कच्चा तेल लंबे समय से दुनिया को डरा रहा है. इसकी कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई है, लेकिन अब Crude Oil Price को लेकर विदेश से बड़ी खबर आई है. गोल्डमैन सैश रिसर्च की ओर से कहा गया है कि कच्चे तेल के दाम गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ सकते हैं. इसके एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये 2027 में देखने को मिल सकता है, उन्होंने इसके पीछे की वजह का भी जिक्र किया है.
क्या अनुमान लगा रहे एक्सपर्ट?
गोल्डमैन सैश के ग्लोबल कमोडिटी रिसर्च के सह-प्रमुख और तेल अनुसंधान के प्रमुख डान स्ट्रुवेन ने तमाम कारक बताते हुए तेल की कीमतें क्रैश होने का ये अनुमान जाहिर किया है. उन्होंने कहा है कि ब्रेंट क्रूड का भाव दिसंबर 2026 में 90 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है, जो गोल्डमैन सैक्स के पिछले पूर्वानुमान 85 डॉलर से अधिक है. Goldman Sachs के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 2027 में औसतन 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.
तेल की कीमतें क्रैश क्यों होंगी?
डान स्टूवेन ने तेल की कीमतों में 2027 में आने वाले क्रैश के पीछे की वजह के बारे में भी बताया है. उन्होंने कहा कि इसके पीछे वजह ये है कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तेल की आपूर्ति में आई बाधाओं से धीरे-धीरे उबरना शुरू हो जाएगा. हालांकि, इन्वेस्टमेंट बैंक की ओर से ये चेतावनी भी दी गई है कि कीमतों में फिर से होने वाली वृद्धि के चलते कीमतें अनुमान से अधिक समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं.
स्ट्रुवेन और उनकी टीम ने एक रिसर्च रिपोर्ट में लिखा है कि, 'हमारा मूल अनुमान यही है कि वेस्ट एशिया से तेल की आपूर्ति में निरंतर सुधार से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी, जबकि संभावित नए सिरे से तनाव बढ़ने से कीमतों में काफी वृद्धि का जोखिम बना हुआ है.'
यहां दिख रहा बड़ा सुधार
Goldman Sachs के शोधकर्ताओं की मानें, तो फारस की खाड़ी से तेल निर्यात में उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से सुधार हुआ है. सितंबर के अंत से यह 2025 के औसत के आसपास बना हुआ है. इस अनुमान में प्रतिदिन लगभग चार मिलियन बैरल का अज्ञात निर्यात भी शामिल है.
अज्ञात से मतलब ऐसे टैंकरों द्वारा ले जाए जाने वाला माल जिनमें ट्रांसपोंडर बंद रखे जाते हैं, ताकि उनकी आवाजाही को छिपाया जा सके. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि वैश्विक तेल बाजार 2026 की चौथी तिमाही में अधिशेष की स्थिति में आ जाएगा और 2027 में भी अधिशेष बना रहेगा, जिससे कीमतों में नरमी आएगी.
गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि सितंबर में बाजार लगभग संतुलित था, डिमांड सप्लाई से मात्र 0.3 मिलियन बैरल प्रति दिन अधिक थी, जबकि मार्च में यह कमी 7.2 मिलियन बैरल प्रति दिन थी. एक्सपर्ट ने कहा है कि फारस की खाड़ी के बाहर अधिक उत्पादन और कमजोर मांग ने इस अंतर को कम करने में मदद की है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ईरान युद्ध से संबंधित तेल संकट के कारण डिमांड में आई भारी कमी 2027 की चौथी तिमाही तक काफी हद तक कम हो जाएगी.
अभी क्या है कच्चे तेल का रेट?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आने वाली बड़ी गिरावट का अनुमान जाहिर करते हुए गोल्डमैन सैश रिसर्च रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि निर्यात में सुधार के बावजूद, कच्चे तेल की भौतिक कीमतें अभी ऊंची बनी हुई हैं. अगले महीने डिलीवरी के लिए निर्धारित डेटेड ब्रेंट का भाव 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा ब्रेंट क्रूड प्राइस 110 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है.