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नशे की लत ने बना दिया वाहन चोर, अजमेर पुलिस ने बरामद की 30 चोरी की बाइक, 2 शातिर गिरफ्तार

अजमेर पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 30 चोरी के दुपहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस ने 50 लाख की कीमत के वाहन बरामद किए हैं (फोटो-ITG)
पुलिस ने 50 लाख की कीमत के वाहन बरामद किए हैं (फोटो-ITG)

राजस्थान में अजमेर पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 चोरी के दुपहिया वाहन बरामद किए हैं. बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. इस कार्रवाई का खुलासा एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने किया.

एसपी ने बताया कि जिले में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया था. इस टीम का नेतृत्व सरोज चौधरी कर रहे थे. टीम में एएसआई आत्माराम, कांस्टेबल सुखराम, भोमाराम, प्रधान और दिनेश को शामिल किया गया था. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद जाल बिछाकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया.

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई शहरों से बाइक चोरी करने की बात कबूल कर ली. बरामद 30 वाहनों में 11 रॉयल एनफील्ड बुलेट, 17 अन्य मोटरसाइकिलें और 2 स्कूटी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार आरोपी अलग-अलग इलाकों में रेकी कर वाहनों को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही चोरी कर फरार हो जाते थे.

बरामद किए गए वाहन अजमेर शहर, पीसांगन, पुष्कर, जोधपुर, जैतारण, डेगाना, जयपुर, खाटूश्यामजी, चंपाखेड़ा और भोपालगढ़ समेत कई इलाकों से चोरी किए गए थे. इनमें अकेले अजमेर शहर से 5 से 6 बाइक और पीसांगन क्षेत्र से 3 बाइक बरामद हुई हैं. पुलिस अब इन वाहनों के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है.

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरहुद्दीन उर्फ शेरू और लक्ष्मण राम मेघवाल के रूप में हुई है. दोनों नागौर जिले के मेड़ता सिटी के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक सरहुद्दीन हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ नकबजनी तथा आर्म्स एक्ट सहित 15 मामले पहले से दर्ज हैं. दोनों आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों में शामिल थे.

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि आरोपी नशे की लत पूरी करने के लिए बाइक चोरी करते थे. चोरी के बाद वे वाहनों को सुनसान जगहों या झाड़ियों में छिपा देते थे और बाद में उन्हें सस्ते दामों में बेच देते थे. उन्होंने कहा कि अजमेर पुलिस का उद्देश्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय कायम रखना है. फिलहाल, पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है.

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