दो साल पहले सत्ता से हटाए जाने और देश छोड़ने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में दोषी ठहराए गए उग्रवादियों को रिहा कर दिया गया है. उनके सलाहकार और बेटे, साजीब वाजेद जॉय ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश 'एक और पाकिस्तान' बन गया है और कहा कि यह घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए.
साजीब ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान हसीना ने भारत-विरोधी तत्वों और आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई की थी.
हसीना नई दिल्ली में 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो कॉल के जरिए लोगों को संबोधित कर रही थीं.
हसीना और उनके बेटे की ये चेतावनियां ऐसे वक्त में आई हैं जब अगस्त 2024 में ढाका में सरकार बदलने के बाद से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच राजनयिक और राजनीतिक संबंध फिर से बहाल होने की खबरें आ रही हैं.
हसीना के पूर्व ICT सलाहकार जॉय ने कहा कि मुहम्मद यूनुस के शासन में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई और यह एक 'रोग स्टेट' (मनमानी करने वाला देश) बन जाएगा. उन्होंने दावा किया कि हसीना के हटने के बाद भी पुलिस हिरासत में हत्याएं जारी रहीं और "सरकार ने 5 अगस्त 2024 से राजनीतिक हत्याओं को कानूनी मान्यता दे दी है.
जॉय ने जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या में अंतर पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 1,400 मौतों की रिपोर्ट दी थी, जबकि सरकार ने 800 मौतें बताईं. उन्होंने पूछा कि बाकी 600 लोग कौन थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले प्रदर्शनकारियों को छूट दी गई, जिससे उन पर मुकदमा नहीं चल सका. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से सत्ता परिवर्तन के बाद हुई हिंसा की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया.