हमले का सहारा ले सकता है. यह बयान क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है. ईरानी पक्ष बार-बार अमेरिकी मौजूदगी और नीतियों पर सवाल उठाता रहा है. अकरमिनिया ने साफ कहा कि आज ईरान पहले से कहीं ज्यादा तैयार है.
अकरमिनिया ने जोर देकर कहा कि ईरान 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध और आक्रामकता के समय की तुलना में अब बेहतर स्थिति में है. नैतिक बल, प्रेरणा, मनोवैज्ञानिक तैयारी और आत्मविश्वास के मामले में सुधार हुआ है.
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हार्डवेयर-सॉफ्यवेयर दोनों हैं तैयार
हथियारों के मामले में भी प्रगति हुई है. सेना ने अपने हथियारों को अपग्रेड किया है, नए सिस्टम को युद्ध क्रम में शामिल किया है और उनके साथ प्रशिक्षण लिया है. वे हार्डवेयर यानी हथियारों और सॉफ्टवेयर यानी मानसिक तथा प्रशिक्षण संबंधी तैयारी दोनों में बेहतर हैं.
यह दावा ईरान की सैन्य क्षमता पर जोर देने वाला है. प्रवक्ता का मकसद घरेलू और क्षेत्रीय स्तर पर संदेश देना लगता है कि कोई भी नई कार्रवाई आसानी से सफल नहीं होगी.
Iran's army voices readiness for potential renewed US attack https://t.co/SKexNafKS0 https://t.co/SKexNafKS0
— Reuters (@Reuters) September 27, 2026
अकरमिनिया ने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन फिर कोई आक्रामकता करता है तो क्षेत्र में पहले से कहीं ज्यादा युद्ध, अस्थिरता और हिंसा फैल सकती है. क्षेत्र के देश और ज्यादा नुकसान झेलेंगे. यह बयान क्षेत्रीय देशों को भी संबोधित लगता है कि कोई भी नया संघर्ष सबको प्रभावित करेगा.
ईरान लंबे समय से अपनी रक्षात्मक तैयारियों पर जोर देता आया है. ऐसे बयान अक्सर तनाव बढ़ने पर आते हैं और दोनों पक्षों की स्थिति को रेखांकित करते हैं. अमेरिका की क्षेत्रीय नीति और ईरान की प्रतिक्रिया के बीच यह बयान एक और अध्याय जोड़ता है.
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क्या मायने हैं इस बयान के?
अकरमिनिया के शब्दों से दो संदेश निकलते हैं....
क्षेत्र में पहले से तनावपूर्ण माहौल है. ऐसे बयान कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर चर्चा बढ़ाते हैं. पर्यवेक्षक इसे सामान्य सैन्य बयानबाजी मान सकते हैं या वास्तविक तैयारी का संकेत. आधिकारिक अमेरिकी प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है.
ईरानी सेना के प्रवक्ता का यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा की नाजुक स्थिति को रेखांकित करता है. अमेरिका की स्थिति को कमजोर बताते हुए ईरान ने अपनी बढ़ी हुई तैयारी का दावा किया है. अगर कोई नई कार्रवाई होती है तो नुकसान बड़े पैमाने पर हो सकता है- यह चेतावनी साफ है. फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति दोहरा रहे हैं और क्षेत्र अस्थिर बना हुआ है. आगे की स्थिति संवाद या तनाव बढ़ने पर निर्भर करेगी.