IMF के मॉनिटरी और कैपिटल मार्केट डिपॉर्टमेंट की डिप्टी डायरेक्टर एथनासियोस वामवाकिडिस ने बिजनेस टुडे को बताया कि वर्ल्ड AI मार्केट्स में सुधार से भारत को इनडायरेक्ट तौर पर नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि उभरते बाजारों से पूंजी निकालना और इसकी टेक सर्विसेज और बैंक-ऑफिस संचालन के भविष्य को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.
वामवाकिडिस ने कहा कि हालांकि भारत अन्य बाजारों की तरह AI इकोसिस्टम का उतना हिस्सा नहीं रहा है, लेकिन रिस्क भरी असेट से दूर बदलाव उभरते बाजारों में निवेश को प्रभावित कर सकता है, जिसमें भारत में होने वाला निवेश भी शामिल है. उन्होंने कहा कि इसकी उत्पत्ति उभरते बाजारों से नहीं होगी, लेकिन जब कोई बाजार रिस्क को कम करने की कोशिश करता है, तो उभरते बाजारों में निवेश प्रभावित होता है और इस नजरिए में भारत भी प्रभावित होगा.
इस कारण आ सकती है बड़ी गिरावट
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब IMF ने बढ़ते सॉवरेन बॉन्ड यील्ड, AI ऑपरेशन इक्विटी मार्केट में संभावित करेक्शन और साइबर सुरक्षा खतरों को ग्लोबल फाइनेंशियल स्थिरता के लिए जुड़े जोखिमों के रूप में पहचान किया है. वामवाकिडिस ने कहा कि सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी तात्कालिक चिंता का विषय है. इसमें और बढ़ोतरी होने से इक्विटी बाजार में गिरावट आ सकती है, जिसमें एआई शेयरों में गिरावट भी शामिल है, जिसका बॉन्ड, क्रेडिट बाजार और वास्तविक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा.
अभी एआई बबल जैसी स्थिति नहीं
AI बबल की संभावना पर उन्होंने कहा कि मजबूत आय के कारण मौजूदा वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है. हालांकि, कंपनियों की आय में किसी भी तरह की कमजोर वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ सकता है और बिकवाली को बढ़ावा दे सकती है.
भारत के लिए एक और संभावित रिस्क AI के पारंपरिक टेक सर्विस, सॉफ्टवेयर और बैक-ऑफिस संचालन पर पड़ने वाले प्रभावों में शामिल है, ऐसे क्षेत्र जिनमें देश ने काफी मजबूती हासिल की है.
वामवाकिडिस ने कहा कि दूसरा पहलू बाजार की चिंताएं हैं कि AI का टेक के पिछले हिस्से, जैसे सॉफ्टवेयर, बैक ऑफिस ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स में निगेटिव प्रभाव पड़ सकता है, जहां भारत खासतौर पर मजबूत रहा है. हालांकि, उन्होंने इसके संभावित प्रभाव के बारे में कोई ठोस निष्कर्ष निकालने के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा कि एआई व्यवधान को लेकर चिंताओं पर बाजार की प्रतिक्रियाएं कभी-कभी अत्यधिक रही हैं, और आईएमएफ को अभी तक वास्तविक अर्थव्यवस्था के आंकड़ों में इसका कोई समान प्रभाव नहीं दिख रहा है.
बाजार में दिखने लगा असर
IMF की चेतावनी के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई. खासकर बैंकिंग, एआई और टेक शेयर में बिकवाली जारी रही. आईएमएफ ने भी इन्हीं सेक्टर्स को लेकर चेतावनी दी है. हालांकि इस गिरावट के कुछ और भी वजह शामिल हैं, जिसमें कच्चे तेल के दाम में तेजी, तिमाही नतीजे और हैवीवेट शेयरों की बिकवाली हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि मार्केट आगे भी इस चेतावनी पर रिएक्ट करता है या नहीं.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)